Bhagwan Parshuram Jewar News : कलूपुरा में भगवान परशुराम जी की विराट प्रतिमा का भव्य अनावरण, राष्ट्रीय नेतृत्व की उपस्थिति में गूंजा ‘धर्म—न्याय—पराक्रम’ का संदेश, जेवर में सांस्कृतिक चेतना का महासम्मेलन, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद; परंपरा, आध्यात्मिकता और राष्ट्रगौरव का संगम

ग्रेटर नोएडा/जेवर, रफ़्तार टुडे। जेवर विधानसभा के ग्राम कलूपुरा ने आज एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनते हुए, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की नई गाथा लिख दी। भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान श्री परशुराम जी की भव्य प्रतिमा के अनावरण के अवसर पर आयोजित “राष्ट्र आराधना सम्मेलन” में जनसैलाब उमड़ पड़ा। कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल एवं वरिष्ठ भाजपा नेता आदरणीय कलराज मिश्र जी, पश्चिमी क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेंद्र शिशोदिया जी, गौतमबुद्ध नगर के सांसद डाॅ. महेश शर्मा जी, जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह जी, एवं भाजपा जिला अध्यक्ष अभिषेक शर्मा जी की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की भव्यता को कई गुना बढ़ा दिया। ग्राम कलूपुरा आज धार्मिक उत्साह, राजनीतिक सक्रियता, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना के अद्भुत रंगों से सराबोर नज़र आया।
परशुराम जी की प्रतिमा का अनावरण—धर्म, न्याय और पराक्रम का प्रतीक
ग्राम के प्रवेश द्वार से लेकर प्रतिमा स्थल तक सजे हुए केसरिया ध्वज, फूलों की वर्षा, जय-जयकार, शंखध्वनि और ढोल-नगाड़ों की धुन ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। भगवान परशुराम जी की भव्य प्रतिमा के अनावरण के क्षण को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग एकत्र हुए।
यह प्रतिमा केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि संस्कार, साहस, शौर्य, न्यायप्रियता और सांस्कृतिक गौरव की जीवंत पहचान बनकर उभरी।
पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र का संबोधन — “परशुराम जी का जीवन भारतीय संस्कृति का मार्गदर्शन”
मुख्य अतिथि कलराज मिश्र ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा “भगवान परशुराम जी का जीवन धर्म, न्याय और पराक्रम की सर्वोच्च प्रेरणा है। समाज में संस्कारों, एकता और सांस्कृतिक गर्व को मजबूत करने का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है। उनकी प्रतिमा हम सभी को सत्य, साहस और कर्तव्यपालन की दिशा दिखाती है।”
उन्होंने समाज को आग्रह किया कि परशुराम जी के विचारों को केवल पूजा तक सीमित न रखें, बल्कि जीवन में अपनाएँ।
पश्चिमी क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेंद्र शिशोदिया का संदेश — “सांस्कृतिक शक्ति ही राष्ट्र की आत्मा”
शिशोदिया जी ने अपने उद्बोधन में कहा “भारत की संस्कृति ही हमारी ताकत है। परशुराम जी का जीवन इस बात का प्रमाण है कि जब समाज धर्म और संस्कृति से जुड़ता है, तब राष्ट्र मजबूत होता है। यह प्रतिमा केवल एक मूर्ति नहीं, बल्कि नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्त्रोत है।”
सांसद डॉ. महेश शर्मा का संबोधन — “प्रतिमा अनावरण समाज को जोड़ने का प्रयास”
गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा ने कहा “भगवान परशुराम जी का चरित्र धर्म, न्याय, विद्वत्ता, पराक्रम और आदर्शवाद का संगम है। उनकी प्रतिमा का अनावरण केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में एकता, सद्भाव और भारतीयता का विस्तार है।” उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति जोड़ने के ऐसे प्रयास समाज को मजबूत आधार देते हैं।
जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह — “ग्रामीण क्षेत्र में सांस्कृतिक जागरण का अनूठा उदाहरण”
विधायक धीरेंद्र सिंह ने कहा कि कलूपुरा जैसे गाँव में इतना बड़ा आयोजन भारतीय संस्कृति की जड़ों की मजबूती का प्रमाण है। उन्होंने कहा “परशुराम जी जैसे महापुरुषों के आदर्श ही हमारे समाज को रास्ता दिखाते रहे हैं। उनकी प्रतिमा यहाँ हर युवा को सत्य, पराक्रम और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देगी।”

जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा — “गौतमबुद्ध नगर सांस्कृतिक चेतना में सबसे आगे”
जिला अध्यक्ष अभिषेक शर्मा ने कहा कि भाजपा की विचारधारा में संस्कृति और समाज का उत्थान सर्वोपरि है।
उन्होंने कहा“आज कलूपुरा के लोगों ने यह दिखा दिया कि गौतमबुद्ध नगर केवल उद्योग और इन्फ्रास्ट्रक्चर का केंद्र ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना का भी अग्रदूत है।”
हजारों लोगों की उपस्थिति—मेले जैसा माहौल
गाँव की गलियों से लेकर आयोजन स्थल तक ग्रामीणों, महिलाओं, युवा वर्ग, बच्चों और बुजुर्गों का उत्साह देखने लायक था। स्थानीय कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, वहीं कुछ लोगों ने परशुराम जी के जीवन प्रसंगों की झलकियां दिखाते हुए भजनों से माहौल को भक्तिमय बना दिया। पंडालों में जगह-जगह भजन-कीर्तन, भंडारे और स्वागत मंचों पर आगंतुकों का सम्मान किया गया। कलूपुरा मानो आज एक आध्यात्मिक-धार्मिक महोत्सव का केंद्र बन गया।
स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि यह प्रतिमा गाँव की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई देगी। ग्राम के बुजुर्गों ने इसे “आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक धरोहर” करार दिया। युवा वर्ग ने कहा कि ऐसे आयोजन गाँव में एकता, सद्भाव और सामूहिक विकास को बढ़ावा देते हैं।
सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक गौरव का संगम
यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज की संगठित चेतना का मजबूत प्रतीक बनकर सामने आया।
कार्यक्रम में सुशील शर्मा, भोलू शर्मा, विष्णु शर्मा, सुशील त्यागी, रामदेव शर्मा सहित समाज के कई प्रमुख लोग मौजूद रहे जिनकी उपस्थिति ने आयोजन को और भी उल्लासमय बनाया।
यह सम्मेलन सामुदायिक एकता, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति समर्पण का संदेश देता रहा।
“परंपरा, संस्कृति और राष्ट्रधर्म का भव्य उत्सव”
ग्राम कलूपुरा में आयोजित परशुराम प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम ने यह साबित किया कि
जब समाज, संस्कृति और राष्ट्रधर्म एक साथ खड़े होते हैं, तो वह आयोजन महज़ कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक अध्याय बन जाता है।
यह आयोजन गाँव, क्षेत्र और जिले के सांस्कृतिक इतिहास में एक स्वर्णिम क्षण के रूप में अंकित हो गया है।



