Breaking News : “नोएडा से लखनऊ तक बढ़ा कद”, पूर्व CEO डॉ. लोकेश एम को योगी सरकार ने दी बड़ी जिम्मेदारी, अब संभालेंगे इस विभाग के सचिव का पद, नोएडा के अनुभव ने दिलाई नई जिम्मेदारी, प्रतीक्षारत रहने के बाद मिली नई तैनाती, प्रशासनिक हलकों में तेज हुई चर्चा

लखनऊ/नोएडा, रफ़्तार टूडे। उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक मशीनरी में देर रात हुए बड़े फेरबदल के बीच एक ऐसा नाम फिर चर्चा में आ गया है, जो कभी नोएडा के विकास और प्रशासनिक फैसलों के केंद्र में रहा था। प्रदेश सरकार ने Dr Lokesh M को अहम जिम्मेदारी सौंपते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) में सचिव पद पर नियुक्त किया है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब प्रदेश में विकास परियोजनाओं, सड़क नेटवर्क और इंफ्रास्ट्रक्चर को और तेज गति देने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। प्रशासनिक हलकों में इस नियुक्ति को सिर्फ एक नियमित तैनाती नहीं बल्कि शासन की रणनीतिक सोच के रूप में देखा जा रहा है।
प्रशासनिक फेरबदल में बड़ा संदेश
दरअसल उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में समय-समय पर बड़े स्तर पर तबादले और नई तैनातियां की जाती हैं। हाल ही में हुए इसी फेरबदल के दौरान पूर्व Noida Authority CEO डॉ. लोकेश एम को फिर से सक्रिय प्रशासनिक भूमिका में लाया गया है।
सूत्रों के अनुसार, कुछ समय से प्रतीक्षारत चल रहे इस वरिष्ठ अधिकारी को अब Public Works Department Uttar Pradesh में सचिव पद की जिम्मेदारी दी गई है। यह विभाग प्रदेश में सड़क निर्माण, पुलों और अन्य सार्वजनिक आधारभूत ढांचे के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
नोएडा के अनुभव ने दिलाई नई जिम्मेदारी
प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा जैसे तेज़ी से विकसित हो रहे शहर में काम करने का अनुभव किसी भी अधिकारी के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है।
जब डॉ. लोकेश एम Noida Authority के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रहे, उस दौरान शहर में कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, औद्योगिक निवेश और शहरी विकास योजनाओं पर काम आगे बढ़ा।
नोएडा देश के प्रमुख औद्योगिक और रियल एस्टेट हब में शामिल हो चुका है, जहां निवेश, उद्योग और शहरी विकास से जुड़े फैसले बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में इस शहर के प्रशासनिक नेतृत्व का अनुभव शासन के लिए हमेशा अहम माना जाता है।
बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं में रही भूमिका
नोएडा में अपने कार्यकाल के दौरान डॉ. लोकेश एम ने कई प्रशासनिक और विकास संबंधी निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
शहर में सड़क नेटवर्क, शहरी सुविधाओं और औद्योगिक विकास से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाने में उनकी भागीदारी रही। यही वजह है कि प्रशासनिक हलकों में उनके कार्यकाल को अक्सर विकास परियोजनाओं के संदर्भ में चर्चा में रखा जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अब उनके इसी अनुभव का लाभ प्रदेश स्तर पर लिया जाएगा।
प्रतीक्षारत रहने के बाद मिली नई तैनाती
नोएडा प्राधिकरण के CEO पद से हटने के बाद डॉ. लोकेश एम कुछ समय से प्रतीक्षारत चल रहे थे।
सरकारी व्यवस्था में यह एक सामान्य प्रक्रिया होती है, जिसमें कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारी देने से पहले कुछ समय के लिए प्रतीक्षा सूची में रखा जाता है। इसके बाद प्रशासनिक जरूरतों और विभागीय प्राथमिकताओं को देखते हुए उन्हें नई तैनाती दी जाती है।
इसी प्रक्रिया के तहत अब उन्हें लोक निर्माण विभाग में सचिव पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रदेश स्तर पर मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी
प्रशासनिक जानकारों के अनुसार PWD जैसे विभाग में सचिव पद की जिम्मेदारी बेहद अहम होती है।
यह विभाग प्रदेश की सड़क परियोजनाओं, पुलों और अन्य सार्वजनिक निर्माण कार्यों की योजना और क्रियान्वयन से जुड़ा होता है। ऐसे में इस पद पर नियुक्त अधिकारी को पूरे प्रदेश में चल रही कई बड़ी परियोजनाओं की निगरानी करनी होती है।
माना जा रहा है कि डॉ. लोकेश एम का शहरी विकास और प्रशासनिक प्रबंधन का अनुभव इस विभाग के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
प्रशासनिक हलकों में तेज हुई चर्चा
नई नियुक्ति के बाद नोएडा और लखनऊ दोनों जगह प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
कई विशेषज्ञ इसे प्रदेश की विकास रणनीति के हिस्से के रूप में देख रहे हैं। उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए अनुभवी अधिकारियों को महत्वपूर्ण विभागों में जिम्मेदारी दी जाती है। ऐसे में डॉ. लोकेश एम की नियुक्ति को भी इसी दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।
कई वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदलीं
सरकार की ओर से जारी सूची के मुताबिक वरिष्ठ आईएएस प्रकाश बिंदु को लोक निर्माण विभाग के सचिव पद से हटाकर गृह विभाग, उत्तर प्रदेश शासन का सचिव बनाया गया है। वहीं नीना शर्मा को निदेशक, उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी के पद से हटाकर प्रमुख सचिव, सार्वजनिक उद्यम विभाग और साथ ही महानिदेशक, सार्वजनिक उद्यम की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आईएएस संजय कुमार को सार्वजनिक उद्यम विभाग के महानिदेशक पद से हटाकर निदेशक, उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी बनाया गया है। इसके अलावा आईएएस रघुबीर को धर्मार्थ कार्य विभाग से हटाकर विशेष सचिव, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग में नई जिम्मेदारी दी गई है। वहीं आशीष कुमार, जो वर्तमान में उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक हैं, उन्हें अपने मौजूदा पद के साथ विशेष सचिव, धर्मार्थ कार्य विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है
विकास परियोजनाओं पर रहेगा फोकस
प्रदेश सरकार फिलहाल बुनियादी ढांचे, सड़क नेटवर्क और औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान दे रही है।
ऐसे में PWD में सचिव पद पर नई नियुक्ति को विकास परियोजनाओं की गति बढ़ाने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है।
आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि नोएडा के प्रशासनिक अनुभव के साथ डॉ. लोकेश एम प्रदेश स्तर पर विकास योजनाओं को किस तरह नई दिशा देते हैं।



