Greater Noida Authority News : घंघोला के 23 किसानों को मिले छह प्रतिशत आबादी भूखंड, 16 भूखंडों का ड्रा और 7 का सीधे आवंटन, लंबे समय से लंबित थी किसानों की आबादी भूखंड की मांग, सीईओ एनजी रवि कुमार से मुलाकात के बाद तेज हुई आवंटन प्रक्रिया
आबादी भूखंड की मांग को लेकर घंघोला के किसानों ने हाल ही में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार से मुलाकात की थी। किसानों ने उनके समक्ष अपनी समस्या रखते हुए छह प्रतिशत आबादी भूखंड जल्द से जल्द आवंटित करने की अपील की थी। किसानों की मांग सुनने के बाद सीईओ एनजी रवि कुमार ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को मामले में आवश्यक कार्रवाई करते हुए पात्र किसानों को आबादी भूखंड शीघ्र आवंटित करने के निर्देश दिए थे।

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा के घंघोला गांव के किसानों के लिए मंगलवार का दिन राहत और उम्मीद लेकर आया। लंबे समय से छह प्रतिशत आबादी भूखंड के इंतजार में बैठे 23 किसानों को आखिरकार उनके भूखंड आवंटित कर दिए गए। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने किसानों की मौजूदगी में आवंटन प्रक्रिया पूरी की। समान आकार वाले 16 भूखंडों के लिए पारदर्शी तरीके से ड्रा कराया गया, जबकि अलग-अलग आकार के सात भूखंडों का सीधे संबंधित किसानों के नाम आवंटन कर दिया गया। आबादी भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसानों में खुशी का माहौल देखने को मिला। किसानों ने प्राधिकरण के अधिकारियों का आभार जताते हुए कहा कि लंबे समय से लंबित उनकी मांग को अब पूरा किया गया है।
लंबे समय से लंबित था आबादी भूखंड का मामला
दरअसल, ग्रेटर नोएडा के विभिन्न गांवों में किसानों की जमीन अधिग्रहित किए जाने के बाद पात्र किसानों को छह प्रतिशत आबादी भूखंड दिए जाने की व्यवस्था है। घंघोला गांव के 23 किसानों के आबादी भूखंड भी लंबे समय से लंबित चल रहे थे। किसान लगातार प्राधिकरण के अधिकारियों के समक्ष अपनी मांग रखते रहे थे। किसानों का कहना था कि जमीन अधिग्रहण के बाद उन्हें आबादी भूखंड मिलने की उम्मीद थी, लेकिन प्रक्रिया लंबित रहने के कारण उन्हें काफी समय तक इंतजार करना पड़ा। आखिरकार प्राधिकरण स्तर पर इस मामले में कार्रवाई आगे बढ़ी और मंगलवार को आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर दी गई।
सीईओ एनजी रवि कुमार से मिले थे किसान
आबादी भूखंड की मांग को लेकर घंघोला के किसानों ने हाल ही में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार से मुलाकात की थी। किसानों ने उनके समक्ष अपनी समस्या रखते हुए छह प्रतिशत आबादी भूखंड जल्द से जल्द आवंटित करने की अपील की थी। किसानों की मांग सुनने के बाद सीईओ एनजी रवि कुमार ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को मामले में आवश्यक कार्रवाई करते हुए पात्र किसानों को आबादी भूखंड शीघ्र आवंटित करने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद प्राधिकरण के नियोजन विभाग और छह प्रतिशत आबादी भूखंड विभाग ने लंबित प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। संबंधित रिकॉर्ड और पात्रता की प्रक्रिया पूरी करने के बाद मंगलवार को भूखंडों के आवंटन की कार्रवाई की गई।
16 भूखंडों के लिए कराया गया ड्रा
आबादी भूखंड आवंटन के दौरान समान आकार वाले 16 भूखंडों का ड्रा किसानों की मौजूदगी में कराया गया। ड्रा की प्रक्रिया अधिकारियों और किसानों के सामने पूरी की गई, ताकि आवंटन में पारदर्शिता बनी रहे और पात्र किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार भूखंड मिल सके। वहीं, बाकी सात भूखंडों का आकार अलग-अलग होने के कारण उनके लिए ड्रा कराने की आवश्यकता नहीं पड़ी। इन सात भूखंडों का संबंधित किसानों के नाम सीधे आवंटन कर दिया गया। इस तरह मंगलवार को कुल 23 किसानों के छह प्रतिशत आबादी भूखंड आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो गई।
किसानों ने जताई खुशी
आबादी भूखंड मिलने के बाद किसानों ने राहत की सांस ली। लंबे समय से लंबित मांग पूरी होने पर किसानों ने प्राधिकरण के अधिकारियों का आभार जताया। किसानों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण के बाद आबादी भूखंड उनके लिए महत्वपूर्ण अधिकार है और इसके मिलने से उन्हें अपने भविष्य को लेकर सुरक्षा का एहसास होगा। किसानों ने उम्मीद जताई कि इसी तरह अन्य गांवों के पात्र किसानों के लंबित आबादी भूखंडों के मामलों में भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।
“किसानों को आबादी भूखंड देना पहली प्राथमिकता”
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी अजय शर्मा ने कहा कि किसानों को छह प्रतिशत आबादी भूखंड उपलब्ध कराना प्राधिकरण की प्राथमिकताओं में शामिल है। घंघोला गांव के 23 किसानों को आबादी भूखंड आवंटित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि घंघोला की तरह ही अन्य गांवों में भी पात्र किसानों के लंबित मामलों को नियमानुसार आगे बढ़ाया जाएगा और उन्हें जल्द से जल्द आबादी भूखंड आवंटित करने का प्रयास किया जाएगा।
ओएसडी ने कहा कि किसानों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।
किसानों की मौजूदगी में पूरी हुई प्रक्रिया
मंगलवार को आबादी भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया किसानों की मौजूदगी में कराई गई। इससे किसानों को पूरी प्रक्रिया को स्वयं देखने और समझने का अवसर मिला। समान आकार के भूखंडों के लिए ड्रा और अलग आकार वाले भूखंडों के सीधे आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अधिकारियों ने किसानों को आवश्यक जानकारी भी दी। प्राधिकरण का कहना है कि आबादी भूखंडों से जुड़े मामलों में पात्रता और निर्धारित नियमों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। जिन किसानों के मामले पात्रता और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा करते हैं, उनके भूखंड आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
अन्य गांवों के किसानों को भी उम्मीद
घंघोला के 23 किसानों को आबादी भूखंड मिलने के बाद अन्य गांवों के उन किसानों में भी उम्मीद जगी है, जिनके छह प्रतिशत आबादी भूखंड अभी लंबित हैं। किसान लंबे समय से इन भूखंडों के आवंटन की मांग करते रहे हैं। प्राधिकरण की ओर से भी संकेत दिया गया है कि पात्र किसानों के मामलों को नियमानुसार आगे बढ़ाया जाएगा। इससे उन किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके आबादी भूखंडों का मामला लंबे समय से विभिन्न कारणों से लंबित है।
ग्रेटर नोएडा में जमीन अधिग्रहण और किसानों को आबादी भूखंड आवंटन का मुद्दा लंबे समय से महत्वपूर्ण रहा है। ऐसे में घंघोला के 23 किसानों को भूखंड मिलने को लंबित मामलों के निस्तारण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अधिकारी रहे मौजूद
आबादी भूखंडों के ड्रा और आवंटन प्रक्रिया के दौरान एसीईओ सुनील कुमार सिंह, ओएसडी लवगीत कौर और ओएसडी अजय शर्मा मौजूद रहे। इसके अलावा वरिष्ठ प्रबंधक नियोजन सुधीर कुमार, प्रबंधक प्रमोद कुमार और प्रबंधक संदीप रावल समेत संबंधित विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। प्राधिकरण अधिकारियों ने पूरी प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुसार पूरा कराया। किसानों की मौजूदगी में ड्रा होने से आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने का प्रयास किया गया।
23 किसानों को मिली राहत
कुल मिलाकर, घंघोला गांव के 23 किसानों को छह प्रतिशत आबादी भूखंड मिलने से लंबे समय से लंबित मामला आगे बढ़ा और किसानों को बड़ी राहत मिली। 16 समान आकार वाले भूखंडों का ड्रा और सात अलग आकार के भूखंडों का सीधे आवंटन कर प्राधिकरण ने आवंटन प्रक्रिया पूरी कर दी। अब घंघोला के किसानों की नजर अन्य लंबित मामलों पर है। वहीं, प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि पात्र किसानों को आबादी भूखंड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।



