Dronacharya College News : द्रोणाचार्य ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में ‘युवा कनेक्ट 2025’ की गूंज, युवा आइकन यश दयाल ने भरी नई ऊर्जा, 250 से ज़्यादा छात्रों ने सीखी भविष्य की दिशा!, निदेशक डॉ. संगीता मंगेश का स्वागत भाषण—युवाओं के सपनों को मिला मंच

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। द्रोणाचार्य ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, ग्रेटर नोएडा में 17 नवंबर 2025 को आयोजित “युवा कनेक्ट कार्यक्रम” न सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम था, बल्कि भविष्य की ओर खुलते नए रास्तों का प्रेरक मंच बन गया। युवा आइकन श्री यश दयाल शर्मा की उपस्थिति ने कार्यक्रम को नई चमक दी, और लगभग 250 छात्रों ने इस कार्यक्रम से ज्ञान, प्रेरणा और जोश का अनमोल खज़ाना पाया।
परंपरा और नवाचार का संगम—तिलक समारोह से कार्यक्रम की शुरुआत
सुबह का वातावरण ऊर्जा से भरा हुआ था। संस्थान परिसर में छात्रों और शिक्षकों की हलचल के बीच संदेश स्पष्ट था—आज कुछ खास होने वाला है। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती प्रतिमा के समक्ष पारंपरिक तिलक समारोह से हुई। यह पल न सिर्फ सांस्कृतिक मूल्यों को सम्मान देने वाला था बल्कि नए सत्र, नए विचार और नई उम्मीदों की शुरुआत का प्रतीक भी था।
परंपरागत तिलक के बाद अतिथि व गणमान्य व्यक्तियों को सभागार की ओर ले जाया गया, जहाँ बी.टेक व एमबीए के प्रथम से लेकर तृतीय वर्ष के छात्र पंक्तिबद्ध खड़े होकर उनका स्वागत कर रहे थे। सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
दीप प्रज्ज्वलन से ज्ञान के मार्ग की रोशनी
कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलन और पवित्र सरस्वती वंदना के साथ हुआ। छात्रों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक नृत्य ने मंच पर दिव्य वातावरण रच दिया। ऐसा प्रतीत हुआ मानो ज्ञान की देवी स्वयं इस कार्यक्रम को आशीष दे रही हों।
द्रोणाचार्य के सभागार में बैठा हर छात्र इस गरिमामय दृश्य का हिस्सा बनकर गौरवान्वित महसूस कर रहा था।
प्रतिष्ठित अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को बनाया खास
इस कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने आयोजन की शोभा बढ़ा दी श्री सार्थक शुक्ला – सलाहकार, युवा मंत्रालय
डॉ. संगीता मंगेश कार्यकर्ता – निदेशक, द्रोणाचार्य ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस
श्री शैलेश कुमार – रजिस्ट्रार
प्रो. पवन शर्मा – विभागाध्यक्ष, प्रथम वर्ष
इन सभी की मौजूदगी ने यह दर्शाया कि आज का दिन केवल छात्रों के लिए नहीं, संस्थान के लिए भी यादगार होने वाला है।
निदेशक डॉ. संगीता मंगेश का स्वागत भाषण—युवाओं के सपनों को मिला मंच
कार्यक्रम का अगला चरण था निदेशक डॉ. संगीता मंगेश का प्रेरणादायक स्वागत भाषण। उन्होंने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज भारत का भविष्य मजबूत हाथों में है—यानी युवाओं में।
उन्होंने यह भी कहा कि युवा कनेक्ट जैसे कार्यक्रम नई दिशा देते हैं, नए विचारों को जन्म देते हैं और युवाओं को यह सिखाते हैं कि केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि दृष्टिकोण भी महत्वपूर्ण होता है।
छात्रों के मन में एक नई चमक दिखाई देने लगी।
मुख्य आकर्षण—युवा आइकन श्री यश दयाल शर्मा का प्रेरक संबोधन
कार्यक्रम की मुख्य कड़ी थी श्री यश दयाल शर्मा का संबोधन। सभागार में एकदम सन्नाटा पसर गया जब वे मंच पर आए। हर छात्र की नज़रें उन पर थीं और हर कान उनके शब्दों को पकड़ने को तैयार।
अपने जोशीले और प्रभावशाली भाषण में उन्होंने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रकाश डाला भारत की विकास यात्रा और युवाओं की भूमिका
उन्होंने बताया कि भारत की वैश्विक यात्रा सिर्फ सरकार या उद्योगों की वजह से नहीं, बल्कि युवाओं की वजह से आगे बढ़ रही है।
कृषि में आधुनिकता और हरित क्रांति का नया अध्याय
उन्होंने आधुनिक कृषि तकनीकों के महत्व पर बात की और बताया कि आज का किसान अब डिजिटल टूल्स, ड्रोन और स्मार्ट डेटा का उपयोग कर रहा है।
अगले 20 वर्षों में भारत की तस्वीर कैसी होगी?
यह हिस्सा सबसे खास रहा। उन्होंने कहा कि आने वाले दो दशकों में भारत दुनिया की तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होगा।
युवा सशक्तिकरण—देश का सबसे बड़ा हथियार
उन्होंने कहा कि युवा केवल उपभोक्ता न बनें, बल्कि निर्माता बनें। प्रधानमंत्री के 5 प्रण और 11वें संकल्प का अर्थ
उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए 5 प्रण (संकल्पों) की विस्तृत व्याख्या की और 11वें संकल्प—परिवर्तनकारी मिशन—को राष्ट्र निर्माण का मुख्य स्तंभ बताया।

युवाओं को उद्यमिता की ओर प्रोत्साहित किया
यश दयाल ने कहा कि यदि आपके पास कोई नया विचार है तो उसे दबाएं नहीं—उसे स्टार्टअप बनाएं। उन्होंने बताया कि सरकार आज युवाओं के लिए अनेक योजनाएँ ला रही है, जो स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करती हैं।
उन्होंने कहा “आपमें से हर छात्र एक संभावित उद्यमी है। भारत को अब नौकरी देने वालों की ज़रूरत है, केवल नौकरी लेने वालों की नहीं।” इस बात ने सभागार में उपस्थित युवाओं को झकझोर दिया। कई छात्र नोट्स लेते दिखे।
इंटरएक्टिव Q&A सत्र—छात्रों ने पूछे दमदार सवाल
भाषण के बाद खुला इंटरएक्टिव सेशन शुरू हुआ। छात्रों ने करियर, स्टार्टअप, सरकारी योजनाओं, और भारत के भविष्य पर कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे।
यश दयाल ने हर सवाल का सहज और प्रेरणात्मक उत्तर दिया। इस सत्र ने कार्यक्रम को और अधिक जीवंत बना दिया।
धन्यवाद ज्ञापन और यादगार विदाई
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन से हुआ, जहाँ संस्थान ने सभी अतिथियों और छात्रों को इस कार्यक्रम की सफलता का श्रेय दिया। छात्रों के चेहरे की मुस्कान बता रही थी कि उन्होंने सिर्फ भाषण नहीं सुना—वे एक नई दिशा लेकर सभागार से निकले।
युवा कनेक्ट 2025—एक कार्यक्रम नहीं, एक प्रेरणादायक यात्रा!
द्रोणाचार्य ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में आयोजित युवा कनेक्ट कार्यक्रम ने साबित किया कि जब युवा, विचार और अवसर एक मंच पर आते हैं, तो विकास और प्रेरणा की रौशनी स्वतः फैल जाती है।
यह कार्यक्रम 17 नवंबर 2025 को इतिहास के पन्नों में दर्ज होगा—क्योंकि इस दिन सैकड़ों युवा अपने भविष्य की नई राह लेकर लौटे।



