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Dadri Railway Road News : दादरी की सड़कें बनीं खतरे का घर!, अधिवक्ता ने नगर पालिका से उठाई सख्त माँग, गड्ढामुक्त सड़कें और अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई की अपील, गड्ढों से भरी सड़कें बन रहीं जानलेवा, पार्किंग माफिया पर भी उठे सवाल

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। दादरी नगर पालिका क्षेत्र की सड़कों की हालत इन दिनों किसी युद्ध क्षेत्र से कम नहीं दिखती। गहरे गड्ढे, जगह-जगह अवैध अतिक्रमण, रेहड़ी-पटरी और जाम की स्थिति ने आमजन का जीवन मुश्किल कर दिया है। इसी समस्या को लेकर अधिवक्ता राकेश नागर ने नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती गीता पंडित और अधिशासी अधिकारी दादरी को एक विस्तृत जनहित प्रार्थना पत्र सौंपा है, जिसमें उन्होंने रेलवे रोड, जी.टी. रोड और घनश्याम रोड की दुर्दशा का गंभीर मुद्दा उठाया है।

गड्ढों से भरी सड़कें बन रहीं जानलेवा

प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि ग्रेटर नोएडा से दादरी रेलवे ओवरब्रिज पार कर उत्तर दिशा में स्थित रेलवे रोड पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। इन गड्ढों के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक रोज़ जोखिम उठाते हैं। कई बार वाहन फिसलने या अचानक ब्रेक लगने से दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह सड़क अब “सड़क कम, तालाब ज़्यादा” बन चुकी है। वाहन चालक अक्सर विपरीत दिशा में चलने को मजबूर हो जाते हैं, जिससे टक्कर की आशंका हर समय बनी रहती है।

अधिवक्ता राकेश नागर ने मांग की है कि नगर पालिका प्रशासन तत्काल इस सड़क को गड्ढा-मुक्त कराए, ताकि कोई बड़ा हादसा होने से पहले स्थिति सुधारी जा सके।

अतिक्रमण ने बिगाड़ा यातायात तंत्र

प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि रेलवे रोड, जी.टी. रोड और घनश्याम रोड पर रेहड़ी-पटरी वालों, खोखों और ऑटो स्टैंड के अवैध कब्ज़े से आमजन परेशान हैं। इन अतिक्रमणों की वजह से सड़कों की चौड़ाई घट गई है और जाम की समस्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि कई दुकानदारों ने फुटपाथ और सड़क तक अपने शेड बढ़ा लिए हैं, जिससे पैदल यात्रियों को आने-जाने में परेशानी होती है। वहीं, कुछ असामाजिक तत्व इन क्षेत्रों में अवैध वसूली करते हैं, जिससे व्यापारी और आम जनता दोनों ही परेशान हैं।

अधिवक्ता राकेश नागर ने नगर पालिका से “नॉन-वेंडिंग जोन” घोषित किए गए इलाकों से रेहड़ी-पटरी और ठेलों को हटाने की मांग की है, ताकि शहर में सुचारु यातायात व्यवस्था बहाल हो सके।

पार्किंग माफिया पर भी उठे सवाल

शहर में वाहन पार्किंग की स्थायी व्यवस्था न होने के कारण “पार्किंग माफिया” सक्रिय हो चुके हैं। कुछ लोग निजी भवनों या गलियों में मनमाने शुल्क लेकर वाहन खड़े कराते हैं। यह प्रथा न केवल अवैध है, बल्कि आम लोगों के लिए असुविधाजनक भी बन चुकी है।

राकेश नागर ने अपने पत्र में कहा है कि नगर पालिका परिषद को चाहिए कि विभिन्न स्थानों पर स्थायी कार पार्किंग स्थल चिन्हित किए जाएं, ताकि लोगों को सुरक्षित और कानूनी पार्किंग की सुविधा मिल सके। उन्होंने एक महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि “तहसील दादरी परिसर की जर्जर भूमि पर चारदीवारी निर्माण कर, आने वाले फरियादियों, अधिवक्ताओं और अधिकारियों के लिए CSR कंपनी या नगरपालिका फंड से पार्किंग सुविधा विकसित की जा सकती है।”

यह सुझाव न केवल व्यावहारिक है बल्कि नगर के बढ़ते यातायात दबाव को भी कम करने में मददगार साबित हो सकता है।

पूर्व अभियानों की सराहना और पुनः कार्रवाई की मांग

अधिवक्ता राकेश नागर ने अपने पत्र में पूर्व अधिशासी अधिकारी श्रीमती दीपिका शुक्ला के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके निर्देशन में अवर अभियंता जयपाल सिंह एवं उनकी टीम ने अतिक्रमण हटाने की प्रभावी कार्रवाई की थी।
उन्होंने मांग की है कि उसी तर्ज पर एक बार फिर अभियान चलाकर रेलवे रोड, जी.टी. रोड और घनश्याम रोड से अवैध कब्ज़े हटाए जाएं, ताकि सड़कें फिर से जनता के उपयोग में आ सकें।

राकेश नागर ने यह भी कहा कि अवैध अतिक्रमण करने वालों पर जप्तीकरण और दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि अन्य लोग भी नियमों का पालन करने को बाध्य हों।

नगर पालिका प्रशासन से जनहित में अपेक्षाएँ

पत्र में कहा गया है कि दादरी नगर पालिका, गौतम बुद्ध नगर जनपद की सबसे बड़ी और आर्थिक रूप से सक्षम पालिका है, जो हाउस टैक्स और अन्य मदों में शासन को सर्वाधिक राजस्व देती है। इसके बावजूद नगर की सड़कों, नालियों और सफाई व्यवस्था की स्थिति दयनीय है। नागरिकों का मानना है कि नगर पालिका को “स्मार्ट सिटी” के विज़न के अनुरूप काम करना चाहिए, न कि अराजक हालात में लिप्त रहना चाहिए।

राकेश नागर ने स्पष्ट कहा “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में जब पूरा प्रदेश गड्ढा-मुक्त, भ्रष्टाचार-मुक्त और अपराध-मुक्त बनने की ओर बढ़ रहा है, तो दादरी नगर पालिका पीछे क्यों रहे?”

अधिवक्ता का आग्रह – “जनहित में त्वरित कार्यवाही की जाए”

अधिवक्ता राकेश नागर ने नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती गीता पंडित और अधिशासी अधिकारी से अनुरोध किया है कि इस पत्र को जनहित के मामले के रूप में संज्ञान में लेते हुए त्वरित कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि नगर पालिका ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो दादरी के नागरिक सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने को विवश होंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना चाहिए, ताकि जनता का भरोसा बना रहे।

स्थानीय निवासियों की उम्मीदें – “दादरी भी चमके, नोएडा की तरह”

दादरी के स्थानीय व्यापारी, अधिवक्ता और नागरिकों का कहना है कि उनके नगर को भी नोएडा और ग्रेटर नोएडा की तरह “सुव्यवस्थित और सुंदर” बनाने की जरूरत है। यह तभी संभव है जब सड़कों की मरम्मत, अतिक्रमण हटाने और साफ-सफाई पर निरंतर कार्यवाही हो।

नगर के वरिष्ठ नागरिक ओमप्रकाश चौधरी ने कहा “हमने अपने बच्चों को कहते सुना है कि नोएडा मॉडर्न सिटी है, लेकिन दादरी तो जैसे उपेक्षित इलाका बन गया है। अगर प्रशासन ठान ले तो यहां भी बदलाव संभव है।”

उम्मीद जागी है बदलाव की

राकेश नागर का यह प्रार्थना पत्र न केवल एक शिकायत है, बल्कि यह जनहित की एक सशक्त आवाज़ भी है। यह आवाज़ उन सैकड़ों नागरिकों की है जो हर दिन गड्ढों, जाम और प्रदूषण के बीच जीने को मजबूर हैं।
अब देखना यह होगा कि नगर पालिका परिषद दादरी इस प्रार्थना पत्र को कितनी गंभीरता से लेती है और क्या वास्तव में आने वाले दिनों में दादरी की सड़कें गड्ढा-मुक्त और अतिक्रमण-मुक्त बन पाती हैं या नहीं।

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Raftar Today
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