Jewar International Airport News : जेवर एयरपोर्ट को मिला एरोड्रम लाइसेंस, अब जल्द उड़ान भरेगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, देश के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट्स में शामिल, YEIDA की भूमिका और तेज़ी से बढ़ती परियोजना, दिल्ली एयरपोर्ट का दबाव होगा कम

जेवर, रफ़्तार टूडे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के लिए एक बड़ी और बहुप्रतीक्षित खबर सामने आई है। लंबे इंतजार के बाद जेवर में बन रहे Noida International Airport को आखिरकार एरोड्रम लाइसेंस मिल गया है।
यह जानकारी Yamuna Expressway Industrial Development Authority के मुख्य कार्यपालक अधिकारी Rakesh Kumar Singh ने साझा की। नागरिक उड्डयन क्षेत्र के नियामक Directorate General of Civil Aviation की ओर से यह लाइसेंस जारी किया गया है। इसके साथ ही एयरपोर्ट से वाणिज्यिक उड़ानों (Commercial Flights) के संचालन का रास्ता लगभग पूरी तरह साफ हो गया है।
यह उपलब्धि केवल एक प्रशासनिक मंजूरी नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।
क्या होता है एरोड्रम लाइसेंस और क्यों है यह इतना अहम
एरोड्रम लाइसेंस किसी भी एयरपोर्ट के लिए सबसे महत्वपूर्ण मंजूरी मानी जाती है। यह लाइसेंस मिलने का मतलब होता है कि एयरपोर्ट की सभी तकनीकी, सुरक्षा और परिचालन व्यवस्थाएं अंतरराष्ट्रीय एविएशन मानकों के अनुरूप हैं।
Directorate General of Civil Aviation द्वारा जारी यह लाइसेंस कई स्तरों पर जांच के बाद दिया जाता है। इसमें मुख्य रूप से निम्न व्यवस्थाओं की विस्तृत जांच की जाती है—
रनवे की गुणवत्ता और लंबाई
एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम
नेविगेशन और लैंडिंग उपकरण
सुरक्षा और निगरानी प्रणाली
अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएं
एयरपोर्ट ऑपरेशन प्रोटोकॉल
जब ये सभी व्यवस्थाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरती हैं तभी एरोड्रम लाइसेंस प्रदान किया जाता है।
देश के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट्स में शामिल
जेवर में विकसित हो रहा Noida International Airport देश के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में शामिल है। यह पूरी तरह नई जमीन पर विकसित किया जा रहा है और आधुनिक तकनीक से लैस होगा।
एयरपोर्ट के पहले चरण में इसकी क्षमता करीब 1.2 करोड़ यात्रियों प्रति वर्ष रखने की योजना बनाई गई है। लेकिन भविष्य में इसे चरणबद्ध तरीके से विस्तारित करते हुए 6 करोड़ से 12 करोड़ यात्रियों तक संभालने की क्षमता विकसित की जाएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार पूरी तरह विकसित होने के बाद यह एयरपोर्ट दुनिया के बड़े हवाई अड्डों की सूची में शामिल हो सकता है।
YEIDA की भूमिका और तेज़ी से बढ़ती परियोजना
इस मेगा परियोजना को जमीन पर उतारने में Yamuna Expressway Industrial Development Authority की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है।
प्राधिकरण के सीईओ Rakesh Kumar Singh के नेतृत्व में एयरपोर्ट से जुड़े कई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इनमें मुख्य रूप से—
एयरपोर्ट कनेक्टिविटी रोड
यमुना एक्सप्रेसवे से कनेक्शन
औद्योगिक क्षेत्र और लॉजिस्टिक हब
एयरपोर्ट सिटी और व्यावसायिक केंद्र
शामिल हैं। इन परियोजनाओं के चलते जेवर क्षेत्र तेजी से एक नए आर्थिक और औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है।
दिल्ली एयरपोर्ट का दबाव होगा कम
दिल्ली का Indira Gandhi International Airport वर्तमान में देश के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट्स में से एक है, जहां हर साल करोड़ों यात्री यात्रा करते हैं।
जेवर एयरपोर्ट शुरू होने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर बढ़ते ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम हो सकेगा। साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के कई जिलों के यात्रियों को भी एक नया और नजदीकी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट मिल जाएगा।
रोजगार, निवेश और व्यापार को मिलेगा नया आयाम
विशेषज्ञों का मानना है कि Noida International Airport शुरू होने के बाद पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
एयरपोर्ट के आसपास कई नई परियोजनाएं विकसित होने की संभावना है, जैसे—
लॉजिस्टिक और वेयरहाउसिंग हब
होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर
एयर कार्गो सुविधाएं
आईटी और औद्योगिक पार्क
इन परियोजनाओं से हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और स्थानीय व्यापार को भी नई गति मिलेगी।
दिल्ली-NCR के विकास का नया अध्याय
कुल मिलाकर जेवर में बन रहा Noida International Airport केवल एक एयरपोर्ट नहीं बल्कि दिल्ली-एनसीआर के विकास का नया अध्याय बनने जा रहा है।
एरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद अब यहां से जल्द ही वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत होने की उम्मीद और भी मजबूत हो गई है।
जब इस एयरपोर्ट से पहली कमर्शियल फ्लाइट उड़ान भरेगी, तो यह केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर के विकास के नए युग की शुरुआत होगी।



