ग्रेटर नोएडाआम मुद्देताजातरीन

Noida Breaking News : नोएडा में राष्ट्रीय देहात मोर्चा की बड़ी गोष्ठी — “पंचायत और नगरीय चुनाव कब होंगे?”, स्थानीय निकाय चुनाव न होने पर उठा जनाक्रोश, नेताओं ने सरकार और प्राधिकरण को घेरा, “केवल गौतम बुद्ध नगर में चुनाव नहीं—यह संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन” _ राव संजय भाटी

नोएडा/ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। जिले में पंचायत और नगरीय चुनाव कराए जाने की लंबी चली आ रही मांग को लेकर राष्ट्रीय देहात मोर्चा ने शनिवार को सेक्टर-56, नोएडा के सामुदायिक भवन में एक महत्वपूर्ण विचार गोष्ठी आयोजित की।
इस गोष्ठी में वक्ताओं ने प्रदेश सरकार से सवाल करते हुए कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में चुनाव हो रहे हैं, लेकिन गौतम बुद्ध नगर में पंचायत व नगरीय चुनाव 14 सालों से रुके पड़े हैं, जो स्थानीय जनता के संवैधानिक अधिकारों का सीधे-सीधे हनन है।

केवल गौतम बुद्ध नगर में चुनाव नहीं—यह संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन” _ राव संजय भाटी

देहात मोर्चा के अध्यक्ष राव संजय भाटी ने अपने संबोधन में कहा कि पंचायत और नगरीय चुनाव न होने से ग्रामीण और नगरीय दोनों क्षेत्रों के लोग गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं।
उन्होंने कहा “प्रदेश भर में चुनाव हो रहे हैं, लेकिन केवल हमारे जिले को इससे बाहर क्यों रखा गया है? यह स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधि चुनने के अधिकारों का खुला उल्लंघन है। यहां भी दिल्ली की तर्ज पर कॉरपोरेशन चुनाव होने चाहिए।” राव भाटी ने लोगों से एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की।

पंचायत का अधिकार RWA को नहीं—लेकिन प्राधिकरण ने अधिकार छीने”

एडवोकेट महेंद्र अवाना (हरौला) ने कहा कि पंचायत चुनाव न होने का सीधा असर जिले के 60 फ़ीसदी ग्रामीण आबादी पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा “गांव में पंचायत का अधिकार RWA को नहीं है, लेकिन फिर भी प्राधिकरण गांव की भूमि पर बने बारात घरों की बुकिंग का अधिकार छीन चुका है। यह सीधा अतिक्रमण और अव्यवस्था है।”

उन्होंने साफ कहा कि पंचायत चुनाव न होना ग्रामीण ढांचे को कमजोर कर रहा है।

2010 से चुनाव बंद… नेता चुनाव से पहले वादा करते हैं, बाद में भूल जाते हैं”

राजकुमार मोरना ने कहा कि जिले में 2010 से पंचायत चुनाव बंद पड़े हैं। उन्होंने कटाक्ष किया—
“चुनाव से पहले सब नेता पंचायत चुनाव की बात करते हैं, पर जीतते ही भूल जाते हैं। जनता को अपने प्रतिनिधियों से सवाल पूछना होगा।”

लंबे समय से चुनाव न होने से बढ़ रहा असंतोष”

असगरपुर के पंकज अवाना ने कहा “इतने लंबे समय से चुनाव न होने से लोगों में भारी असंतोष फैल रहा है। देहात के विकास के मुद्दे गायब हो चुके हैं। अब सड़कों पर उतरकर लड़ाई लड़ने की जरूरत है।”

“जनसंपर्क बढ़ाएं — गांव-सेक्टर के लोगों को एकजुट करें”

देवेंद्र अवाना (झूंनपुरा) ने कहा कि पंचायत चुनाव कराने के लिए आंदोलन को जन-आंदोलन बनाना होगा।
उन्होंने कहा “हमें गांव-गांव, सेक्टर-सेक्टर जाकर जनसंपर्क अभियान चलाना होगा। लोकतंत्र में जनता की भागीदारी बढ़ाना सरकार और प्राधिकरण दोनों की जिम्मेदारी है।”

सरकार चुनाव कराए—हम सबको मिलकर संघर्ष करना होगा”

गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे चौधरी संजय मावी (RWA प्रेजिडेंट) ने कहा कि सरकार को पंचायत और नगरीय चुनाव करवाने ही होंगे।
उन्होंने कहा “अब जागरूकता अभियान चलाना बेहद जरूरी हो गया है। जब तक गांव और सेक्टर के लोग एक मत होकर आवाज नहीं उठाएंगे, तब तक चुनाव की राह मुश्किल रहेगी।”

अन्य वक्ताओं ने भी उठाई आवाज

गोष्ठी को संबोधित करने वाले प्रमुख लोगों में शामिल रहे श्री मूलचंद, श्री विजयपाल तोमर, हरीश चौधरी नेताजी, देवेंद्र गुर्जर, संजीव कलसयान, चरण सिंह राजपूत, सतपाल प्रधान (असगरपुर), देवराज नागर

सभी ने एक स्वर में कहा कि पंचायत और नगरीय चुनाव त्वरित रूप से कराया जाना चाहिए।

बड़ी संख्या में गणमान्य लोगों की उपस्थिति

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और प्रतिनिधि मौजूद रहे। इनमें प्रमुख थे कर्मवीर सिंह चौड़ा, किशन अवाना, रविंद्र चौधरी, विजय कुमार, जय किशन, अजय पाल, महेंद्र चौधरी, संदीप गुर्जर, गजेंद्र बैसला आदि कई गणमान्य नागरिक।

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Raftar Today
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