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Fusion Homes Society News : ग्रेटर नोएडा वेस्ट में ग्रीन बेल्ट पर चला बुलडोज़र!, फ्यूजन होम्स के निवासियों का विरोध तेज़ — बोले, “पेड़ों की जगह कंक्रीट नहीं, सांस चाहिए”, निवासियों का अल्टीमेटम — ‘अगर कार्रवाई नहीं रुकी तो सड़कों पर उतरेंगे’, प्राधिकरण की चुप्पी – अधिकारी दे रहे हैं गोलमोल जवाब

ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टुडे। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित फ्यूजन होम्स सोसाइटी के निवासियों ने मंगलवार को ग्रीन बेल्ट की जगह सड़क बनाए जाने के खिलाफ कड़ा विरोध जताया। निवासियों का कहना है कि सर्विस रोड से जोड़ने के लिए जो नया रास्ता बनाया जा रहा है, उसके लिए ग्रीन बेल्ट को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है, जबकि प्राधिकरण के रिकॉर्ड में यह ज़मीन “ग्रीन बेल्ट” के रूप में दर्ज है।

निवासियों ने इस कार्रवाई को पर्यावरण के साथ खिलवाड़ और शहरी नियोजन की विफलता करार दिया है। उनका कहना है कि पहले से ही क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ है और ग्रीन बेल्ट के कटने से अब हवा में सांस लेना और मुश्किल हो जाएगा।

ग्रीन बेल्ट काटकर सड़क बनाई जा रही है — आखिर क्यों?”

फ्यूजन होम्स सोसाइटी के सामने स्थित ग्रीन बेल्ट लंबे समय से आसपास के इलाकों के लिए प्राकृतिक ढाल का काम करती थी। यहां मौजूद पेड़ न केवल धूल और शोर से बचाते थे, बल्कि गर्मी के मौसम में राहत भी देते थे।

लेकिन अब, जेसीबी मशीनों से इस ग्रीन जोन को तोड़कर कंक्रीट की सड़क बना दी जा रही है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह काम बिना पूर्व सूचना और बिना पर्यावरणीय स्वीकृति के शुरू किया गया।

पहले से ही सड़क थी, फिर यह नई सड़क क्यों?”

निवासियों का कहना है कि पहले से ही एक सर्विस रोड मौजूद है, जो सुचारू रूप से इस्तेमाल में लाई जा रही थी। फिर भी, अब ठेकेदारों द्वारा ग्रीन बेल्ट हटाकर नई सड़क का निर्माण शुरू कर दिया गया है। इससे न केवल पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ेगा, बल्कि भविष्य में सड़क हादसों की संभावना भी बढ़ेगी।

फ्यूजन होम्स AOA अध्यक्ष अनुभव दुबे का बयान

सोसाइटी के एओए अध्यक्ष अनुभव दुबे ने इस मुद्दे पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कह “ग्रीन बेल्ट खत्म कर दी गई है और उसके स्थान पर मुख्य सड़क बना दी जा रही है। यह सड़क अब हमारे गेट नंबर 1 के ठीक सामने आ जाएगी। इससे प्रतिदिन हादसों का डर बना रहेगा। पहले ग्रीन बेल्ट होने से बच्चों और बुजुर्गों को राहत थी, अब धूल, धुआं और प्रदूषण झेलना पड़ेगा।”

दुबे ने आगे कहा कि इस कार्रवाई से 50,000 से अधिक निवासियों का जीवन प्रभावित होगा, क्योंकि फ्यूजन होम्स के आसपास कई अन्य सोसाइटीज़ — जैसे एक्सप्रेस ज़ेनिथ, गौर सिटी, और पंचशील ग्रीन्स — के लोग भी इसी क्षेत्र से गुजरते हैं।

“प्रदूषण पहले ही जानलेवा है, अब पेड़ों की बलि!”

नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में इस समय वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) पहले ही “गंभीर” स्तर पर पहुंच चुका है।
ऐसे में निवासियों का कहना है कि ग्रीन बेल्ट को काटना सीधा-सीधा जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ है।
“यहां पहले हरियाली थी, पक्षी थे, अब सिर्फ सीमेंट-गिट्टी और डीज़ल की गंध है,” एक वरिष्ठ नागरिक ने कहा।

प्राधिकरण को पहले बताना चाहिए था”

स्थानीय लोगों का आरोप है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से किसी भी तरह की पूर्व सूचना नहीं दी गई। “ना कोई नोटिस, ना कोई बोर्ड — बस सुबह-सुबह मशीनें आईं और पेड़ उखाड़ दिए गए,” निवासियों ने बताया।

उन्होंने कहा कि प्राधिकरण के अधिकारी यह नहीं बता पा रहे हैं कि इस सड़क का उद्देश्य क्या है और क्या इसके लिए पर्यावरण मंजूरी प्राप्त की गई है या नहीं।

हादसे का खतरा बढ़ा – सड़क गेट के ठीक सामने

फ्यूजन होम्स सोसाइटी का गेट नंबर 1 अब सीधे इस नई सड़क से जुड़ जाएगा, जिससे सोसाइटी में आने-जाने वाले वाहनों और मुख्य मार्ग पर चलने वाले ट्रैफिक के बीच टकराव की स्थिति बन सकती है अनुभव दुबे ने कहा “यह सड़क जिस कोण से बनाई जा रही है, वह सुरक्षा के लिहाज से बेहद ख़तरनाक है। प्रतिदिन सैकड़ों बच्चे यहां से स्कूल बसों में आते-जाते हैं, अब हर पल डर रहेगा कि कहीं कोई बड़ा हादसा न हो जाए।”

निवासियों का अल्टीमेटम — ‘अगर कार्रवाई नहीं रुकी तो सड़कों पर उतरेंगे’

निवासियों ने कहा कि अगर ग्रीन बेल्ट को बहाल नहीं किया गया और सड़क निर्माण जारी रहा, तो वे सामूहिक विरोध प्रदर्शन करेंगे।
AOA अध्यक्ष ने बताया कि प्राधिकरण के अधिकारियों से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी “हम लोग शांति से रहना चाहते हैं, लेकिन यदि हमारी बात नहीं सुनी गई, तो हम सभी निवासी सड़क पर उतरकर धरना देंगे।”

ग्रीन बेल्ट’ का महत्व – सिर्फ हरियाली नहीं, जीवन की ज़रूरत

शहरी नियोजन विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रीन बेल्ट किसी भी स्मार्ट सिटी की जीवनरेखा होती है। यह न केवल ध्वनि और वायु प्रदूषण को कम करती है, बल्कि मानसूनी जल निकासी में भी अहम भूमिका निभाती है।
“नोएडा और ग्रेटर नोएडा की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि विकास की दौड़ में हरियाली को कुर्बान किया जा रहा है,” पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. विवेक चौधरी ने कहा।

प्राधिकरण की चुप्पी – अधिकारी दे रहे हैं गोलमोल जवा

रफ़्तार टुडे ने जब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के शहरी सेवा विभाग से इस मामले पर बात की, तो अधिकारियों ने कहा कि “यह सड़क जनता की सुविधा के लिए बनाई जा रही है।”
लेकिन जब पूछा गया कि क्या इसके लिए पर्यावरण विभाग से अनुमति ली गई, तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।

अब होगा प्रशासनिक मोर्चा – निवासी करेंगे औपचारिक शिकायत

निवासियों ने तय किया है कि वे सामूहिक रूप से मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एन. जी. रवि कुमार को ज्ञापन सौंपेंगे और ग्रीन बेल्ट की बहाली की मांग करेंगे। यदि उनकी मांगें अनसुनी रहीं, तो वे एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) तक मामला ले जाने की तैयारी में हैं।

विकास बनाम पर्यावरण – ग्रेनो वेस्ट के लिए नई जंग

यह विवाद सिर्फ एक सड़क का नहीं, बल्कि विकास और पर्यावरण के बीच टकराव का प्रतीक बन गया है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में, अगर हरियाली का संरक्षण नहीं हुआ, तो आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र एक “कंक्रीट जंगल” बन जाएगा।

निवासियों की यही पुकार है “हमें सड़कें नहीं, सांस चाहिए।”

रफ़्तार टुडे की न्यूज़
Raftar Today
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