Breaking News : नोएडा-ग्रेटर नोएडा की सड़कों पर आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक, फोनरवा के मंच से पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल का बड़ा हमला “यूपी सरकार का सर्कुलर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन, इंसान की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता”, स्टरलाइजेशन और वैक्सीनेशन में भ्रष्टाचार का आरोप
शहरवासियों के लिए मजबूती से लड़ेगी आवारा हिंसक कुत्तों के मामले की लड़ाई - योगेंद्र शर्मा

नोएडा, रफ़्तार टुडे।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या अब जन आंदोलन का रूप ले रही है। आए दिन किसी न किसी बच्चे, बुजुर्ग या महिला के कुत्ते के हमले का शिकार बनने की खबर सामने आती है। इस गंभीर मुद्दे पर फोनरवा (Federation of Noida Residents Welfare Association) ने बड़ा कदम उठाते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री और सामाजिक कार्यकर्ता विजय गोयल को मंच पर बुलाया। मीडिया क्लब, नोएडा में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में गोयल ने स्पष्ट कहा कि “यूपी सरकार द्वारा जारी हालिया सर्कुलर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का खुला उल्लंघन है और इससे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकती।”
गोयल का बयान: “डॉग फीडर्स ने देश को बंधक बना लिया है”
संवाददाता सम्मेलन की शुरुआत में ही गोयल ने जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि कुछ डॉग फीडर्स ने “हाय-तौबा मचाकर पूरे देश को बंधक बना लिया है।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकारें इस संवेदनशील मुद्दे पर उदासीन हैं और आम नागरिक चुपचाप कुत्तों के काटने के बाद इंजेक्शन लगवाकर घर लौटने को मजबूर हैं।
विजय गोयल ने कहा “हम सब पशु प्रेमी हैं, लेकिन मानव जीवन की रक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग रोज़ इन हिंसक कुत्तों के शिकार हो रहे हैं। सरकार को तुरंत ठोस कदम उठाने होंगे।”
घूम-घूम कर नोएडा और ग्रेटर नोएडा RWAS के साथ बैठक करेंगे
फोनरवा अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा ने बताया कि नोएडा में बढ़ते कुत्तों के मामले में पूर्व मंत्री विजय गोयल जी जो इस लड़ाई को काफी पहले से लड़ रहे है उनके साथ फोनरवा प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की और नोएडा और ग्रेटर नोएडा की लड़ाई लड़े।
पूर्व मंत्री विजय गोयल ने पूरे एनसीआर क्षेत्र, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुडगांव, दिल्ली सब जगह आवारा कुत्तों के कारण बहुत समस्याएं हैं। हजारों कुत्ते रोज काट रहे हैं, लोग चुपचाप इंजेक्शन लगवा के चले आते हैं। राज्य सरकारें प्रशासन इस समस्या की अनदेखी कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश और जमीनी हकीकत
विजय गोयल ने विस्तार से बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों पर दो महत्वपूर्ण आदेश दिए हैं:
स्ट्रीट फीडिंग पर रोक – भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों, सोसाइटी या अपार्टमेंट्स में डॉग फीडिंग की अनुमति नहीं है। इसके लिए प्रशासन को आबादी से दूर निश्चित स्थल तय करना होगा।
आक्रामक कुत्तों का नियंत्रण – जो कुत्ते काटते हैं या आक्रामक हैं, उन्हें सड़कों पर छोड़ना प्रतिबंधित है। ऐसे कुत्तों को हमेशा के लिए बाड़े में बंद किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यूपी सरकार का सर्कुलर इन आदेशों के खिलाफ है। यह न केवल नागरिकों के लिए भ्रम पैदा करेगा बल्कि RWAs को भी राहत नहीं देगा।
विदेशों से तुलना और भारत की स्थिति
गोयल ने अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, सिंगापुर और थाईलैंड का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की सड़कों पर आपको एक भी आवारा कुत्ता नहीं मिलेगा। वहां सड़कों पर खाना खिलाना अवैध है। लेकिन भारत में विदेशी संस्थाएं, जैसे PETA, सड़कों पर डॉग फीडिंग को बढ़ावा देती हैं, जबकि अपने देशों में वे ऐसा नहीं करतीं।
भारत की सच्चाई यह है कि 12 करोड़ से अधिक आवारा कुत्ते देश में मौजूद हैं। भारत में हर साल लाखों लोग कुत्तों के हमले का शिकार होते हैं। रेबीज से मरने वालों की संख्या भारत में सबसे ज्यादा है। हर साल करोड़ों की वैक्सीन बिकती है, जिसका बड़ा लाभ कंपनियां उठाती हैं।

स्टरलाइजेशन और वैक्सीनेशन में भ्रष्टाचार का आरोप
गोयल ने आरोप लगाया कि स्टरलाइजेशन और वैक्सीनेशन का काम ईमानदारी से नहीं हो रहा। यही वजह है कि कुत्तों की संख्या बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा “स्टरलाइजेशन का ठेका जिन संस्थाओं को दिया जाता है, वही संस्थाएं इस प्रक्रिया में भारी भ्रष्टाचार कर रही हैं। कंपनियों का आर्थिक स्वार्थ भी इसमें जुड़ा हुआ है। यही कारण है कि समस्या का समाधान नहीं हो रहा।”
योगी सरकार को पत्र और सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी
विजय गोयल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मांग की है कि प्रमुख सचिव द्वारा जारी सर्कुलर को तुरंत संशोधित किया जाए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने इस पर कदम नहीं उठाया तो वे सुप्रीम कोर्ट में भी पक्ष रखेंगे।
उन्होंने चेतावनी दी “अगर सर्कुलर नहीं बदला गया तो नोएडा, ग्रेटर नोएडा ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में RWAs और नागरिक विरोध प्रदर्शन करेंगे।”
लगातार धमकियां, पर पीछे हटने से इंकार
गोयल ने कहा कि इस मुद्दे पर उन्हें धमकियां मिल रही हैं और उनके खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग हो रहा है। बावजूद इसके वे लड़ाई जारी रखेंगे। उनका कहना है कि वे कभी भी पशु प्रेम के खिलाफ नहीं रहे, लेकिन “मानव जीवन की कीमत” सबसे ज्यादा है।
फोनरवा का साथ और RWAs की भागीदारी
फोनरवा अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा ने कहा कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में RWAs और नागरिक लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे हैं। अब फोनरवा और विजय गोयल मिलकर इस लड़ाई को पूरी ताकत से लड़ेंगे।
इस अवसर पर फोनरवा संरक्षक त्रिलोक शर्मा, पवन यादव, विजय भाटी, सुशील यादव, अशोक मिश्रा, देवेंद्र चौहान, लाट साहब लोहिया, संजय चौहान, उमाशंकर शर्मा, विनोद शर्मा, राजेश सिंह, कोशिंदर यादव, भूषण शर्मा समेत कई RWAs प्रतिनिधि मौजूद रहे।
हम सब पशु प्रेमी हैं किंतु मानव जीवन बहुत महत्वपूर्ण है कुछ लोग मानव जीवन से ज्यादा। इन आवारा कुतों के काटने को प्राथमिकता दे रहे हैं, यह गलत है।



