Good News : साहित्य, संस्कृति और प्रतिभा का महासंगम, दिल्ली के भव्य सांस्कृतिक मंच पर ग्रेटर नोएडा के भगवत शर्मा का हुआ ऐतिहासिक सम्मान, बच्चों की रचनात्मक उड़ान ने मोहा मन, भव्य सांस्कृतिक महोत्सव में प्रतिभा और साहित्य का संगम

दिल्ली, रफ़्तार टूडे। नई दिल्ली में एंबिशस कॉन्क्लेव फाउंडेशन के तत्वावधान में लोदी रोड स्थित लोक कला मंच ऑडिटोरियम में एक भव्य सांस्कृतिक समारोह आयोजित किया गया। इस बहुआयामी कार्यक्रम में रैम्प वॉक, किड्स टैलेंट शो और टॉप 20 राइजिंग स्टार्स अवॉर्ड समारोह की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में लगभग 200 से अधिक दर्शक उपस्थित थे, जिनमें अभिभावक, शिक्षाविद, कला-संस्कृति से जुड़े विद्वान और समाज के विशिष्ट नागरिक शामिल थे।
मुख्य अतिथि के रूप में भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की परपोती श्रीमती हुसनारा यूसुफ एवं प्रपौत्र डॉ. सलीम खान ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
शिक्षा और विरासत का सम्मान: विशिष्ट अतिथियों ने किया शुभारंभ
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण 10 वर्षीय बालिका देशना की रचित काव्य-संग्रह “मेरे आभूषण, खुशी और आत्मविश्वास” का विमोचन रहा। यह आयोजन बच्चों और युवाओं की अंतर्निहित प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने तथा उन्हें आत्मविश्वास और रचनात्मकता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
सांस्कृतिक समारोह में ग्रेटर नोएडा निवासी प्रख्यात कवि, लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता भगवत प्रसाद शर्मा को उनके साहित्यिक और सामाजिक योगदान के लिए स्मृति चिह्न और प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया गया। भगवत शर्मा ने अपनी प्रेरणादायक घटना साझा की, जिसमें उन्होंने दक्षिण कोरिया की कंपनी देवू मोटर में प्रशिक्षण के दौरान पाए डॉलर से भरे पर्स को पूरी ईमानदारी से प्रशासन विभाग को सौंपा और इसके लिए “ऑनेस्टी अवॉर्ड” से सम्मानित हुए।
कार्यक्रम में लिटिल इंडिया फाउंडेशन की निदेशक नीना वर्मानी, तिहाड़ कॉम्प्लेक्स के सदस्य मनोज कुमार, समाजसेविका सावित्री सागर, एलबीएसटीआई-मोदीनगर, लोकनायक जयप्रकाश इंटरनेशनल स्टडीज़ डेवलपमेंट सेंटर के महासचिव अभय सिन्हा एवं जिला अध्यक्ष मानव अधिकार एवं बाल विकास, हापुड़ डॉ. ईशा शर्मा और समिधा फाउंडेशन के बच्चे विशेष रूप से उपस्थित रहे।
10 साल की देशना की कविता बनी आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक और प्रेरक क्षण उस समय आया, जब मात्र 10 वर्षीय बालिका देशना द्वारा रचित काव्य-संग्रह “मेरे आभूषण, खुशी और आत्मविश्वास” का विमोचन किया गया। छोटी उम्र में इतनी परिपक्व सोच और भावनाओं से सजी कविता-पुस्तक ने मंच पर मौजूद हर व्यक्ति को भावविभोर कर दिया। देशना की रचनाओं ने यह संदेश दिया कि उम्र प्रतिभा की सीमा नहीं होती
समारोह के समापन अवसर पर एंबिशस कॉन्क्लेव फाउंडेशन की संस्थापक ख़ुशबू विरमानी ने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के सांस्कृतिक, साहित्यिक और शैक्षणिक आयोजनों के माध्यम से बच्चों और युवाओं की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास जारी रहेगा।
ग्रेटर नोएडा के भगवत प्रसाद शर्मा को मिला गौरव
इस सांस्कृतिक महोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण ग्रेटर नोएडा निवासी प्रख्यात कवि, लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता भगवत प्रसाद शर्मा का सम्मान रहा। उन्हें साहित्यिक लेखन, सामाजिक योगदान और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए स्मृति चिह्न और प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
ईमानदारी की मिसाल: दक्षिण कोरिया से जुड़ी प्रेरक कहानी
सम्मान समारोह के दौरान भगवत शर्मा ने अपने जीवन से जुड़ा एक अत्यंत प्रेरणादायक अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि दक्षिण कोरिया स्थित देवू मोटर कंपनी में प्रशिक्षण के दौरान उन्हें एक डॉलर से भरा पर्स मिला था, जिसे उन्होंने पूरी ईमानदारी के साथ प्रशासन विभाग को सौंप दिया। इस अद्वितीय ईमानदारी के लिए उन्हें कंपनी द्वारा “ऑनेस्टी अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया। उनकी यह कहानी युवाओं के लिए नैतिकता और सच्चाई की जीवंत मिसाल बन गई।



