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Tranding Kisan News : "अब अपनी ही ज़मीन पर सफर के लिए नहीं देनी होगी कीमत!", यमुना एक्सप्रेसवे पर किसानों की बड़ी जीत, वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी, जेवर तक बिना टोल दौड़ेंगी गाड़ियां, जमीन दी किसानों ने, अब सफर भी होगा सम्मान के साथ! यमुना एक्सप्रेसवे प्रबंधन के फैसले से हजारों परिवारों में खुशी की लहर

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। वर्षों से चली आ रही मांग, अनगिनत ज्ञापन, कई दौर की बातचीत और लगातार उठती आवाजों के बाद आखिरकार यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़े किसानों के लिए बड़ी राहत और खुशखबरी सामने आई है। अब उन किसानों को यमुना एक्सप्रेसवे पर सफर करने के दौरान टोल टैक्स नहीं देना पड़ेगा, जिनकी भूमि इस एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई थी। लंबे समय से किसान संगठनों और ग्रामीणों द्वारा उठाई जा रही इस मांग को आखिरकार यमुना एक्सप्रेसवे प्रबंधन ने स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद हजारों किसान परिवारों में खुशी का माहौल है।
यह फैसला केवल आर्थिक राहत नहीं, बल्कि उन किसानों के सम्मान और योगदान को स्वीकार करने वाला कदम माना जा रहा है, जिनकी जमीन पर देश के सबसे आधुनिक एक्सप्रेसवे में से एक का निर्माण हुआ। अब गौतमबुद्ध नगर के ऐसे किसान जेवर तक की यात्रा बिना टोल शुल्क दिए कर सकेंगे।

“जमीन हमारी, सड़क हमारी, फिर टोल क्यों?” वर्षों से उठ रहा था यह सवाल
यमुना एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान गौतमबुद्ध नगर और आसपास के जिलों के हजारों किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई थी। उस समय किसानों ने विकास परियोजना के लिए अपनी जमीन देकर देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। लेकिन एक्सप्रेसवे चालू होने के बाद उन्हीं किसानों को अपनी दैनिक यात्रा के लिए टोल टैक्स देना पड़ता था। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले किसान लंबे समय से यह सवाल उठाते रहे कि जब उनकी जमीन पर सड़क बनी है, तो उन्हें उसी सड़क पर चलने के लिए शुल्क क्यों देना चाहिए। कई किसान संगठनों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संस्थाओं ने इस विषय को समय-समय पर प्रमुखता से उठाया। आखिरकार वर्षों की इस लड़ाई का सकारात्मक परिणाम सामने आया है।

परी चौक से जेवर तक मिलेगा लाभ, हजारों परिवार होंगे लाभान्वित
165 किलोमीटर लंबे यमुना एक्सप्रेसवे की शुरुआत ग्रेटर नोएडा के परी चौक से होती है और यह आगरा तक जाता है। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण में गौतमबुद्ध नगर के अलावा कई अन्य जिलों की भूमि का भी अधिग्रहण किया गया था।
अब निर्णय लिया गया है कि जिन किसानों की जमीन एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए गई थी, उन्हें विशेष पास जारी किए जाएंगे। इन पासों के माध्यम से वे और उनके पुत्रों के नाम पर पंजीकृत वाहन टोल शुल्क से मुक्त रहेंगे। इससे हजारों परिवारों को प्रतिदिन होने वाले खर्च से राहत मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की आवाजाही भी आसान होगी।

पास जारी करने के लिए जमा करने होंगे आवश्यक दस्तावेज
यमुना एक्सप्रेसवे प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि टोल छूट का लाभ लेने के लिए किसानों को कुछ जरूरी दस्तावेज जमा कराने होंगे। इनमें प्रमुख रूप से— मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी), वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी), मोबाइल नंबर, वर्तमान पते का प्रमाण, भूमि अधिग्रहण से संबंधित दस्तावेज, अन्य आवश्यक कागजात दस्तावेजों की जांच और सत्यापन के बाद पात्र किसानों को विशेष पास जारी किए जाएंगे। इसके बाद वे निर्धारित दायरे में बिना टोल दिए यात्रा कर सकेंगे।

किसानों ने फैसले को बताया सम्मान का प्रतीक
इस निर्णय के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में खुशी का माहौल है। किसानों का कहना है कि यह केवल टोल माफी नहीं, बल्कि उनके योगदान का सम्मान है। उनका कहना है कि उन्होंने विकास के लिए अपनी पुश्तैनी जमीनें दी थीं और अब सरकार एवं एक्सप्रेसवे प्रबंधन ने उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
कई किसानों ने इसे “ऐतिहासिक फैसला” बताते हुए कहा कि इससे आने वाले समय में अन्य परियोजनाओं के लिए भी सकारात्मक संदेश जाएगा और किसानों का भरोसा मजबूत होगा।

जेवर एयरपोर्ट के दौर में और बढ़ेगा महत्व
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन की तैयारियों के बीच यमुना एक्सप्रेसवे का महत्व लगातार बढ़ रहा है। बड़ी संख्या में स्थानीय किसान और ग्रामीण क्षेत्र के लोग जेवर और आसपास के क्षेत्रों में नियमित रूप से यात्रा करते हैं। ऐसे में टोल छूट का यह निर्णय उनके लिए बड़ी राहत साबित होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल किसानों का आर्थिक बोझ कम होगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास और सामाजिक संतुलन को भी मजबूती मिलेगी।

लंबे संघर्ष का मिला सकारात्मक परिणाम
कई वर्षों से किसान संगठन, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण प्रतिनिधि इस मांग को लगातार उठा रहे थे। कई बार धरना-प्रदर्शन, ज्ञापन और बैठकों के माध्यम से इस विषय को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया गया। आखिरकार लंबे मंथन और विचार-विमर्श के बाद यमुना एक्सप्रेसवे प्रबंधन ने किसानों के पक्ष में यह बड़ा फैसला लिया है।

रफ़्तार टूडे की न्यूज

Raftar Today
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