Yumana Expressway News : यमुना एक्सप्रेसवे पर अब लगेंगे 'नोएडा एयरपोर्ट' के दिशा-सूचक बोर्ड! यात्रियों और मालवाहक वाहनों को मिलेगी आसान राह, YEIDA ने शुरू कराया निर्माण कार्य, 16 संकेतक बोर्ड लगाए जाएंगे – YEIDA ने शुरू की तैयारी, “कंक्रीट बेस” से होगी मजबूती – लम्बे समय तक रहेंगे टिकाऊ, यात्रियों की सुविधा और पर्यटन को मिलेगा लाभ, अब रास्ता नहीं भटकेगा कोई

जेवर/ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। यमुना एक्सप्रेसवे पर अब यात्रियों और ट्रांसपोर्ट वाहनों को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jewar Airport) तक पहुंचने में किसी भी तरह की असुविधा नहीं होगी। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के परियोजना विभाग ने एयरपोर्ट तक दिशा-सूचक बोर्ड (Direction Signage Boards) लगाने का काम शुरू कर दिया है।
इस कार्य के लिए कंक्रीट का आधार (Concrete Base) बनाना प्रारंभ हो गया है, ताकि बोर्डों को लंबे समय तक टिकाऊ और सुरक्षित रखा जा सके। यह पहल यात्रियों को न सिर्फ स्पष्ट दिशा दिखाने के लिए है, बल्कि क्षेत्र में यातायात को व्यवस्थित करने की दिशा में एक बड़ा कदम भी है।
यात्रियों और मालवाहक वाहनों के लिए अलग-अलग संकेतक
YEIDA अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए अब जेवर-किशोरपुर मार्ग से होते हुए वाहन सीधे टर्मिनल एरिया तक पहुंचेंगे।
जहां यात्रियों के लिए विशेष मार्ग तैयार किया गया है, वहीं मालवाहक वाहनों (Cargo Trucks) के लिए भी अलग रास्ता निर्धारित किया गया है, जिससे एयरपोर्ट की सुरक्षा और व्यवस्था दोनों सुचारु रहेंगी।
घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की तैयारी के साथ चल रहा है बुनियादी ढांचा विकास
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और अब घरेलू उड़ान सेवा (Domestic Flights) की शुरुआत जल्द ही होने जा रही है। इस दिशा में YEIDA ने सभी प्रमुख कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स को तेज़ी से पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
यमुना एक्सप्रेसवे को एयरपोर्ट से जोड़ने वाले इस मार्ग की लंबाई लगभग 3.6 किलोमीटर है, जिसमें 30 मीटर चौड़ी सड़क बनाई जा रही है। सड़क के दोनों किनारों पर संकेतक बोर्ड, लाइटिंग पोल और सुरक्षा दीवारें लगाई जा रही हैं।
टर्मिनल तक आसानी से पहुंचेंगे ट्रक और मालवाहक वाहन
अब एयरपोर्ट पर पहुंचने वाले मालवाहक वाहनों को किसी वैकल्पिक रास्ते की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे सीधे इस नई सड़क से होते हुए टर्मिनल तक पहुंच सकेंगे।
यह मार्ग विशेष रूप से कार्गो टर्मिनल के संचालन को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। जब एयरपोर्ट चालू होगा, तब यह रास्ता माल परिवहन के लिए सबसे प्रमुख लिंक साबित होगा।
16 संकेतक बोर्ड लगाए जाएंगे – YEIDA ने शुरू की तैयारी
YEIDA के प्रोजेक्ट सेल के अधिकारियों ने बताया कि कुल 16 साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। इसके लिए कंक्रीट बेस का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। बोर्ड लगाने के लिए यमुना प्राधिकरण के परियोजना विभाग की टीमें प्रतिदिन साइट निरीक्षण कर रही हैं और लोकेशन मार्किंग का कार्य भी चल रहा है।
YEIDA के प्रोजेक्ट हेड अकर्मन शैलेश भारद्वाज ने बताया कि “हमारा लक्ष्य है कि आने वाले कुछ ही दिनों में सभी साइन बोर्ड तैयार कर दिए जाएं। यात्रियों को एयरपोर्ट की दिशा में भ्रम की स्थिति न रहे, इसलिए हर मुख्य मोड़ और चौराहे पर बड़े अक्षरों में ‘Noida International Airport’ लिखे बोर्ड लगाए जाएंगे।”
मार्ग की संरचना और सुरक्षा पर विशेष ध्यान
एयरपोर्ट लिंक रोड का निर्माण मजबूत ग्राउंड बेस के साथ किया जा रहा है ताकि भारी वाहनों का दबाव झेल सके। साथ ही सड़क किनारे बाउंड्रीवाल, सर्विस रोड और सड़क लाइट्स भी लगाई जा रही हैं।
YEIDA अधिकारियों का कहना है कि यह सड़क आने वाले समय में एयरपोर्ट का मुख्य प्रवेश द्वार (Gateway Road) बनेगी, जो हजारों वाहनों का दबाव संभालेगी।
टर्मिनल संचालन के साथ ही बोर्ड लगने का काम पूरा होगा
प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, साइन बोर्ड लगाने का काम अगले 15 से 20 दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। जैसे ही एयरपोर्ट पर ट्रायल ऑपरेशन शुरू होंगे, ये सभी बोर्ड यात्रियों और ड्राइवरों को सही दिशा दिखाने में सक्रिय होंगे।
इन साइन बोर्डों पर एयरपोर्ट तक की दूरी, टर्मिनल गेट का क्रमांक, पार्किंग एरिया, कार्गो टर्मिनल और सर्विस एरिया की दिशा स्पष्ट रूप से लिखी होगी।
“कंक्रीट बेस” से होगी मजबूती – लम्बे समय तक रहेंगे टिकाऊ
इस बार बोर्ड केवल लोहे या धातु के खंभों पर नहीं लगाए जा रहे, बल्कि YEIDA ने इनके लिए कंक्रीट का स्थायी बेस तैयार किया है। इसका उद्देश्य तेज हवाओं, बरसात और ट्रक मूवमेंट के दौरान भी बोर्डों की स्थिरता बनाए रखना है।
यात्रियों की सुविधा और पर्यटन को मिलेगा लाभ
इन दिशा-सूचक बोर्डों के लगने से न केवल एयरपोर्ट तक पहुंचने वाले यात्रियों को सुविधा होगी, बल्कि धार्मिक और औद्योगिक पर्यटन को भी बल मिलेगा।
दिल्ली, आगरा, मथुरा, फरीदाबाद और जयपुर से आने वाले यात्रियों को अब रास्ते की जानकारी आसानी से मिल जाएगी, जिससे स्मार्ट कनेक्टिविटी मिशन को नई गति मिलेगी।
रफ़्तार टुडे की राय
YEIDA का यह कदम न केवल बुनियादी ढांचे के विकास का प्रतीक है, बल्कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की कार्यशीलता को भी मजबूती प्रदान करेगा। एयरपोर्ट के ट्रायल ऑपरेशन से पहले यह तैयारी प्रशासन की सजगता और स्मार्ट प्लानिंग को दर्शाती है।



