NIET College News : सिर्फ डिग्री नहीं, ‘ड्रीम करियर’ की तैयारी!, राष्ट्रीय मंच पर छाया NIET, निदेशक डॉ. विनोद कापसे ने बताया कैसे बनेंगे इंडस्ट्री के सुपरस्टार, भविष्य की शिक्षा पर हुई गंभीर चर्चा, 'पहले दिन से इंडस्ट्री के लिए तैयार हों विद्यार्थी', NIET को राष्ट्रीय मंच पर मिला सम्मान
विनोद एम. कापसे ने कहा कि शिक्षण संस्थानों को पारंपरिक कक्षा आधारित शिक्षा से आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि केवल पुस्तकीय ज्ञान विद्यार्थियों को रोजगार योग्य नहीं बना सकता। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि Experiential Learning (अनुभवात्मक शिक्षण), उद्योग–संस्थान सहयोग, अनुसंधान, नवाचार और उभरती प्रौद्योगिकियों को शिक्षा व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। तेजी से बदलती तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऑटोमेशन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के इस दौर में उच्च शिक्षा की भूमिका लगातार बदल रही है। अब केवल डिग्री प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के लिए उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल, व्यावहारिक अनुभव और नवाचार की समझ विकसित करना भी उतना ही आवश्यक हो गया है। इसी विषय को केंद्र में रखकर आयोजित प्रतिष्ठित “आइडियाज़ ऑन एजुकेशन 2026” सम्मेलन में नोएडा इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (NIET), ग्रेटर नोएडा ने अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई।
इस राष्ट्रीय सम्मेलन में संस्थान का प्रतिनिधित्व एनआईईटी ग्रेटर नोएडा के निदेशक डॉ. विनोद एम. कापसे ने किया। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं और उद्योग विशेषज्ञों के साथ एक विशेष पैनल चर्चा में भाग लिया। चर्चा का विषय था “स्किल्स, एम्प्लॉयबिलिटी एंड इंडस्ट्री रेडीनेस” (कौशल, रोजगार क्षमता एवं उद्योग के लिए तत्परता), जिसमें भविष्य की शिक्षा व्यवस्था और रोजगार के बदलते स्वरूप पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

भविष्य की शिक्षा पर हुई गंभीर चर्चा
सम्मेलन में देशभर के प्रमुख शिक्षा विशेषज्ञों ने इस बात पर चर्चा की कि उच्च शिक्षा संस्थानों को किस प्रकार अपने पाठ्यक्रम और शिक्षण पद्धति में बदलाव लाना चाहिए, ताकि विद्यार्थी वैश्विक उद्योगों की अपेक्षाओं के अनुरूप तैयार हो सकें। विशेषज्ञों ने माना कि आज का उद्योग केवल डिग्रीधारी युवाओं की नहीं, बल्कि ऐसे पेशेवरों की मांग कर रहा है जो नई तकनीकों को समझते हों, समस्याओं का समाधान कर सकें और बदलती परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को तेजी से ढाल सकें।
अनुभव आधारित शिक्षा ही भविष्य की जरूरत : डॉ. विनोद कापसे
पैनल चर्चा के दौरान डॉ. विनोद एम. कापसे ने कहा कि शिक्षण संस्थानों को पारंपरिक कक्षा आधारित शिक्षा से आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि केवल पुस्तकीय ज्ञान विद्यार्थियों को रोजगार योग्य नहीं बना सकता। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि Experiential Learning (अनुभवात्मक शिक्षण), उद्योग–संस्थान सहयोग, अनुसंधान, नवाचार और उभरती प्रौद्योगिकियों को शिक्षा व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

डॉ. कापसे ने कहा कि विद्यार्थियों में तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ समस्या समाधान क्षमता, नेतृत्व कौशल, टीमवर्क, संचार क्षमता, नवाचार की सोच और आजीवन सीखने की आदत विकसित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
‘पहले दिन से इंडस्ट्री के लिए तैयार हों विद्यार्थी’
अपने संबोधन में डॉ. कापसे ने कहा कि एनआईईटी का लक्ष्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं है, बल्कि ऐसे पेशेवर तैयार करना है जो नौकरी के पहले दिन से ही उद्योग की अपेक्षाओं पर खरे उतर सकें। उन्होंने कहाभविष्य उन्हीं शैक्षणिक संस्थानों का है जो शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी को प्रभावी ढंग से समाप्त कर सकें। एनआईईटी में हम ऐसा शैक्षणिक वातावरण विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं, जहाँ विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव, उद्योगोन्मुख कौशल और बदलती पेशेवर चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करने का आत्मविश्वास प्राप्त हो। हमारा उद्देश्य ऐसे दक्ष एवं सक्षम पेशेवर तैयार करना है, जो नवाचार के साथ नेतृत्व करने में सक्षम हों।”
राष्ट्रीय मंच पर मिला सम्मान
सम्मेलन के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय विचारों और उच्च शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉ. विनोद एम. कापसे को सम्मानित भी किया गया। यह सम्मान एनआईईटी द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता, उद्योग सहयोग और विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण पहचान माना जा रहा है।
उद्योग आधारित शिक्षा पर विशेष फोकस
एनआईईटी ने पिछले कुछ वर्षों में परिणाम आधारित शिक्षा (Outcome Based Education), उद्योग–अकादमिक सहयोग, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, अनुसंधान गतिविधियों, स्टार्टअप संस्कृति, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए अनेक महत्वपूर्ण पहल की हैं। संस्थान लगातार विद्यार्थियों को उद्योग के विशेषज्ञों से जोड़ने, इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट्स, रिसर्च और आधुनिक तकनीकों के प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें रोजगार के लिए तैयार कर रहा है।

उच्च शिक्षा में उत्कृष्टता की ओर अग्रसर एनआईईटी
“आइडियाज़ ऑन एजुकेशन 2026” में एनआईईटी की सक्रिय सहभागिता यह दर्शाती है कि संस्थान केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए वैश्विक स्तर के कुशल और उद्योग-तैयार पेशेवर तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
परिणाम-आधारित शिक्षा, उत्कृष्ट प्लेसमेंट, उद्योग साझेदारी, अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने की अपनी रणनीति के साथ नोएडा इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (एनआईईटी) देश के अग्रणी स्वायत्त शिक्षण संस्थानों में अपनी पहचान लगातार मजबूत कर रहा है और नई पीढ़ी को सफल भविष्य की दिशा में आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है।



