Breaking News : "मुहल्ले में मचा खौफ, हाथों में डंडे लेकर निकल रहे लोग! ग्रेटर नोएडा के म्यू-2 सेक्टर में ‘आतंक’ बने स्ट्रीट डॉग, एक ही दिन में 5 लोगों पर हमला, 12 वर्षीय बच्ची का इलाज पहुंचा एक लाख रुपये तक"

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा के प्रतिष्ठित सेक्टर म्यू-2 में इन दिनों एक अलग तरह का खौफ पसरा हुआ है। आमतौर पर शांत और व्यवस्थित माने जाने वाले इस सेक्टर में लोगों की दिनचर्या अब डर के साये में गुजर रही है। वजह है कुछ आक्रामक स्ट्रीट डॉग, जिन्होंने पिछले कुछ दिनों में कई लोगों को अपना शिकार बनाया है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि लोग घरों से बाहर निकलते समय सुरक्षा के लिए हाथों में डंडे लेकर चलने को मजबूर हैं। बच्चों और बुजुर्गों को अकेले बाहर भेजना परिवारों ने लगभग बंद कर दिया है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सेक्टर में दो स्ट्रीट डॉग बेहद आक्रामक हो चुके हैं और लगातार राह चलते लोगों पर हमला कर रहे हैं। मंगलवार को तो स्थिति और भयावह हो गई जब एक ही दिन में पांच लोगों को इन कुत्तों ने काट लिया। इस घटना के बाद पूरे सेक्टर में दहशत का माहौल है और लोग प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
एक ही दिन में पांच लोग बने शिकार, लोगों में बढ़ी चिंता
स्थानीय लोगों के अनुसार स्ट्रीट डॉग का आतंक पिछले कई दिनों से जारी है। सेक्टर में रहने वाले कई परिवारों का कहना है कि बीते कुछ सप्ताह में 10 से अधिक लोग इन कुत्तों के हमले का शिकार हो चुके हैं। लेकिन मंगलवार को एक ही दिन में पांच लोगों के घायल होने के बाद मामला गंभीर रूप ले चुका है। घायल लोगों में कीर्ति, भावना और अन्य कई स्थानीय निवासी शामिल हैं। लोगों का कहना है कि कुत्ते अचानक हमला कर देते हैं और किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिलता। कई बार स्कूल जाने वाले बच्चों और सुबह-शाम टहलने निकलने वाले बुजुर्गों को भी इनका सामना करना पड़ रहा है।
12 वर्षीय बच्ची गंभीर रूप से घायल, हाथ की नस कटी
इस पूरे मामले में सबसे चिंताजनक घटना 12 वर्षीय बच्ची भावना के साथ हुई। परिवार के अनुसार बच्ची पर अचानक स्ट्रीट डॉग ने हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। हमले में उसके हाथ की नस तक कट गई।
घटना के तुरंत बाद परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार चोट गहरी होने के कारण इलाज लंबा चल सकता है। परिवार का कहना है कि अब तक इलाज पर लगभग एक लाख रुपये का खर्च आने का अनुमान है।
बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर मंडराया खतरा
सेक्टर के निवासियों का कहना है कि सबसे ज्यादा खतरा बच्चों और बुजुर्गों को है। स्कूल जाने वाले बच्चे, पार्क में खेलने वाले किशोर और सुबह-शाम टहलने वाले वरिष्ठ नागरिक अब खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
कई परिवारों ने अपने बच्चों को अकेले पार्क या बाजार भेजना बंद कर दिया है। वहीं बुजुर्गों ने भी सुबह की सैर से दूरी बना ली है। लोगों का कहना है कि जिस तरह से कुत्ते बिना किसी उकसावे के हमला कर रहे हैं, उससे हर व्यक्ति भयभीत है।
प्राधिकरण से कई बार शिकायत, लेकिन कार्रवाई नहीं
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस संबंध में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को कई बार शिकायत दी जा चुकी है। सेक्टर के लोगों ने लिखित और मौखिक दोनों माध्यमों से अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया, लेकिन अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है
पूर्व आरडब्ल्यूए अध्यक्ष ने जताई चिंता
सेक्टर म्यू-2 के पूर्व आरडब्ल्यूए अध्यक्ष धर्मेंद्र राठी ने कहा कि सेक्टर में दो कुत्ते अत्यधिक आक्रामक हो चुके हैं और लोगों के लिए खतरा बन गए हैं। उन्होंने कहा कि ये कुत्ते राह चलते लोगों पर अचानक हमला कर देते हैं। कई लोग घायल हो चुके हैं और अब पूरे सेक्टर में भय का माहौल है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसे कुत्तों को तत्काल पकड़कर सुरक्षित स्थान पर भेजा जाए ताकि किसी और के साथ अप्रिय घटना न हो।
हाथ में डंडा लेकर निकल रहे लोग
स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब सेक्टर के कई लोग घर से बाहर निकलते समय हाथ में डंडा लेकर चल रहे हैं। महिलाएं और बुजुर्ग अकेले बाहर निकलने से बच रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह किसी विकसित शहर की तस्वीर नहीं हो सकती, जहां नागरिक अपनी सुरक्षा के लिए स्वयं इंतजाम करने को मजबूर हों। लोगों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द कार्रवाई कर नागरिकों को राहत दे।
स्थानीय लोगों की मांग—तत्काल समाधान निकाले प्रशासन
सेक्टरवासियों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से मांग की है कि आक्रामक स्ट्रीट डॉग को तुरंत पकड़ा जाए और पशु विशेषज्ञों की मदद से स्थिति का समाधान निकाला जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी नीति बनाई जाए।



