Panchsheel Society News : “राममय प्रभात फेरी” से गूंज उठा पंचशील ग्रीन-1, भक्ति, एकता और सकारात्मक ऊर्जा से आलोकित हुआ ग्रेटर नोएडा वेस्ट, तीसरे वर्ष भी जारी रही श्रद्धा की यह अनोखी परंपरा, आसपास की सोसाइटियाँ भी हो रहीं प्रेरित, भक्तिभाव और अनुशासन का संगम, सोसाइटी का संकल्प परंपरा को आगे बढ़ाने का व्रत

ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टुडे। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की पंचशील ग्रीन-1 सोसाइटी इन दिनों भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर है। धर्म रक्षा समिति द्वारा आयोजित ‘राममय प्रभात फेरी’ ने न केवल सोसाइटी को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया है, बल्कि इसने पूरे क्षेत्र में सकारात्मकता, सामूहिकता और धार्मिक उत्साह का वातावरण निर्मित कर दिया है।
यह प्रभात फेरी लगातार तीसरे वर्ष आयोजित की जा रही है और अब यह केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं रही — बल्कि यह एक सामाजिक-धार्मिक आंदोलन का रूप ले चुकी है, जो लोगों को आध्यात्मिकता से जोड़ते हुए समाजिक एकता की मिसाल कायम कर रही है।
प्रभात फेरी की प्रेरणा और आरंभ
यह पहल कार्तिक मास के पवित्र अवसर पर आरंभ हुई थी, जिसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की धर्म जागरण समन्वय इकाई के जिला संयोजक श्री सुबोध जी के मार्गदर्शन में शुरू किया गया था।
शुरुआत में यह केवल कुछ श्रद्धालु परिवारों तक सीमित थी, लेकिन आज यह सोसाइटी का एक “आध्यात्मिक अभियान” बन चुकी है, जिसमें प्रतिदिन 100 से अधिक निवासी बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं।
हर सुबह जब “हरे राम हरे कृष्ण” और “जय श्रीराम” के जयघोष पूरे परिसर में गूंजते हैं, तो वातावरण स्वतः ही भक्तिमय और ऊर्जावान बन जाता है।
निवासी बताते हैं कि इस फेरी का हिस्सा बनना उनके दिन की सबसे सुंदर शुरुआत बन चुका है।
कार्तिक मास का उल्लास: भव्य प्रभात फेरी ने किया मन आलोकित
रविवार, 2 नवम्बर को कार्तिक मास के 25वें दिन की प्रभात फेरी विशेष रूप से भव्य और आनंददायी रही।
यह दिन देव उठनी एकादशी के शुभ अवसर पर आयोजित किया गया, जिससे आयोजन की पवित्रता और भी बढ़ गई।
सैकड़ों श्रद्धालु निवासियों ने प्रातःकाल सामूहिक रूप से भगवान श्रीनारायण की पूजा-अर्चना की और पूरे परिसर में “हरे राम हरे कृष्ण” का महामंत्र गूंज उठा।
सुबह की ठंडी हवा, सूरज की कोमल किरणें और रामभक्ति की ध्वनि— इन तीनों का संगम ऐसा अद्भुत दृश्य बना रहा था, जिसने उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति के मन को शांति और श्रद्धा से भर दिया।
सामूहिकता और संगठन की मिसाल
पंचशील ग्रीन-1 की यह प्रभात फेरी केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक एकता, संगठन और अनुशासन की भी मिसाल है। इस पहल में न केवल वरिष्ठ नागरिक बल्कि महिलाएं और युवा भी बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। हर व्यक्ति अपने स्तर पर भक्ति गीत गाकर, भजन मंडली में शामिल होकर या रास्ते की सजावट में योगदान देकर इस कार्यक्रम को सफल बनाने में भूमिका निभाता है।
यह देखकर क्षेत्र के अन्य निवासी भी प्रेरित हुए हैं। कई सोसाइटियों — जैसे पंचशील ग्रीन-II, गौर सिटी, और गौर सौन्दर्यम — के निवासियों ने भी ऐसी ही “भक्तिमय प्रभात फेरियाँ” शुरू करने की योजना बनाई है।

इस आयोजन में सोसाइटी के गणमान्य सदस्य एवं समितियों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
AOA से उपाध्यक्ष श्रीमती सुनैयना जी और सदस्य श्रीमती निशा जी ने कार्यक्रम में विशेष योगदान दिया।
मंदिर समिति से:
श्री अनिल अग्रवाल, श्री राजीव, श्री गिरीश और श्री के.पी. वर्मा ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
धर्म रक्षा समिति से:
श्री नरेश, श्री विवेक, श्रीमती रमीला, श्रीमती प्रतिमा, श्री हरिकिशन, श्री अतुल, श्री दिनेश, श्री यशपाल, श्री तिलक, श्री मोहनकिशन, श्री अवधेश और श्री वशिष्ठ जी प्रमुख रूप से शामिल रहे।
नेकी का डब्बा फाउंडेशन के संस्थापक श्री गिरीश चंद्र शुक्ला ने भी इस अवसर पर भाग लिया। उन्होंने कहा “पंचशील ग्रीन-1 की प्रभात फेरी ने यह साबित कर दिया है कि जब लोग मिलकर श्रद्धा और भक्ति से जुड़ते हैं, तो न केवल आत्मा शुद्ध होती है बल्कि पूरा समाज सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है। हम भी अपनी सोसाइटी में जल्द इसी तरह की प्रभात फेरी शुरू करेंगे।”
भक्तिभाव और अनुशासन का संगम
फेरी में शामिल निवासी भजन-कीर्तन के साथ-साथ स्वच्छता और अनुशासन पर भी विशेष ध्यान देते हैं।
हर दिन के बाद मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र की सफाई की जाती है, जिससे आयोजन का वातावरण पवित्र बना रहे।
यह आयोजन यह भी सिखाता है कि “भक्ति केवल पूजा तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम भी है।”
सोसाइटी का संकल्प: परंपरा को आगे बढ़ाने का व्रत
निवासियों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया है कि वे इस पवित्र परंपरा को आगे भी इसी श्रद्धा, एकता और अनुशासन के साथ जारी रखेंगे। उनका कहना है कि “यह प्रभात फेरी न केवल भगवान के नाम का स्मरण है, बल्कि एकता, सहयोग और सकारात्मक जीवन का प्रतीक भी है।”
पंचशील ग्रीन-1 सोसाइटी का यह आयोजन यह दर्शाता है कि आधुनिक शहरी जीवन में भी अध्यात्म और सामूहिकता के लिए जगह बनाई जा सकती है।
आधुनिक सोसाइटी में अध्यात्म की नई परंपरा
“राममय प्रभात फेरी” ने दिखा दिया है कि जब समाज भक्ति और अनुशासन से जुड़ता है, तो शांति, प्रेम और सौहार्द अपने आप फैल जाते हैं।
पंचशील ग्रीन-1 की यह पहल ग्रेटर नोएडा वेस्ट की अन्य सोसाइटियों के लिए एक “प्रेरणादायक उदाहरण” बन चुकी है। यह केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह उस सोच का प्रतीक है जो कहती है “जहाँ भक्ति है, वहीं एकता है; जहाँ एकता है, वहीं समाज की शक्ति है।”



