Paramount Golf Foreste News : “90 प्रतिशत से ऊपर नंबर, मंच पर गूंजती तालियां और गर्व से चमकते चेहरे!, पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्टी में मेधावियों का महाकुंभ, ‘अकादमिक एक्सीलेंस अवार्ड 2025-26’ बन गया प्रतिभाओं के सम्मान का यादगार उत्सव”, मेहनत का मिला सम्मान, मेधावियों के चेहरे पर दिखी सफलता की चमक

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा के पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्टी परिसर में रविवार को शिक्षा, प्रतिभा और सम्मान का एक ऐसा भव्य संगम देखने को मिला, जिसने विद्यार्थियों, अभिभावकों और समाज के बीच सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर दिया। श्री चित्रगुप्त कायस्थ महापरिवार पी.जी.एफ. ट्रस्ट (रजि.) द्वारा आयोजित “अकादमिक एक्सीलेंस अवार्ड 2025-26” समारोह में कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
यह आयोजन केवल पुरस्कार वितरण कार्यक्रम नहीं था, बल्कि उन विद्यार्थियों की मेहनत, संघर्ष, अनुशासन और सफलता का सार्वजनिक उत्सव था, जिन्होंने अपनी लगन और समर्पण के बल पर उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल कीं। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह, गर्व और प्रेरणा का अद्भुत वातावरण बना रहा।
मेहनत का मिला सम्मान, मेधावियों के चेहरे पर दिखी सफलता की चमक
समारोह में जैसे ही मेधावी विद्यार्थियों के नामों की घोषणा हुई, पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। विद्यार्थियों को सम्मानित करते समय उनके अभिभावकों की आंखों में गर्व और खुशी साफ दिखाई दे रही थी।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पुरस्कार देना नहीं था, बल्कि यह संदेश देना भी था कि समाज उन विद्यार्थियों के साथ खड़ा है जो शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। सम्मान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों ने कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देगा।
“आज के विद्यार्थी ही कल के राष्ट्रनिर्माता हैं”
समारोह की अध्यक्षता कर रहे श्री अनिल सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा किसी भी व्यक्ति के जीवन की सबसे बड़ी शक्ति होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत, अनुशासन और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही भविष्य के वैज्ञानिक, प्रशासक, शिक्षक, उद्यमी और राष्ट्रनिर्माता हैं। यदि युवा पीढ़ी अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहे तो देश का भविष्य और अधिक उज्ज्वल होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। निरंतर प्रयास, सकारात्मक सोच और कठिन परिश्रम ही किसी भी व्यक्ति को ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं।

शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने दिए सफलता के मंत्र
कार्यक्रम में शिक्षा और समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर डॉ. (प्रो.) वी.सी. श्रीवास्तव, डॉ. मंजूला सिन्हा, डॉ. (प्रो.) स्वर्णलता, संस्कृताचार्या श्रीमती रश्मि, श्री अमन श्रीवास्तव, श्री रामकुमार नागर, आंग्लविद् श्रीमती प्रिया घई, विंग कमांडर योगराज शर्मा, डॉ. प्रियंका सक्सेना और अधिवक्ता श्रीमती कृतिका मुकेश ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि आज का समय प्रतिस्पर्धा का है, लेकिन जो विद्यार्थी अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहते हैं, वे निश्चित रूप से सफलता प्राप्त करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को केवल अंक प्राप्त करने तक सीमित न रहकर व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों को भी अपनाने की सलाह दी।
प्रतिभा को मंच देने वाली पहल की हुई सराहना
कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों और अतिथियों ने ट्रस्ट की इस पहल की जमकर सराहना की। उनका कहना था कि ऐसे सम्मान समारोह विद्यार्थियों के भीतर आत्मविश्वास पैदा करते हैं और उन्हें आगे बढ़ने की नई प्रेरणा देते हैं।
कई अभिभावकों ने कहा कि जब समाज बच्चों की उपलब्धियों को पहचानता है, तो उनका मनोबल कई गुना बढ़ जाता है। इससे अन्य विद्यार्थियों को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है।
शिक्षा के साथ संस्कार और आत्मविश्वास का संदेश
समारोह में वक्ताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक लाना नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनना भी है। विद्यार्थियों को जीवन में ईमानदारी, अनुशासन, समय प्रबंधन और सामाजिक मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया गया।
विंग कमांडर योगराज शर्मा ने कहा कि जीवन में चुनौतियां हमेशा आती हैं, लेकिन जो व्यक्ति धैर्य और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता है, वही सफलता की नई ऊंचाइयों को छूता है।
शिक्षा के क्षेत्र में प्रेरणादायक उदाहरण बना समारोह
“अकादमिक एक्सीलेंस अवार्ड 2025-26” केवल एक पुरस्कार समारोह नहीं रहा, बल्कि यह शिक्षा के महत्व और प्रतिभा के सम्मान का जीवंत उदाहरण बन गया। कार्यक्रम ने यह साबित किया कि यदि विद्यार्थियों को सही दिशा, उचित मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिले तो वे किसी भी क्षेत्र में असाधारण उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।



