GIMS College News : "मेराकी–2026" में गूंजा विकसित भारत का विजन!, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने जीएनआईओटी के मंच से युवाओं को दिया सफलता का मंत्र, बोले—‘सिर्फ नौकरी नहीं, रोजगार देने वाले बनो’; 23 राज्यों के छात्र, 40 से ज्यादा कॉर्पोरेट दिग्गज और हजारों सपनों का बना ऐतिहासिक संगम
चेयरमैन डॉ. राजेश कुमार गुप्ता ने कहा कि जीएनआईओटी पिछले 25 वर्षों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने का कार्य कर रहा है।,मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्वदेश कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में उद्योग और शिक्षा के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है। जीआईएमएस विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल स्किल्स और उद्योग आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रहा है।

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा एक बार फिर देश के शैक्षणिक और प्रबंधन शिक्षा के नक्शे पर सुर्खियों में रहा, जब जीएनआईओटी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ (GIMS) द्वारा आयोजित भव्य “मेराकी–2026” ओरिएंटेशन कार्यक्रम ने शिक्षा, उद्योग, नेतृत्व और प्रेरणा का ऐसा संगम प्रस्तुत किया, जिसने उपस्थित हर विद्यार्थी और अभिभावक के मन में नई ऊर्जा का संचार कर दिया। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित यह आयोजन केवल नए छात्रों का स्वागत समारोह नहीं था, बल्कि भविष्य के कॉर्पोरेट लीडर्स, उद्यमियों और राष्ट्रनिर्माताओं को नई दिशा देने वाला प्रेरणादायी महाकुंभ बन गया।
देशभर के 23 राज्यों से आए 450 से अधिक नवप्रवेशित विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों, 40 से अधिक राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों, शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया। पूरे सभागार में उत्साह, ऊर्जा और सकारात्मक वातावरण साफ दिखाई दे रहा था।

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने युवाओं को दिया विकसित भारत का विजन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान रहे। उन्होंने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है और विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब देश का युवा शिक्षा, कौशल, नवाचार और नेतृत्व को अपने जीवन का आधार बनाएगा। उन्होंने कहा कि आज का समय केवल डिग्री हासिल करने का नहीं, बल्कि स्वयं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करने का है। विद्यार्थियों को नई तकनीकों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल कौशल और उद्यमिता को अपनाना होगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल नौकरी पाने तक सीमित न रहें, बल्कि ऐसे उद्यमी बनें जो हजारों लोगों को रोजगार देने का सामर्थ्य रखते हों। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम, अनुशासन, ईमानदारी और सकारात्मक सोच ही सफलता का वास्तविक आधार है।
जीआईएमएस की छह वर्षों की उपलब्धियों की खुलकर सराहना
अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री ने जीएनआईओटी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ की शिक्षा, कौशल विकास, उद्योग-अकादमिक सहयोग, शोध, प्रशिक्षण और उत्कृष्ट प्लेसमेंट के क्षेत्र में पिछले छह वर्षों के कार्यों की खुलकर प्रशंसा की।उन्होंने कहा कि संस्थान ने बहुत कम समय में गुणवत्तापूर्ण प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है और हजारों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने कहा कि जीआईएमएस केवल किताबों तक सीमित शिक्षा नहीं दे रहा, बल्कि विद्यार्थियों को उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार कर रहा है।

चिराग पासवान ने कहा— “मैं सदैव युवाओं के साथ खड़ा हूं। शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता से जुड़े हर सकारात्मक प्रयास में मेरा पूरा सहयोग रहेगा। भारत का भविष्य उसके युवा हैं और युवाओं की सफलता ही देश की सबसे बड़ी सफलता है।”
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ भव्य शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती की वंदना के साथ हुआ। इसके बाद सभी विशिष्ट अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन जीआईएमएस की डीन डॉ. शालिनी शर्मा ने किया। इस अवसर पर जीएनआईओटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. राजेश कुमार गुप्ता, वाइस चेयरमैन गौरव गुप्ता, मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्वदेश कुमार सिंह, प्रबंधन सदस्य वंश गुप्ता, निदेशक डॉ. भूपेन्द्र कुमार सोम सहित संस्थान के सभी निदेशक, डीन, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
“शिक्षा का उद्देश्य नेतृत्व निर्माण है“
चेयरमैन डॉ. राजेश कुमार गुप्ता ने कहा कि जीएनआईओटी पिछले 25 वर्षों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि ऐसे जिम्मेदार, नैतिक और सक्षम नेतृत्वकर्ताओं का निर्माण करना है जो समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

उद्योग आधारित शिक्षा ही भविष्य
मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्वदेश कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में उद्योग और शिक्षा के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है। जीआईएमएस विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल स्किल्स और उद्योग आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रहा है। वहीं निदेशक डॉ. भूपेन्द्र कुमार सोम ने संस्थान की वैश्विक प्रमाणन, अनुसंधान, उद्योग-अकादमिक सहयोग, इंटर्नशिप और प्लेसमेंट उपलब्धियों की जानकारी साझा करते हुए विद्यार्थियों से नवाचार की सोच विकसित करने का आह्वान किया।
कॉर्पोरेट दिग्गजों ने साझा किए सफलता के अनुभव
कार्यक्रम में अडानी एंटरप्राइज ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के सीईओ सुधीर दासमंथराव, पीडब्ल्यूसी के निदेशक शिखर गुप्ता, पीपल ग्रुप के संस्थापक एवं सीईओ अनुपम मित्तल, एक्सेंचर के प्रबंध निदेशक मनहर शर्मा और प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर सोनू शर्मा ने विद्यार्थियों को उद्योग जगत की चुनौतियों, अवसरों, नेतृत्व क्षमता, स्टार्टअप संस्कृति, डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल भविष्य पर विस्तृत जानकारी दी। सभी वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आने वाला समय केवल उन्हीं युवाओं का होगा जो लगातार सीखते रहेंगे और बदलती तकनीकों को अपनाने के लिए तैयार रहेंगे।
इंदर साहनी ने हंसी के साथ दिया जीवन का संदेश
कार्यक्रम का सबसे मनोरंजक और यादगार पल प्रसिद्ध हास्य कलाकार इंदर साहनी की प्रस्तुति रही। उनके हास्य, संवाद शैली और प्रेरणादायी संदेशों ने पूरे सभागार को ठहाकों से गूंजा दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को तनावमुक्त रहते हुए मुस्कुराकर चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा दी।

विद्यार्थियों को मिला उद्योग से सीधे जुड़ने का अवसर
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और अभिभावकों को जीआईएमएस की शैक्षणिक व्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, उद्योग साझेदारी, व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम, रिसर्च, इंटर्नशिप और उत्कृष्ट प्लेसमेंट प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को देश की अग्रणी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से सीधे संवाद करने का अवसर भी मिला।
समापन अवसर पर सभी अतिथियों ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए शिक्षा, अनुशासन, नवाचार और राष्ट्रसेवा को जीवन का लक्ष्य बनाने का संदेश दिया।
“मेराकी–2026” केवल एक ओरिएंटेशन कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि हजारों सपनों को नई उड़ान देने वाला ऐसा मंच बन गया जिसने यह साबित कर दिया कि जीएनआईओटी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण, उत्कृष्ट प्लेसमेंट और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।



