Surajpur Ramlila News : सूरजपुर रामलीला में राम-सीता मिलन, सीता स्वयंवर और परशुराम संवाद का भव्य मंचन, हजारों श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा “रामायण हमें भाईचारे और त्याग का सबसे बड़ा संदेश देती है”, पार्किंग और सुरक्षा की विशेष व्यवस्था

सूरजपुर, ग्रेटर नोएडा (रफ़्तार टुडे)। धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक मेल-जोल का अनोखा संगम इस बार सूरजपुर की श्री आदर्श रामलीला में देखने को मिला। मंच पर एक-एक दृश्य ऐसा रचा गया कि मानो पूरा सूरजपुर रामायण काल में पहुंच गया हो। रविवार की शाम रामलीला मंचन में दर्शकों को मिथिला आगमन, राजा जनक द्वारा विश्वामित्र जी का स्वागत, नगर भ्रमण, पुष्पवाटिका में श्रीराम-सीता मिलन, सीता स्वयंवर और भगवान परशुराम-लक्ष्मण संवाद जैसी ऐतिहासिक झलकियों को जीवंत देखने का अवसर मिला।
दिनेश शर्मा बने दर्शकों की आवाज़, दिया आदर्शों का संदेश
इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने मंच से कहा:
“भगवान श्रीराम केवल एक मर्यादा पुरुषोत्तम ही नहीं, बल्कि त्याग और भाईचारे की सबसे बड़ी मिसाल हैं। जब राम का राज्याभिषेक होना था, उसी समय उन्हें वनवास मिला। भरत को राजगद्दी मिली, पर उन्होंने भी त्याग करके कुटिया में रहना स्वीकार किया। यह प्रसंग हमें भाई-भाई के प्रेम और कर्तव्य के महत्व की शिक्षा देता है।” उनके इस संबोधन पर पूरे पंडाल में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी।
मंचन ने बांधा समां – दर्शक भावविभोर
रामलीला के प्रत्येक प्रसंग में कलाकारों ने अपने अभिनय और संवाद अदायगी से दर्शकों का दिल जीत लिया। पुष्पवाटिका में राम-सीता मिलन का दृश्य जहां लोगों की आंखों को नम कर गया, वहीं परशुराम-लक्ष्मण संवाद ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। सीता स्वयंवर के दौरान राम के धनुष तोड़ने का दृश्य इतना प्रभावशाली रहा कि पूरे मैदान में जयकारों की गूंज सुनाई दी।
विजय महोत्सव मेला बना आकर्षण का केंद्र
रामलीला मंचन के साथ लगे विजय महोत्सव मेला में रौनक देखते ही बन रही है। बच्चों के लिए झूले, कपड़े और खिलौनों की दुकानें, मिठाइयों और व्यंजनों के स्टॉल लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। पूरा क्षेत्र मानो एक छोटे मेले की शक्ल ले चुका है, जहां परिवारों के साथ आए श्रद्धालु मंचन और शॉपिंग दोनों का आनंद ले रहे हैं।

पार्किंग और सुरक्षा की विशेष व्यवस्था
हजारों की भीड़ को देखते हुए रामलीला कमेटी के कार्यकर्ताओं ने पार्किंग और सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की। अलग-अलग सेक्टरों से आने वाले लोगों को आसानी से वाहन खड़ा करने और मेला घूमने में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए स्वयंसेवक सक्रिय रहे।
आयोजकों का प्रयास और संकल्प
आदर्श रामलीला कमेटी के अध्यक्ष सतवीर सिंह भाटी ने बताया कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह समाज को जोड़ने का भी माध्यम है। हर साल की तरह इस बार भी रामलीला मंचन को और भव्य रूप दिया गया है।
कमेटी महामंत्री ने कहा कि रामलीला मंचन में शामिल हर कलाकार अपने अभिनय से दर्शकों को ऐसा अनुभव कराता है, जैसे वे सचमुच त्रेतायुग में पहुंच गए हों।
विशेष मेहमान और नेताओं की उपस्थिति
रामलीला मंचन और मेले में क्षेत्र के कई नेता और गणमान्य लोग पहुंचे। इनमें प्रमुख रूप से दादरी विधायक मास्टर तेजपाल नागर, भाजपा जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा, राजवीर भाटी, सुनील चावड़ा, धर्मपाल प्रधान, मूलचंद शर्मा, भूदेव शर्मा, लक्ष्मण सिंघल, रघुवीर (जेसीबी वाले), विनोद पंडित, सुभाष शर्मा, कर्मवीर आर्य, बिजेंद्र मुद्गल, डॉ. ओमप्रकाश शर्मा, अनिल भाटी, भगत सिंह आर्य, सचिन जिंदल, बीरपाल भगत समेत अनेक सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों ने मंचन का आनंद उठाया और बार-बार तालियों और जयकारों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
रामलीला बनी आस्था और संस्कृति की जीवंत पाठशाला
सूरजपुर रामलीला केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि यह सांस्कृतिक धरोहर को संजोने और नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं से जोड़ने का जीवंत माध्यम है। आयोजकों का कहना है कि इस रामलीला का उद्देश्य यही है कि आज की युवा पीढ़ी श्रीराम के आदर्शों, भाईचारे, त्याग और धर्मनिष्ठा को समझे और अपने जीवन में उतारे।



