Sant Hood Convent School : हरियाली तीज महोत्सव में सजी भारतीय संस्कृति की खूबसूरत झलक, सेंट हुड कॉन्वेंट स्कूल बना सांस्कृतिक उल्लास का संगम, मेहंदी, गीत, नृत्य और संस्कृति की बयार, हरियाली तीज, परंपरा से जुड़ने की एक रंगीन राह

विद्यानगर, दादरी | रिपोर्ट – रफ़्तार टुडे
विद्यानगर स्थित सेंट हुड कॉन्वेंट स्कूल में आज हरियाली तीज महोत्सव पूरे पारंपरिक रंग में रंगा नजर आया। स्कूल परिसर को हरियाली, रंग-बिरंगे झूले, फूलों की सजावट और पारंपरिक थीम पर सजाया गया था, जहां विद्यार्थियों, माताओं और शिक्षकों की उत्साही भागीदारी ने माहौल को पूरी तरह त्योहारमय बना दिया।
मेहंदी, गीत, नृत्य और संस्कृति की बयार
हरियाली तीज के अवसर पर बच्चों ने पारंपरिक वेशभूषा में रंगारंग प्रस्तुतियाँ दीं। मेहंदी प्रतियोगिता, लोकनृत्य, लोकगीत, कविता पाठ, रैंप वॉक जैसी गतिविधियों में कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह से भाग लिया।
बालिकाओं ने झूम-झूमकर पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए, तो वहीं छोटे बच्चों ने तीज पर्व की कहानी और महत्व को लघु नाटकों और कविताओं के माध्यम से जीवंत किया।
माताओं की भी रही जोशीली भागीदारी
इस आयोजन की एक खास बात यह रही कि विद्यार्थियों की माताओं ने भी अनेक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने मेहंदी लगाई, पारंपरिक परिधान में रैंप वॉक किया और बच्चों के साथ मिलकर गीत गाए। इससे ना केवल बच्चों का उत्साह बढ़ा, बल्कि यह आयोजन पारिवारिक और सामाजिक एकता का प्रतीक बन गया।
फूड स्टॉल और पारंपरिक झांकियों ने रचा मेला जैसा माहौल
कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक फूड स्टॉल, मेहंदी बूथ, बूटिक और आर्ट स्टॉल्स लगाए, जहां बच्चों द्वारा तैयार व्यंजन और कलाकृतियाँ आकर्षण का केंद्र रहीं। परिसर में लोक संस्कृति और आधुनिकता का अनूठा संगम दिखाई दिया।
प्राचार्या ने मधुर गीत से बढ़ाया आयोजन का आकर्षण
विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. आशा शर्मा ने सभी को हरियाली तीज की शुभकामनाएं देते हुए अपने भावों को एक मधुर गीत के माध्यम से व्यक्त किया, जिससे पूरा सभागार तालियों की गूंज से भर उठा। उन्होंने कहा —
“हरियाली तीज नारी शक्ति और प्रकृति की ऊर्जा का उत्सव है। हमें अपने बच्चों को इन परंपराओं से जोड़ते रहना चाहिए।”
शिक्षकों का मार्गदर्शन और विद्यार्थियों की चमक
कार्यक्रम की संयोजिका श्रीमती दिव्या गोले ने तीज पर्व का महत्व समझाया और इसे नारी सशक्तिकरण से जोड़ा। एक्टिविटी इंचार्ज श्रीमती रीना वत्स ने धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि
“हरियाली तीज केवल पर्व नहीं, एक सांस्कृतिक संवाद है जो पीढ़ियों को जोड़ता है।”
उप-प्रधानाचार्या श्रीमती नीलम शर्मा और विद्यालय के मैनेजर श्री संदीप शर्मा ने भी बच्चों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कार्यक्रम को यादगार बताया।
हरियाली तीज: परंपरा से जुड़ने की एक रंगीन राह
हरियाली तीज महोत्सव ने यह साबित किया कि भारतीय संस्कृति और परंपराएं आज भी नई पीढ़ी में जीवित हैं। इस आयोजन ने न सिर्फ बच्चों को रचनात्मक मंच दिया, बल्कि उन्हें भारतीयता, पारिवारिक मूल्यों और लोक परंपराओं से जुड़ने का अवसर भी प्रदान किया।
कार्यक्रम की कुछ झलकियां:
- हरे रंग के परिधानों में छात्राएं
- पारंपरिक गीतों पर थिरकते कदम
- माताओं का रैंप वॉक
- बच्चों के हस्तशिल्प और व्यंजन स्टॉल्स
- मिलजुलकर मनाई गई तीज, एक यादगार अनुभव
“संस्कारों से सजे उत्सव, बच्चों को बनाते हैं जड़ों से जुड़ा हुआ नागरिक”
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