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YEIDA Board Meeting News : 30 हजार करोड़ का निवेश, 8 हजार हेक्टेयर का इंडस्ट्रियल नोड, जेवर में ट्रैफिक पार्क और किसानों को बड़ी राहत!, YEIDA की 90वीं बोर्ड बैठक ने बदल दी विकास की तस्वीर, एयरपोर्ट सिटी बनने की ओर बढ़ा यमुना क्षेत्र, सेमीकंडक्टर से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक, उद्योगों को मिली नई उड़ान

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की 90वीं बोर्ड बैठक विकास, निवेश, रोजगार, किसानों के हित और भविष्य की आधारभूत संरचना के लिहाज से ऐतिहासिक साबित हुई। बैठक में ऐसे कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी, जो आने वाले वर्षों में जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र को देश के सबसे बड़े औद्योगिक, आर्थिक और निवेश केंद्रों में बदल सकते हैं। औद्योगिक निवेश से लेकर किसानों के पुनर्वास, ट्रैफिक प्रबंधन, फिल्म सिटी, हेरिटेज सिटी और गौशाला मॉडल तक, लगभग हर क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। प्राधिकरण अध्यक्ष एवं अपर मुख्य सचिव औद्योगिक विकास आलोक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में यमुना प्राधिकरण ने विकास की नई रूपरेखा प्रस्तुत की। बोर्ड बैठक के बाद यह साफ संकेत मिल गया कि जेवर एयरपोर्ट के आसपास का क्षेत्र केवल एक एयरपोर्ट सिटी नहीं बल्कि उत्तर भारत का सबसे बड़ा औद्योगिक और आर्थिक केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

30 हजार करोड़ का लक्ष्य पार, निवेशकों ने दिखाया भरोसा
उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के तहत आयोजित GBC-5.0 में यमुना प्राधिकरण को 30 हजार करोड़ रुपये निवेश लाने का लक्ष्य दिया गया था। लेकिन प्राधिकरण ने इस लक्ष्य को पीछे छोड़ते हुए 30,885.69 करोड़ रुपये का निवेश हासिल किया। यह उपलब्धि दर्शाती है कि निवेशकों का भरोसा लगातार यमुना क्षेत्र पर बढ़ रहा है। इस निवेश के माध्यम से 136 औद्योगिक इकाइयों ने अपनी परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। इससे क्षेत्र में हजारों रोजगार अवसर पैदा होने की संभावना है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।

सेमीकंडक्टर से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक, उद्योगों को मिली नई उड़ान
बोर्ड बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के दौरान कुल 137 औद्योगिक भूखंड आवंटित किए गए हैं। इनमें मेडिकल डिवाइस पार्क, एमएसएमई, टॉय पार्क, अपैरल पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर और सेमीकंडक्टर उद्योगों की परियोजनाएं प्रमुख हैं।
विशेष रूप से इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड (एचसीएल-फॉक्सकॉन ज्वाइंट वेंचर), एस्कॉर्ट्स कुबोटा, हैवेल्स, मिंडा कॉर्प, SAEL सोलर और इंटीग्रेटेड बैटरीज इंडिया जैसी बड़ी कंपनियों की परियोजनाओं को गति देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

8 हजार हेक्टेयर में बनेगा नया इंडस्ट्रियल नोएडा
बैठक का सबसे महत्वाकांक्षी फैसला अलीगढ़ रोड और यमुना एक्सप्रेसवे के बीच लगभग 8,000 हेक्टेयर क्षेत्र में नए इंडस्ट्रियल नोड के विकास को मंजूरी देना रहा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह क्षेत्र भविष्य में डिफेंस कॉरिडोर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और हाईटेक उद्योगों का बड़ा केंद्र बन सकता है। इससे जेवर एयरपोर्ट को भी सीधा लाभ मिलेगा और आसपास के जिलों की आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी।

किसानों को मिला 3,050 करोड़ रुपये से अधिक अतिरिक्त प्रतिकर
यमुना प्राधिकरण ने किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए बताया कि वर्ष 2014-15 से मई 2026 तक किसानों को 3,050 करोड़ रुपये से अधिक अतिरिक्त प्रतिकर का भुगतान किया जा चुका है। यह राशि उन किसानों के लिए राहत का माध्यम बनी है जिनकी भूमि विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की गई थी। इसमें जेपी इंफ्राटेक प्रभावित किसानों को दी गई राशि भी शामिल है।

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YEIDA की 90वीं बोर्ड बैठक ने बदल दी विकास की तस्वीर


7 प्रतिशत आबादी भूखंड योजना में बड़ी प्रगति
किसानों को उनके अधिकार दिलाने के लिए चलाई जा रही 7 प्रतिशत आबादी भूखंड योजना में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। प्राधिकरण ने अब तक 11,211 पात्र कूपों का विस्तृत प्रकाशन किया है। इनमें से 7,035 किसानों को आरक्षण पत्र जारी किए जा चुके हैं और 4,176 भूखंडों का नियोजन भी कर दिया गया है। रघुपुरा, तिरखली, मुरादगढ़ी, कुरैब, दनकौर, म्याना, मकसूदपुर, थोरा, मिर्जापुर, मोहम्मदाबाद खेड़ा और उतरावली जैसे गांवों के किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

जेवर में बनेगा ट्रैफिक पार्क, युवाओं को मिलेगी सड़क सुरक्षा की सीख
युवा पीढ़ी को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए जेवर क्षेत्र में आधुनिक ट्रैफिक पार्क एवं ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। यह परियोजना Honda India Foundation के CSR फंड से विकसित होगी। भूमि यमुना प्राधिकरण उपलब्ध कराएगा जबकि परियोजना का स्वामित्व प्राधिकरण के पास रहेगा। माना जा रहा है कि यह ट्रैफिक जागरूकता के क्षेत्र में एक अनूठी पहल साबित होगी।

गौवंश संरक्षण को बढ़ावा, ट्रस्ट चलाएगा गौशाला मॉडल
ग्राम फलैदा बांगर स्थित गौ-आश्रय स्थल को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विकसित करने का फैसला भी बैठक में लिया गया। लगभग 5.56 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली इस गौशाला के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी किसी ट्रस्ट या स्वयंसेवी संस्था को सौंपी जाएगी। इसका उद्देश्य गौवंश संरक्षण को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाना है।

सेक्टर-8 श्रृंखला में तेज होंगे विकास कार्य
बोर्ड ने सेक्टर-8, 8ए, 8बी, 8सी, 8डी, 8ई और 8एफ में आधारभूत सुविधाओं के विकास को भी मंजूरी दी। इन क्षेत्रों में सड़क, जलापूर्ति, सीवर और अन्य विकास कार्य EPC मोड पर कराए जाएंगे। इससे आने वाले समय में इन सेक्टरों में निवेश और आवासीय गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

फिल्म सिटी और हेरिटेज सिटी परियोजनाओं को भी मिली रफ्तार
मथुरा में प्रस्तावित हेरिटेज सिटी परियोजना के संशोधित बिड डॉक्यूमेंट को आगे की स्वीकृति के लिए भेजने का निर्णय लिया गया। वहीं बहुप्रतीक्षित फिल्म सिटी परियोजना के डेवलपर Bayview Projects LLP ने बोर्ड के सामने प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। इससे संकेत मिला कि दोनों महत्वाकांक्षी परियोजनाएं अब तेजी से आगे बढ़ने वाली हैं।

यमुना क्षेत्र बनने जा रहा है उत्तर भारत का विकास इंजन
90वीं बोर्ड बैठक के फैसलों को केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं बल्कि आने वाले वर्षों के विकास का रोडमैप माना जा रहा है। औद्योगिक निवेश, रोजगार, किसानों का पुनर्वास, ट्रैफिक प्रबंधन, फिल्म सिटी, हेरिटेज सिटी और नई औद्योगिक परियोजनाओं के जरिए यमुना क्षेत्र को उत्तर भारत के सबसे बड़े विकास केंद्र के रूप में स्थापित करने की तैयारी दिखाई दे रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू होने के बाद इन फैसलों का प्रभाव और तेजी से दिखाई देगा तथा यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र देश के सबसे बड़े निवेश और रोजगार केंद्रों में शामिल हो सकता है।

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Raftar Today
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