Noida Perthala Chowk News : पर्थला चौक पर 80 करोड़ से बनेगा 6-लेन अंडरपास, 18 महीने में होगा तैयार; नोएडा वेस्ट और FNG कॉरिडोर के लाखों लोगों को जाम से मिलेगी राहत, बारिश में जलभराव से निपटने की भी व्यवस्था
FNG कॉरिडोर नोएडा को गाजियाबाद, NH-9 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे सहित प्रमुख मार्गों से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी परियोजना है। अंडरपास के निर्माण से नोएडा वेस्ट के अलावा सेक्टर-66, सेक्टर-71, सेक्टर-121, सेक्टर-122, किसान चौक और छिजारसी समेत आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। इन इलाकों से रोजाना बड़ी संख्या में वाहन पर्थला चौक और FNG कॉरिडोर से होकर गुजरते हैं।

नोएडा, रफ़्तार टूडे नोएडा के सबसे व्यस्त यातायात जंक्शनों में शामिल पर्थला चौक पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने बड़ी परियोजना तैयार की है। पर्थला चौक पर करीब 80 करोड़ रुपये की लागत से 6-लेन अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। लगभग 710 मीटर लंबे इस अंडरपास के बनने से FNG कॉरिडोर और नोएडा वेस्ट के बीच आवागमन आसान होगा। प्राधिकरण ने परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने की तैयारी की है और इसके निर्माण की समय-सीमा 18 महीने निर्धारित की गई है।
पर्थला चौक FNG कॉरिडोर और विकास मार्ग का महत्वपूर्ण जंक्शन है। नोएडा वेस्ट में तेजी से बढ़ते आवासीय और व्यावसायिक विकास के कारण इस मार्ग पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में यहां लंबा ट्रैफिक जाम लगना आम समस्या बन गई है। प्रस्तावित अंडरपास के जरिए मुख्य यातायात को सिग्नल और जंक्शन के दबाव से अलग कर सुगम बनाया जाएगा।
6 लेन का होगा अंडरपास
प्रस्तावित अंडरपास कुल 6 लेन का होगा, जिसमें प्रत्येक दिशा में तीन-तीन लेन उपलब्ध होंगी। इसकी कुल लंबाई लगभग 710 मीटर निर्धारित की गई है। परियोजना में दोनों तरफ करीब 10-10 मीटर लंबे आरसीसी बॉक्स, बीच में लगभग 20 मीटर का ओपन-टू-स्काई हिस्सा और दोनों ओर करीब 280-280 मीटर लंबे एप्रोच रोड शामिल होंगे। अंडरपास के निर्माण में डायफ्राम वॉल तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ ही ऑन-साइट आरसीसी निर्माण की व्यवस्था होगी। इस तकनीक का उद्देश्य निर्माण के दौरान आसपास की भूमि और मौजूदा ढांचों पर प्रभाव को कम करना है। परियोजना की डिजाइन और निर्माण व्यवस्था को पर्थला चौक पर मौजूदा यातायात तथा आसपास के विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
बारिश में जलभराव से निपटने की भी व्यवस्था
पर्थला चौक और आसपास के क्षेत्रों में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या को देखते हुए अंडरपास में पानी की निकासी के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। परियोजना में दो विशेष सम्प और उच्च क्षमता वाली पंपिंग व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसका उद्देश्य बारिश के पानी की तत्काल निकासी सुनिश्चित करना और अंडरपास में जलभराव की स्थिति को रोकना है।
FNG कॉरिडोर की कनेक्टिविटी होगी बेहतर
FNG कॉरिडोर नोएडा को गाजियाबाद, NH-9 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे सहित प्रमुख मार्गों से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी परियोजना है। भविष्य में फरीदाबाद की दिशा में भी बेहतर संपर्क स्थापित होने के कारण इस कॉरिडोर पर यातायात का दबाव और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में पर्थला चौक पर प्रस्तावित अंडरपास को भविष्य की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अंडरपास के निर्माण से नोएडा वेस्ट के अलावा सेक्टर-66, सेक्टर-71, सेक्टर-121, सेक्टर-122, किसान चौक और छिजारसी समेत आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। इन इलाकों से रोजाना बड़ी संख्या में वाहन पर्थला चौक और FNG कॉरिडोर से होकर गुजरते हैं।
सफर का समय और ईंधन दोनों बचेंगे
अंडरपास शुरू होने के बाद मुख्य यातायात को जंक्शन पर बार-बार रुकने की जरूरत कम होगी। इससे पीक आवर्स में यात्रा के समय में कमी आने की उम्मीद है। वाहनों के लगातार चलने से ईंधन की खपत कम होने के साथ प्रदूषण में भी कमी आ सकती है। इसके अलावा जंक्शन पर वाहनों की भीड़ कम होने से सड़क सुरक्षा में भी सुधार की संभावना है। नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, पर्थला चौक का 6-लेन अंडरपास शहर की भविष्य की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। परियोजना का उद्देश्य केवल मौजूदा जाम की समस्या को कम करना नहीं, बल्कि नोएडा वेस्ट और FNG कॉरिडोर की बढ़ती आबादी और यातायात के अनुरूप दीर्घकालिक एवं निर्बाध कनेक्टिविटी विकसित करना है। 18 महीने की निर्धारित समय-सीमा में परियोजना पूरी होने के बाद पर्थला चौक पर यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।



