Corruption Free India News : अगस्त क्रांति के अवसर पर "भ्रष्टाचारियों भारत छोड़ो!", की हुंकार के साथ सदर तहसील में गरजा जनसैलाब, करप्शन फ्री इंडिया संगठन का हल्ला बोल प्रदर्शन, किसानों के हक की उठी बुलंद आवाज, जनता की चेतावनी – नहीं सुधरे सिस्टम तो उठेगा तूफान

ग्रेटर नोएडा, रफ्तार टुडे।
जहां 1942 में महात्मा गांधी ने “अंग्रेजों भारत छोड़ो” का नारा दिया था, वहीं 2025 के अगस्त क्रांति सप्ताह में “भ्रष्टाचारियों भारत छोड़ो” की गूंज सदर तहसील में सुनाई दी। करप्शन फ्री इंडिया संगठन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए जनता की आवाज को नई ऊंचाई दी। संगठन के कार्यकर्ताओं और किसानों का हुजूम संगठन के ज़िलाध्यक्ष चौधरी प्रेम प्रधान के नेतृत्व में सदर तहसील परिसर में एकजुट हुआ।
“अब नहीं सहेंगे अत्याचार” – नारे और नाराजगी दोनों बुलंद
सदर तहसील के मुख्य गेट पर भारी संख्या में इकट्ठा हुए लोग “भ्रष्टाचारियों भारत छोड़ो”, “किसानों का शोषण बंद करो”, “लेखपालों की रिश्वतखोरी बंद करो” जैसे नारों के साथ हल्ला बोल करते नजर आए। यह आंदोलन केवल एक धरना नहीं, बल्कि प्रशासन की कार्यशैली के खिलाफ जनता का आक्रोश था।
धरने की अध्यक्षता समाजसेवी बाबा घम्मी सिंह गुर्जर ने की, जबकि संचालन किया मास्टर दिनेश नागर ने। इस आयोजन में संगठन के कई युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और किसान प्रतिनिधि शामिल हुए।
मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया
इस मौके पर प्रदर्शनकारियों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार प्रतीत सिंह चौहान को सौंपा। ज्ञापन में सदर तहसील के भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
क्या हैं किसानों की प्रमुख शिकायतें?
करप्शन फ्री इंडिया संगठन के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय और आलोक नागर ने बताया कि तहसील के अधिकारियों द्वारा किसानों से फाइलों के निस्तारण, मुआवजा वितरण, वारिसान दाखिल-खारिज और कूरेबंदी जमीन की पैमाइश जैसे कार्यों के बदले रिश्वत की मांग की जाती है।
उन्होंने यह भी कहा कि “लेखपाल से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक की मिलीभगत से किसान परेशान हैं।” पहले भी कई बार भ्रष्टाचार के मामलों की शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
“नहीं रुकी भ्रष्टाचार की बाढ़ तो होगा बड़ा आंदोलन” – गौरव भाटी
युवा जिलाध्यक्ष गौरव भाटी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन बड़ा प्रदेश स्तरीय आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि अगस्त क्रांति के इस अवसर पर करप्शन फ्री इंडिया संगठन गौतम बुद्ध नगर के हर सरकारी विभाग के बाहर प्रदर्शन करेगा और हर दफ्तर में भ्रष्टाचार का पर्दाफाश किया जाएगा।

धरने में रहे ये प्रमुख लोग शामिल
धरने में संगठन के दर्जनों प्रमुख पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और युवा शामिल हुए, जिनमें प्रमुख नाम हैं:
- आलोक नागर
- बलराज हूंण
- डॉ. दीपक शर्मा
- प्रेमराज भाटी
- कुलबीर भाटी
- ब्रह्मा नागर
- रोहतास नागर
- एडवोकेट विजय शर्मा
- मोहित प्रधान
- यतेंद्र नागर
- सूबेदार जगदीश नागर
- नरेंद्र खटाना
- कमल सिंह
- रत्नपाल नागर
- योगेश भाटी
- हरेंद्र कसाना
- लव यादव
- मुकेश कसाना
- जितेंद्र भाटी
- आकाश नागर
- नीरज भाटी
- रवि, जीतू, शशांक टाइगर
- मोहित अधाना
- केशव नागर
- रोहित, मनीष कसाना
- केपी नागर
- रविंद्र बरसात
- नवीन भाटी
- पवन यादव
इसके अलावा, सैकड़ों स्थानीय नागरिक और किसान भी समर्थन में शामिल हुए।
“अगस्त क्रांति” से जुड़ी नई चेतना
इस प्रदर्शन के माध्यम से एक बात स्पष्ट हो गई है — जनता अब चुप नहीं बैठने वाली। जिस तरह 1942 में अंग्रेजों के खिलाफ आवाज उठाई गई थी, उसी तरह अब भ्रष्टाचार के खिलाफ जनांदोलन खड़ा किया जा रहा है।
जनता की चेतावनी – नहीं सुधरे सिस्टम तो उठेगा तूफान
करप्शन फ्री इंडिया संगठन के नेताओं का कहना है कि अब कोई कागज़ी कार्रवाई नहीं, बल्कि जमीन पर असर दिखना चाहिए। यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो भ्रष्टाचार के खिलाफ एक जनसुनामी खड़ी होगी।
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