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YEIDA 25 Silver Jubilee News : “एक्सप्रेसवे से एक्सीलरेशन, एयरपोर्ट से उड़ान और इंडस्ट्री से पहचान!”, YEIDA के Phase-2 मास्टर प्लान ने बदली विकास की पूरी कहानी, कनेक्टिविटी का मेगा नेटवर्क एयरपोर्ट, सड़क, रेल और एक्सप्रेसवे का संगम, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्नोलॉजी का नया हब

जेवर, रफ़्तार टूडे। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी Yamuna Expressway Industrial Development Authority का इलाका अब उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के सबसे तेजी से उभरते विकास केंद्रों में शामिल होता जा रहा है। फेज-2 मास्टर प्लान, जेवर एयरपोर्ट, और दर्जनों इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स के चलते यह क्षेत्र एक बड़े आर्थिक और औद्योगिक हब के रूप में विकसित हो रहा है। 25 वीं सिल्वर जुबली के मौके पर प्राधिकरण के सीईओ राकेश सिंह ने विकास की इस तेज रफ्तार को विस्तार से साझा किया।


फेज-2 मास्टर प्लान: चार जिलों में फैलेगा विकास का जाल
YEIDA का फेज-2 मास्टर प्लान 20 मार्च 2025 को उत्तर प्रदेश सरकार से मंजूरी पा चुका है। इस महत्वाकांक्षी योजना में अलीगढ़, हाथरस, मथुरा और आगरा जैसे चार बड़े जिले शामिल हैं। टप्पल-बाजना अर्बन सेंटर (11104 हेक्टेयर) और राया अर्बन सेंटर (11653 हेक्टेयर) इस योजना के प्रमुख हिस्से हैं। टप्पल-बाजना में 12.75 लाख और राया में 9.66 लाख आबादी को बसाने की योजना है। राया में हेरिटेज सिटी को PPP मॉडल पर विकसित किया जा रहा है, जिससे पर्यटन को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।
वहीं हाथरस (4000 हेक्टेयर) और आगरा (14000 हेक्टेयर) के लिए मास्टर प्लान 2041 पर तेजी से काम चल रहा है, जो भविष्य में इन क्षेत्रों को शहरी और औद्योगिक विकास के बड़े केंद्र में बदल देगा।

कनेक्टिविटी का मेगा नेटवर्क: सड़क, रेल और एक्सप्रेसवे का संगम
Yamuna Expressway (165 किमी) अब देश के कई बड़े एक्सप्रेसवे से जुड़ चुका है, जिनमें Agra-Lucknow Expressway, Bundelkhand Expressway, Purvanchal Expressway, Delhi-Mumbai Expressway और Ganga Expressway शामिल हैं।
इसके अलावा Eastern Peripheral Expressway, Dedicated Freight Corridor (DFC), और Rapid Rail Transit System (RRTS) जैसी परियोजनाएं इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और मजबूत बना रही हैं।
दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने वाली हाई-स्पीड रेल और RRTS कॉरिडोर आने वाले समय में इस क्षेत्र को NCR का सबसे बेहतर कनेक्टेड ज़ोन बना देंगे।

यह एक्सप्रेसवे अब आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ने जा रहा है।

जेवर एयरपोर्ट: विकास का सबसे बड़ा इंजन
Noida International Airport, जिसे जेवर एयरपोर्ट के नाम से जाना जाता है, इस पूरे क्षेत्र के विकास का सबसे बड़ा आधार बन चुका है। 28 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा इसका उद्घाटन किया गया।
पहले फेज में 12 मिलियन यात्रियों की क्षमता के साथ एयरपोर्ट शुरू हो चुका है, जबकि कुल निवेश 36,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। आगे के चरणों में कुल 5 रनवे बनाए जाएंगे, जिससे यह देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन सकता है।

इंडस्ट्रियल बूम: 50,000 करोड़ निवेश और 4 लाख रोजगार का लक्ष्य
YEIDA क्षेत्र में इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स का तेजी से विस्तार हो रहा है। इसमें Apparel Park, MSME Park, Toy Park, Medical Device Park, Data Centre Park, Semiconductor Park और EMC 2.0 शामिल हैं।
यहां कई बड़ी कंपनियां निवेश कर रही हैं, जिनमें Vivo, Havells India, Patanjali Ayurved, Escorts Kubota और Amber Enterprises जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। इस पूरे औद्योगिक विकास से करीब 50,000 करोड़ रुपये का निवेश और 4 लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।


सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स: टेक्नोलॉजी का नया हब
सेक्टर-28 में सेमीकंडक्टर पार्क और सेक्टर-10 में EMC 2.0 के तहत इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। HCL और Foxconn के जॉइंट वेंचर “India Chip” के जरिए सेमीकंडक्टर यूनिट स्थापित की जा रही है।
इस प्रोजेक्ट में करीब 3700 करोड़ रुपये का निवेश होगा और हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा।

Industrial Boom: क्लस्टर मॉडल से बनेगा मैन्युफैक्चरिंग हब
YEIDA क्षेत्र में इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट का सबसे बड़ा आधार “क्लस्टर आधारित विकास” है। यहां कई बड़े इंडस्ट्रियल पार्क तेजी से विकसित हो रहे हैं, जिनमें शामिल हैं: न प्रोजेक्ट्स में लगभग ₹50,000 करोड़ निवेश और 4 लाख रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है।
यहां पहले से कई बड़ी कंपनियां निवेश कर रही हैं।


फिल्म सिटी और फिनटेक पार्क: नई अर्थव्यवस्था की नींव
सेक्टर-21 में 1000 एकड़ में इंटरनेशनल फिल्म सिटी का निर्माण किया जा रहा है, जो मनोरंजन उद्योग को नया आयाम देगा। वहीं सेक्टर-11 में 250 एकड़ में फिनटेक पार्क विकसित किया जा रहा है, जिससे डिजिटल और फाइनेंशियल सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा।


स्मार्ट विलेज और सामाजिक विकास की पहल
ACEO शैलेंद्र भाटिया ने कहा कि YEIDA केवल औद्योगिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक विकास पर भी ध्यान दे रहा है। स्मार्ट विलेज प्रोजेक्ट के तहत 29 गांवों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है, जिसमें पहले चरण में 12 गांवों का काम पूरा हो चुका है।

स्मार्ट विलेज से ग्राउंड लेवल बदलाव
YEIDA का फोकस सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों को भी “स्मार्ट विलेज” में बदलने की योजना पर तेजी से काम हो रहा है। पहले चरण में 29 गांवों को स्मार्ट सुविधाओं से लैस किया जा रहा है, जिनमें सड़क, पानी, बिजली, डिजिटल सेवाएं और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।


YEIDA बन रहा भारत का अगला ग्लोबल इंडस्ट्रियल हब
स्पष्ट है कि Yamuna Expressway Industrial Development Authority का यह क्षेत्र अब केवल एक औद्योगिक जोन नहीं, बल्कि एक समग्र स्मार्ट सिटी और ग्लोबल बिजनेस हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जेवर एयरपोर्ट, हाई-क्लास कनेक्टिविटी, इंडस्ट्रियल निवेश और टेक्नोलॉजी पार्क्स के साथ यह इलाका आने वाले वर्षों में उत्तर भारत की आर्थिक तस्वीर बदलने वाला है।

इस मौके पर ACEO शैलेंद्र भाटिया, ACEO मनीष मीणा, ACEO राजेश सिंह ,GM राजेंद्र भाटी, स्टाफ अधिकारी नंदकिशोर जी मौके पर मौजूद रहे।

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