Samajwadi Party's News : अखिलेश यादव पर कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर बिसरख थाने में शिकायत, सपा नेताओं ने की निष्पक्ष जांच की मांग, समाजवादी युवजन सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अक्षय चौधरी के नेतृत्व में पुलिस को सौंपा गया शिकायती पत्र, सोशल मीडिया पर वायरल कथित वीडियो की जांच कराने की मांग
बिसरख थाने में शिकायत देने के दौरान समाजवादी युवजन सभा के जिलाध्यक्ष दीपक नागर, समाजवादी लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष प्रतीक भाटी, छात्रसभा के प्रदेश सचिव प्रशांत भाटी, पूर्व छात्रसभा जिलाध्यक्ष हैप्पी पंडित, अमन भाटी और जिला सचिव इमरान मलिक समेत कई पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। सपा नेताओं ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि मामले को राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि उपलब्ध साक्ष्यों और कानून के आधार पर देखा जाए।

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे । समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के मामले ने ग्रेटर नोएडा में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। मामले को लेकर समाजवादी युवजन सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अक्षय चौधरी के नेतृत्व में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बिसरख थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी। शिकायत में सोशल मीडिया पर प्रसारित बताए जा रहे कथित वीडियो की जांच कर तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है। सपा नेताओं का आरोप है कि आम्रपाली सेंचुरियन पार्क, ग्रेटर नोएडा निवासी एक महिला द्वारा अखिलेश यादव के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक एवं अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया गया। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। उन्होंने पुलिस से वीडियो की सत्यता, उसके स्रोत और उसमें कही गई बातों की जांच कराने की मांग की है।
राजनीतिक मतभेद अपनी जगह, अमर्यादित भाषा स्वीकार्य नहीं: हैप्पी पंडित
शिकायत के बाद सपा नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों और नेताओं के बीच विचारों का मतभेद होना स्वाभाविक है। अलग-अलग राजनीतिक विचारों और नीतियों को लेकर सार्वजनिक मंचों पर बहस भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है, लेकिन किसी राजनीतिक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अथवा जनप्रतिनिधि के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक या अभद्र भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं माना जा सकता।
पूर्व छात्रसभा जिलाध्यक्ष हैप्पी पंडित ने कहा कि राजनीतिक असहमति लोकतंत्र की खूबसूरती है, लेकिन असहमति व्यक्त करने के लिए भाषा की मर्यादा बनाए रखना भी आवश्यक है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जांच में आरोप सही पाए जाने पर कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि यदि संबंधित महिला द्वारा वास्तव में ऐसी टिप्पणी की गई है तो उन्हें सार्वजनिक रूप से अखिलेश यादव से माफी मांगनी चाहिए।
पुलिस से तथ्यों की जांच के बाद कार्रवाई की मांग
समाजवादी युवजन सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अक्षय चौधरी ने कहा कि मामले को लेकर बिसरख थाने में लिखित शिकायत दी गई है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे कथित वीडियो की जांच की जाए और वीडियो की प्रामाणिकता तथा उसमें की गई टिप्पणी के तथ्यों की पुष्टि की जाए। अक्षय चौधरी ने कहा कि शिकायत का उद्देश्य किसी राजनीतिक विवाद को बढ़ाना नहीं, बल्कि कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के संबंध में कानून के मुताबिक कार्रवाई की मांग करना है। उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच की अपेक्षा जताई।
समाजवादी पार्टी ने लोकतांत्रिक मर्यादा का दिया हवाला
समाजवादी छात्रसभा के प्रदेश सचिव प्रशांत भाटी ने कहा कि समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान में विश्वास करती है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अभद्र या अपमानजनक टिप्पणी का विरोध किया जाना चाहिए, चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा हो। उन्होंने पुलिस प्रशासन से आग्रह किया कि शिकायत पर संज्ञान लेते हुए पूरे मामले के तथ्यों की जांच की जाए। यदि जांच में किसी प्रकार का अपराध सामने आता है तो संबंधित धाराओं के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
सपा नेताओं ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया के दौर में किसी वीडियो या बयान के आधार पर तत्काल निष्कर्ष निकालने के बजाय उसकी वास्तविकता और संदर्भ की जांच जरूरी है। इसी वजह से उन्होंने पुलिस से मामले की आधिकारिक जांच कराने पर जोर दिया।
शिकायत देने के दौरान कई पदाधिकारी रहे मौजूद
बिसरख थाने में शिकायत देने के दौरान समाजवादी युवजन सभा के जिलाध्यक्ष दीपक नागर, समाजवादी लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष प्रतीक भाटी, छात्रसभा के प्रदेश सचिव प्रशांत भाटी, पूर्व छात्रसभा जिलाध्यक्ष हैप्पी पंडित, अमन भाटी और जिला सचिव इमरान मलिक समेत कई पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। सपा नेताओं ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि मामले को राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि उपलब्ध साक्ष्यों और कानून के आधार पर देखा जाए। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित वीडियो की तकनीकी जांच कर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि वीडियो वास्तविक है या उसमें किसी प्रकार का संपादन अथवा छेड़छाड़ की गई है।
माफी की भी उठी मांग
सपा नेताओं ने कथित टिप्पणी को लेकर संबंधित महिला से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग भी की है। नेताओं का कहना है कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन सार्वजनिक जीवन में सक्रिय व्यक्तियों के खिलाफ टिप्पणी करते समय भाषा की मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है। फिलहाल पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है। कथित वीडियो और उसमें की गई टिप्पणी की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है, इसलिए पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।



