ABVP News : ग्रेटर नोएडा में बिगड़ती छात्र सुरक्षा और अव्यवस्थित हॉस्टल व्यवस्था पर एबीवीपी का हल्ला बोल, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, छात्र की हत्या ने हिला दी सुरक्षा व्यवस्था, बिना पंजीकरण के चल रहे हॉस्टल और पीजी

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
ग्रेटर नोएडा के निजी शैक्षणिक संस्थानों और छात्रावासों में फैली अव्यवस्था और कमजोर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अब आवाज बुलंद होने लगी है। इसी कड़ी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने जिला अधिकारी के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा और क्षेत्र की बिगड़ती हालात पर गहरी चिंता व्यक्त की।
ग्रेटर नोएडा एक तेजी से उभरता हुआ शैक्षणिक और औद्योगिक हब है, जहां देशभर से छात्र पढ़ाई करने आते हैं। लेकिन हाल की घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि सुरक्षा और व्यवस्था के मोर्चे पर अभी लंबा रास्ता तय करना बाकी है। प्रशासन यदि तुरंत कदम नहीं उठाता तो छात्रों और उनके परिवारों का भरोसा डगमगा सकता है।
छात्र की हत्या ने हिला दी सुरक्षा व्यवस्था
हाल ही में एक निजी शैक्षणिक संस्थान में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। बताया गया कि एक छात्र ने कैंपस के अंदर ही हथियार का उपयोग कर दूसरे छात्र की हत्या कर दी। इस घटना ने न केवल छात्रों और अभिभावकों में डर का माहौल पैदा कर दिया है बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की पोल भी खोलकर रख दी है। एबीवीपी ने इस घटना को प्रशासन की गंभीर लापरवाही बताते हुए सवाल उठाए कि आखिर बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के ऐसे हादसे कैसे हो सकते हैं।
बिना पंजीकरण के चल रहे हॉस्टल और पीजी
ज्ञापन में स्पष्ट तौर पर बताया गया कि ग्रेटर नोएडा में सैकड़ों हॉस्टल और पीजी संचालित हैं, जिनमें से अधिकांश का कोई पंजीकरण तक नहीं है। इन संस्थानों में न तो सुरक्षा मानक पूरे किए जा रहे हैं और न ही छात्रों की देखरेख के लिए कोई ठोस व्यवस्था की गई है।
कई जगह तो स्थिति इतनी खराब है कि बिना सत्यापन के संदिग्ध लोग हॉस्टल और पीजी में रह रहे हैं, जिससे असामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है।
अवैध हथियारों की आसान उपलब्धता, छात्रों की सुरक्षा पर खतरा
एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि क्षेत्र में अवैध हथियारों की उपलब्धता बेहद आसान हो चुकी है, जिसकी वजह से छात्रों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है। ऐसे हालात में किसी भी समय अनहोनी हो सकती है। उन्होंने मांग की कि प्रशासन को तत्काल इस दिशा में कड़ा कदम उठाना चाहिए।
एबीवीपी की प्रमुख मांगें
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने ज्ञापन में कुछ अहम मांगें रखते हुए कहा कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार रहीं—
उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन – क्षेत्र की सुरक्षा और हॉस्टलों की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए।
हर माह औचक निरीक्षण – सभी हॉस्टलों और पीजी का नियमित निरीक्षण हो ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।
अनिवार्य पंजीकरण – बिना पंजीकरण वाले हॉस्टल और पीजी को तुरंत बंद किया जाए।
सुरक्षा उपकरणों की अनिवार्यता – सीसीटीवी कैमरे, प्रवेश रजिस्टर और सुरक्षा गार्ड हर हॉस्टल और संस्थान में जरूरी किए जाएं।
नियमित पुलिस गश्त – शैक्षणिक संस्थानों के आस-पास पुलिस की मौजूदगी छात्रों को सुरक्षित महसूस कराए।
प्रशासन से उम्मीदें
एबीवीपी ने विश्वास जताया कि जिला प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल संज्ञान लेगा और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाएगा। संगठन ने चेतावनी भी दी कि अगर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
कार्यक्रम में रहे ये चेहरे
इस मौके पर विभाग संयोजक वैभव मिश्रा, प्रांत संयोजक सविष्कार वैभव श्रीवास्तव, प्रांत मीडिया संयोजक अभिनव वत्स, प्रांत कार्यकारिणी सदस्य राज जादोन, नगर मंत्री अमन मिश्रा सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।



