Greater Noida Expo News : ग्रेटर नोएडा बनेगा हरित क्रांति का केंद्र, 30 अक्टूबर से आरईआई और बैटरी शो इंडिया 2025 का भव्य आगाज, 55 हजार से अधिक उद्योग विशेषज्ञ होंगे शामिल, 1050 से अधिक प्रदर्शक, 55,000 उद्योग विशेषज्ञ होंगे शामिल, 420% वार्षिक वृद्धि के साथ भारत बना नवीकरणीय ऊर्जा का ग्लोबल हब

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र को नई दिशा देने जा रहा है ग्रेटर नोएडा का इंडिया एक्सपो मार्ट, जहां 30 अक्टूबर से 1 नवंबर 2025 तक एशिया का सबसे बड़ा स्वच्छ ऊर्जा समागम — “रिन्यूएबल एनर्जी इंडिया एक्सपो (REI) 2025” और “द बैटरी शो इंडिया (TBSI) 2025” आयोजित किया जा रहा है। इस भव्य आयोजन का संयुक्त संचालन इन्फॉर्मा मार्केट्स इन इंडिया द्वारा किया जा रहा है, जो हरित तकनीक, ऊर्जा भंडारण और सतत विकास के क्षेत्र में भारत को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
“नेट ज़ीरो प्राप्त करने के लिए मार्ग का निर्धारण” थीम पर होगा आयोजन
इस वर्ष का आयोजन “नेट ज़ीरो प्राप्त करने के लिए मार्ग का निर्धारण” थीम पर आधारित है, जिसके अंतर्गत स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन से लेकर बैटरी भंडारण, ईवी चार्जिंग और ऊर्जा पुनर्चक्रण तक की पूरी मूल्य श्रृंखला को एक ही मंच पर लाया जा रहा है।
यह आयोजन न केवल प्रदूषण-मुक्त भविष्य की रूपरेखा प्रस्तुत करेगा, बल्कि भारत के ‘ऊर्जा आत्मनिर्भरता अभियान’ को भी मजबूत करेगा।
1050 से अधिक प्रदर्शक, 55,000 उद्योग विशेषज्ञ होंगे शामिल
इस बार के आयोजन में 1050 से अधिक प्रदर्शक, 55,000 से अधिक उद्योग विशेषज्ञ, और 250 वैश्विक विचारक हिस्सा लेंगे। रिन्यूएबल एनर्जी इंडिया एक्सपो (REI) के 18वें संस्करण और द बैटरी शो इंडिया (TBSI) के तीसरे संस्करण को लेकर देश और विदेश की कंपनियों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।
दोनों प्रदर्शनियों में भारत, जर्मनी, जापान, अमेरिका, चीन, सिंगापुर और यूएई जैसे देशों की शीर्ष स्वच्छ ऊर्जा कंपनियाँ भाग लेंगी।
प्रदर्शनी में सौर, पवन, बायोमास और बैटरी स्टोरेज का होगा संगम
इस आयोजन में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, बायोमास, हाइड्रोजन ऊर्जा, ईवी चार्जिंग तकनीक, बैटरी भंडारण और ऊर्जा प्रबंधन समाधानों से जुड़े इनोवेशन को प्रदर्शित किया जाएगा। REI एक्सपो में 700 से अधिक प्रदर्शक और 1000 से ज्यादा ब्रांड अपनी तकनीक दिखाएंगे, जबकि TBSI में 350 से अधिक कंपनियाँ 400 से ज्यादा अत्याधुनिक ऊर्जा समाधान प्रस्तुत करेंगी।
विशेष “जैव ऊर्जा मंडप” होगा आकर्षण का केंद्र
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के सहयोग से एक विशेष “जैव ऊर्जा मंडप” भी तैयार किया जा रहा है, जिसमें 65 अंतरराष्ट्रीय कंपनियाँ भाग लेंगी।
यह मंडप कृषि अपशिष्ट, बायोमास गैसिफिकेशन और जैव ईंधन तकनीक से जुड़ी नई दिशा को प्रदर्शित करेगा।
सरकारी सहयोग और संस्थागत समर्थन
इस आयोजन को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारी उद्योग मंत्रालय, और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का सहयोग प्राप्त है।
इसके अलावा, ओडिशा सरकार इस वर्ष राज्य भागीदार (State Partner) के रूप में शामिल है, जो भारत के पूर्वी क्षेत्र में हरित ऊर्जा निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।
“भारत ऊर्जा क्रांति के नेतृत्व में है” – योगेश मुद्रास
इन्फॉर्मा मार्केट्स इन इंडिया के प्रबंध निदेशक योगेश मुद्रास ने कहा “भारत अब 242.8 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता के साथ वैश्विक हरित ऊर्जा नेतृत्व की ओर अग्रसर है। 2014 में 76 गीगावाट से 2025 में 234 गीगावाट तक की यात्रा केवल विकास नहीं, बल्कि एक ऊर्जा क्रांति है। यह आयोजन भारत की प्रतिबद्धता और नवाचार क्षमता को विश्व के सामने प्रस्तुत करेगा।”
420% वार्षिक वृद्धि के साथ भारत बना नवीकरणीय ऊर्जा का ग्लोबल हब
भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में 2024-25 के दौरान 420% की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह आयोजन भारत को नेट ज़ीरो मिशन 2070 के लक्ष्य तक पहुँचाने में मील का पत्थर साबित होगा। यह एक्सपो न केवल तकनीकी नवाचारों का प्रदर्शन होगा, बल्कि यह वैश्विक निवेशकों, नीति-निर्माताओं और शोधकर्ताओं के लिए सहयोग का मंच भी बनेगा।
अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की नजर भारत पर
इस आयोजन में टेस्ला, एलजी एनर्जी सॉल्यूशंस, सुजलोंग, अदानी ग्रीन एनर्जी, टाटा पावर सोलर, विक्रम सोलर, रिलायंस न्यू एनर्जी और ह्यूंडई एनर्जी जैसी कंपनियाँ अपनी नवीनतम तकनीकें प्रदर्शित करेंगी।
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि “ग्रेटर नोएडा” आने वाले समय में भारत का “ग्रीन टेक्नोलॉजी हब” बन सकता है, क्योंकि यहां ईवी, सोलर और एनर्जी स्टोरेज उद्योगों का तीव्र विकास देखा जा रहा है।
ग्रेटर नोएडा की भूमिका: ऊर्जा नवाचार का केंद्र
यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) के क्षेत्र में कई स्वच्छ ऊर्जा और ईवी निवेश प्रोजेक्ट पहले से चल रहे हैं। जेवर एयरपोर्ट, लॉजिस्टिक हब और डेटा सेंटर पार्क के साथ यह क्षेत्र अब ऊर्जा नवाचार का प्रमुख केंद्र बन रहा है।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि इस तरह के आयोजनों से न केवल आर्थिक निवेश बढ़ेगा, बल्कि हजारों रोजगार अवसर भी पैदा होंगे।
उद्योग विशेषज्ञों की राय
ऊर्जा विश्लेषक डॉ. विपुल त्रिवेदी के अनुसार “भारत अब ऊर्जा के क्षेत्र में ‘आयातक’ नहीं बल्कि ‘आविष्कारक’ की भूमिका में है। आरईआई और बैटरी शो इंडिया जैसे आयोजन यह दिखाते हैं कि देश किस गति से हरित भविष्य की ओर अग्रसर है।”
वहीं, एनर्जी काउंसिल ऑफ इंडिया के सचिव रमेश भारद्वाज ने कहा “ग्रेटर नोएडा में इस तरह के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से उत्तर भारत के उद्योग और तकनीकी संस्थानों को बड़ा फायदा होगा। इससे युवाओं को नए अवसर मिलेंगे और स्टार्टअप इकोसिस्टम भी मजबूत होगा।”
भारत का हरित भविष्य यहीं से तय होगा
“आरईआई और द बैटरी शो इंडिया 2025” न केवल तकनीकी और औद्योगिक आयोजन हैं, बल्कि यह भारत के ‘ऊर्जा आत्मनिर्भरता अभियान’ की वास्तविक झलक भी पेश करते हैं। इस आयोजन से भारत को एक ऐसे भविष्य की दिशा मिलेगी, जो सस्टेनेबल, प्रदूषण-मुक्त और ऊर्जा-कुशल होगा।
तीन दिनों तक ग्रेटर नोएडा बनेगा हरित ऊर्जा नवाचार का केंद्र, जहां से भारत की नई ऊर्जा कहानी लिखी जाएगी।
भारत अब केवल “ऊर्जा उपभोक्ता” नहीं, बल्कि “ऊर्जा निर्माता” बन चुका है।
ग्रेटर नोएडा में होने वाला यह आयोजन आने वाले दशक में भारत की स्वच्छ ऊर्जा नीति, वैश्विक निवेश और पर्यावरणीय दृष्टिकोण को नई दिशा देगा।



