
ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
हिंदू धर्म में गणेश चतुर्थी का पर्व अत्यंत हर्ष और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। विघ्नहर्ता गणपति की पूजा-आराधना का यह दिन हर वर्ष भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को आता है। इस बार गणेश चतुर्थी 2025 की शुरुआत 27 अगस्त से होगी और गणपति विसर्जन 8 सितंबर को किया जाएगा। पूरे 12 दिनों तक यह पर्व भक्तों के जीवन में सुख-समृद्धि और शुभता का संचार करेगा।
लेकिन इस बार की गणेश चतुर्थी सिर्फ धार्मिक दृष्टि से ही खास नहीं है, बल्कि ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दरअसल इस वर्ष भगवान गणेश के आगमन पर पांच अद्भुत दुर्लभ संयोग एक साथ बन रहे हैं, जिनका प्रभाव 500 साल बाद देखने को मिलेगा। यह संयोग सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, प्रीति योग, इंद्र योग और ब्रह्म योग है। मान्यता है कि ऐसे अद्भुत योगों का निर्माण जातकों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लेकर आता है।
500 साल बाद बन रहा है दुर्लभ संयोग
धार्मिक ग्रंथों और ज्योतिष विद्वानों के अनुसार गणेश चतुर्थी पर बनने वाले इन पांच योगों का विशेष प्रभाव रहेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग को कार्य सिद्धि और सफलता का प्रतीक माना जाता है। रवि योग सूर्य देव की कृपा का संकेत है, जिससे आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होती है। प्रीति योग संबंधों में मधुरता और सौभाग्य प्रदान करता है। इंद्र योग को शक्ति, ऐश्वर्य और सफलता का योग कहा जाता है, जबकि ब्रह्म योग ज्ञान और आध्यात्मिक उन्नति से जुड़ा है।
इन पांचों योगों का एक साथ बनना अत्यंत दुर्लभ घटना है और इसे बेहद शुभ माना जा रहा है। ज्योतिषियों का कहना है कि इस बार का संयोग खास तौर पर तीन राशियों – कुंभ, तुला और मकर राशि – के जातकों के लिए अत्यधिक लाभकारी साबित होगा।
कुंभ राशि – धन, मान-सम्मान और नए अवसर
कुंभ राशि के जातकों के लिए यह संयोग जीवन में नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला हो सकता है। इस राशि वालों की आय में वृद्धि होगी और नए आय स्रोत मिलेंगे। व्यापार करने वालों को नए कॉन्ट्रैक्ट और बड़े सौदे मिल सकते हैं।
निवेश करने वालों को भी लाभ मिलेगा, साथ ही सेविंग्स में भी बढ़ोतरी होगी। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और जातक अपनी रचनात्मकता के बल पर सफलता हासिल करेंगे। विद्यार्थियों और करियर की तैयारी करने वालों को भी शुभ समाचार मिल सकते हैं।
तुला राशि – संबंधों में मिठास और व्यापार में तरक्की
तुला राशि वालों के लिए यह गणेश चतुर्थी शुभ संकेत लेकर आएगी। विवाहित लोगों का दांपत्य जीवन खुशहाल रहेगा और अविवाहितों को विवाह प्रस्ताव मिल सकते हैं। इस दौरान सेहत अच्छी रहेगी और मानसिक तनाव कम होगा।
व्यापार करने वाले जातकों को अच्छा धन लाभ होगा। रुके हुए कार्य पूरे होंगे और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। सामाजिक संबंध मजबूत होंगे और लोग इनके मधुर व्यवहार से प्रभावित होंगे।
मकर राशि – रुका धन वापस और करियर में सफलता
मकर राशि वालों के लिए यह संयोग विशेष वरदान साबित होगा। लंबे समय से अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। अचानक धन लाभ के योग बन रहे हैं। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठों से सहयोग और सराहना मिलेगी।
जातकों के जीवन में शुभ समाचार आ सकते हैं और कई चिंताएं दूर होंगी। यात्रा के अवसर मिल सकते हैं और कार्यक्षेत्र में लिए गए कठिन फैसले भी लाभकारी साबित होंगे।
गणेश चतुर्थी का धार्मिक महत्व
गणेश चतुर्थी को भगवान गणेश के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन गणपति बप्पा की पूजा करने से सभी विघ्न दूर हो जाते हैं और जीवन में सफलता प्राप्त होती है। महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और उत्तर भारत के कई हिस्सों में यह पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।
भक्तजन अपने घरों और पंडालों में गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करते हैं और 10 दिनों तक भक्ति, पूजा, आरती और भजन का आयोजन करते हैं। अंतिम दिन बड़े उत्सव के साथ गणपति विसर्जन किया जाता है और नारा गूंजता है – “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ।”
इस बार की गणेश चतुर्थी जहां आस्था और श्रद्धा का पर्व होगी, वहीं ज्योतिषीय दृष्टि से भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है। 500 साल बाद बन रहे इन अद्भुत योगों का लाभ खासकर कुंभ, तुला और मकर राशि के जातकों को मिलेगा। ऐसे में यह पर्व हर किसी के लिए नई ऊर्जा, उत्साह और समृद्धि लेकर आएगा।



