Samsara The World Academy News : “किताबों से निकलकर अब हुनर के मैदान में उतरे बच्चे!”, समसारा द वर्ल्ड एकेडमी के समर कैंप में गूंजा संगीत, खेल, कला और आत्मविश्वास का रंगीन संगम, बास्केटबॉल से लेकर शास्त्रीय संगीत तक… बच्चों ने दिखाया टैलेंट का दम, समर कैंप बना सीखने और मनोरंजन का सबसे बड़ा मंच

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। गर्मी की छुट्टियां आते ही जहां ज्यादातर बच्चे मोबाइल, टीवी और वीडियो गेम्स तक सीमित हो जाते हैं, वहीं ग्रेटर नोएडा स्थित समसारा द वर्ल्ड एकेडमी स्कूल ने बच्चों की छुट्टियों को रचनात्मकता, प्रतिभा और आत्मविश्वास से जोड़ने की अनूठी पहल की है। विद्यालय में आयोजित हो रहे भव्य ग्रीष्मकालीन शिविर (Summer Camp) में बच्चों का उत्साह देखने लायक है। स्कूल परिसर इन दिनों किसी मिनी टैलेंट फेस्टिवल से कम नहीं दिख रहा, जहां हर तरफ बच्चों की हंसी, संगीत, खेल और रचनात्मक गतिविधियों की गूंज सुनाई दे रही है।
यह समर कैंप केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल और रचनात्मक सोच को नई दिशा देने का भी काम कर रहा है। स्कूल प्रशासन का कहना है कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल किताबों का ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों में आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति और बहुआयामी प्रतिभा का विकास भी बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए इस समर कैंप का आयोजन किया गया है।
खेल, कला, संगीत और अभिव्यक्ति का शानदार संगम
समसारा द वर्ल्ड एकेडमी में आयोजित इस समर कैंप में बच्चों के लिए कई आकर्षक और ज्ञानवर्धक गतिविधियां शामिल की गई हैं। कैंप में भाग ले रहे विद्यार्थी बास्केटबॉल, बागवानी, पब्लिक स्पीकिंग, वेस्टर्न म्यूजिक, नंबर्स गेम, उत्तर भारतीय शास्त्रीय गायन जैसी गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
बास्केटबॉल कोर्ट पर जहां बच्चे खेल भावना और टीमवर्क सीख रहे हैं, वहीं पब्लिक स्पीकिंग सेशन में उनकी झिझक टूट रही है और आत्मविश्वास मजबूत हो रहा है। दूसरी ओर संगीत गतिविधियों में भाग लेने वाले छात्र सुर और ताल के माध्यम से अपनी रचनात्मक प्रतिभा को निखार रहे हैं। खासतौर पर उत्तर भारतीय शास्त्रीय गायन और वेस्टर्न म्यूजिक में विद्यार्थियों की रुचि ने शिक्षकों को भी प्रभावित किया है।
बागवानी से प्रकृति प्रेम का संदेश
समर कैंप में शामिल बागवानी गतिविधि बच्चों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। छोटे-छोटे हाथ जब पौधे लगा रहे हैं और उनकी देखभाल कर रहे हैं, तो यह केवल एक एक्टिविटी नहीं बल्कि प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने का प्रयास भी है।
“मोबाइल से बाहर निकलो, मंच पर आओ” — बच्चों में बढ़ा आत्मविश्वास
समर कैंप का सबसे बड़ा उद्देश्य बच्चों को स्क्रीन टाइम से बाहर निकालकर उनकी वास्तविक प्रतिभा को मंच देना है। पब्लिक स्पीकिंग और मंचीय गतिविधियों में हिस्सा लेने वाले कई बच्चे ऐसे भी हैं, जो पहले लोगों के सामने बोलने से घबराते थे। लेकिन अब वही बच्चे पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं। विद्यालय के शिक्षकों का कहना है कि इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों के अंदर छिपे डर को खत्म करती हैं और उन्हें सामाजिक रूप से अधिक मजबूत बनाती हैं।
प्रधानाचार्या डॉ. शालिनी प्रसाद ने बच्चों को किया प्रेरित
विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. शालिनी प्रसाद ने विद्यार्थियों को विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि— “समर कैंप बच्चों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। यहां बच्चे केवल मनोरंजन नहीं करते, बल्कि नई चीजें सीखते हैं, आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और अपने भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानते हैं।”
उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि विद्यालय हमेशा ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा देता रहेगा, जो बच्चों के मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास में सहायक हों।
शिक्षा के साथ संस्कार और कौशल पर भी फोकस
समसारा द वर्ल्ड एकेडमी लगातार शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के नैतिक मूल्यों, कौशल विकास और रचनात्मक सोच को मजबूत करने पर जोर देता रहा है। यही कारण है कि विद्यालय में आयोजित यह समर कैंप केवल एक छुट्टी कार्यक्रम न होकर बच्चों के भविष्य को नई दिशा देने वाला मंच बनता जा रहा है।
बच्चों के चेहरों पर मुस्कान, कैंप में दिखा उत्साह
समर कैंप के दौरान स्कूल परिसर में बच्चों का उत्साह साफ दिखाई दे रहा है। कोई संगीत की धुनों पर अपनी प्रतिभा दिखा रहा है, तो कोई खेल के मैदान में पसीना बहाकर टीम भावना सीख रहा है। हर गतिविधि में बच्चों का जोश और खुशी यह साबित कर रही है कि सीखने का सबसे अच्छा तरीका वही है, जिसमें आनंद भी हो और अनुभव भी।



