अथॉरिटीगौतमबुद्ध नगरटॉप न्यूजताजातरीनदिल्ली एनसीआरनोएडा

Noida Authority News : नोएडा प्राधिकरण में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी!, जलभराव और गंदगी पर CEO कृष्णा करुणेश का सबसे बड़ा एक्शन, 3 अधिकारी बर्खास्त, 8 अफसरों का वेतन कटा, अब लापरवाही की नहीं मिलेगी कोई माफी, 15 जुलाई तक नाला सफाई का था लक्ष्य, फिर भी अधूरी मिली तैयारी

नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) कृष्णा करुणेश ने शहर की सफाई व्यवस्था और जल निकासी कार्यों की समीक्षा के बाद बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन सुपरवाइजरों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। इसके साथ ही तीन मैनेजर और पांच जूनियर इंजीनियरों का एक माह का वेतन काटने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। यह कार्रवाई नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक (सिविल) एस.पी. सिंह द्वारा CEO के निर्देश पर की गई।

नोएडा, रफ़्तार टुडे। मानसून के बीच नोएडा में जलभराव, गंदगी और अधूरी नाला सफाई को लेकर आम जनता की बढ़ती नाराजगी के बाद नोएडा प्राधिकरण ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए साफ संदेश दिया है कि अब लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) कृष्णा करुणेश ने शहर की सफाई व्यवस्था और जल निकासी कार्यों की समीक्षा के बाद बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन सुपरवाइजरों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। इसके साथ ही तीन मैनेजर और पांच जूनियर इंजीनियरों का एक माह का वेतन काटने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। यह कार्रवाई नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक (सिविल) एस.पी. सिंह द्वारा CEO के निर्देश पर की गई। इस सख्त कदम के बाद प्राधिकरण में हड़कंप मच गया है और सभी विभागों को स्पष्ट संकेत मिल गया है कि अब काम में ढिलाई का सीधा परिणाम अनुशासनात्मक कार्रवाई होगा।

15 जुलाई तक नाला सफाई का था लक्ष्य, फिर भी अधूरी मिली तैयारी

दरअसल, मानसून शुरू होने से पहले ही CEO कृष्णा करुणेश ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि 15 जुलाई तक शहर के सभी बड़े और छोटे नालों की सफाई हर हाल में पूरी कर ली जाए, ताकि बारिश के दौरान शहर में जलभराव जैसी समस्या उत्पन्न न हो। लेकिन समीक्षा के दौरान सामने आया कि निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बावजूद लगभग 30 प्रतिशत नालों की सफाई अधूरी पड़ी हुई है। इसके अलावा शहर के कई सेक्टरों और प्रमुख मार्गों पर कूड़े के ढेर, अवरुद्ध नालियां और खराब सफाई व्यवस्था की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। नागरिकों द्वारा सोशल मीडिया, शिकायत पोर्टल और जनसुनवाई के माध्यम से भी लगातार शिकायतें दर्ज कराई जा रही थीं।

Raftar Today banner 1 13
Advertisement

समीक्षा बैठक में खुली लापरवाही की पोल

प्राधिकरण की समीक्षा बैठक के दौरान जब विभिन्न वर्क सर्किलों की प्रगति रिपोर्ट देखी गई तो कई स्थानों पर कार्य बेहद धीमी गति से चलता मिला। निरीक्षण रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि कई अधिकारी निर्धारित समय के भीतर कार्य पूरा कराने में विफल रहे। CEO कृष्णा करुणेश ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि शहरवासियों को जलभराव और गंदगी से परेशान नहीं होने दिया जाएगा। जिन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय थी और जिन्होंने समय पर कार्य नहीं कराया, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

तीन सुपरवाइजर बर्खास्त, आठ अधिकारियों पर आर्थिक कार्रवाई

प्राधिकरण द्वारा जारी आदेश के अनुसार तीन सुपरवाइजरों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। वहीं तीन मैनेजर तथा पांच जूनियर इंजीनियरों का एक माह का वेतन काटने के आदेश दिए गए हैं। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि यह केवल शुरुआत है। यदि भविष्य में भी किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

दो वरिष्ठ अधिकारियों को मिली विशेष जिम्मेदारी

शहर की सफाई व्यवस्था और जलभराव की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने दो वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। ओएसडी इंदू प्रकाश को वर्क सर्किल-1 से 5 तक की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि महाप्रबंधक आर.एस. यादव को वर्क सर्किल-6 से 10 तक की निगरानी का दायित्व दिया गया है। दोनों अधिकारी नियमित रूप से अपने-अपने क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगे और विस्तृत रिपोर्ट सीधे CEO कृष्णा करुणेश को सौंपेंगे। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जलभराव मुक्त और स्वच्छ नोएडा बनाने पर विशेष फोकस

प्राधिकरण का कहना है कि मानसून के दौरान जलभराव सबसे बड़ी चुनौती होती है। इसलिए सभी नालों की सफाई, ड्रेनेज सिस्टम की नियमित मॉनिटरिंग, कूड़ा उठान और सीवर व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी सेक्टर, बाजार या मुख्य सड़क पर पानी भरने की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए और समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।

जनता ने की सख्त कार्रवाई की सराहना

नोएडा के विभिन्न सेक्टरों के आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने प्राधिकरण की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से सफाई व्यवस्था और जलभराव की समस्या बनी हुई थी। यदि लापरवाह अधिकारियों पर इसी तरह कार्रवाई जारी रही तो निश्चित रूप से शहर की व्यवस्थाओं में सुधार देखने को मिलेगा। कई सामाजिक संगठनों ने भी इसे जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था तभी मजबूत होती है जब जिम्मेदार अधिकारियों को अपने कार्यों के प्रति उत्तरदायी बनाया जाए।

CEO कृष्णा करुणेश का स्पष्ट संदेश—काम नहीं तो कार्रवाई तय

CEO कृष्णा करुणेश ने साफ कर दिया है कि नोएडा को स्वच्छ, सुंदर और जलभराव मुक्त बनाने के लिए सभी विभागों को पूरी गंभीरता से काम करना होगा। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्राधिकरण का मानना है कि इस कार्रवाई से पूरे विभाग में जवाबदेही बढ़ेगी और आने वाले दिनों में शहर की सफाई व्यवस्था तथा जल निकासी प्रणाली में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

रफ़्तार टूडे की न्यूज

Raftar Today
Raftar Today

Related Articles

Back to top button