Llyod College News : “आरंभ 2025” लॉयड ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने किया नए विद्यार्थियों का भव्य स्वागत, शिक्षा और जीवन मूल्यों की नई राह पर बढ़ाए कदम, स्वागत से जुड़ा विशेष आयोजन “आरंभ” बना यादगार पल

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
शैक्षणिक जगत में नए सत्र की शुरुआत हमेशा एक उत्सव से कम नहीं होती। यही दृश्य देखने को मिला लॉयड ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, ग्रेटर नोएडा में, जहां बीबीए और बी.कॉम सत्र 2025–28 के विद्यार्थियों के लिए “आरंभ 2025” नामक ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम केवल नए छात्रों को संस्थान से परिचित कराने का माध्यम नहीं रहा, बल्कि उन्हें जीवन के बड़े उद्देश्यों, भविष्य की चुनौतियों और नेतृत्व के सार से रूबरू कराने वाला प्रेरणादायी मंच भी बना।
स्वागत से जुड़ा विशेष आयोजन: “आरंभ” बना यादगार पल
“आरंभ 2025” का उद्देश्य केवल अकादमिक सत्र की शुरुआत करना नहीं था, बल्कि यह विद्यार्थियों के लिए नई यात्रा की नींव रखने जैसा अवसर था।
नए छात्रों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
उनके चेहरों पर भविष्य की नई उम्मीदें और सपनों की चमक साफ झलक रही थी।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि शिक्षा सिर्फ क्लासरूम तक सीमित नहीं, बल्कि यह इंसान को समाज और पेशेवर जीवन दोनों के लिए तैयार करती है।
प्रो. (डॉ.) वंदना अरोड़ा सेठी का प्रेरणादायी संबोधन
लॉयड ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की ग्रुप डायरेक्टर, चीफ़ स्ट्रैटेजी ऑफ़िसर एवं हेड ऑफ ग्रोथ प्रो. (डॉ.) वंदना अरोड़ा सेठी ने कार्यक्रम का शुभारंभ अपने जोशीले और प्रेरक शब्दों से किया।
उन्होंने कहा—
“शिक्षा केवल अंकों और डिग्री का खेल नहीं है। यह जीवन के बड़े लक्ष्यों से जुड़ी होनी चाहिए। आदतें, उद्देश्य और कृतज्ञता वे तीन सूत्र हैं, जो किसी भी इंसान को उत्कृष्टता की ओर ले जाते हैं।”
उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि केवल सपने देखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें पूरा करने के लिए सतत प्रयास और आत्मअनुशासन आवश्यक है।
मुख्य अतिथि डॉ. सुमित भारद्वाज: “क्या भारत अपना GPT बना सकता है?”
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. सुमित भारद्वाज (मैनेजर – एनालिटिक्स, कॉन्सेंट्रिक्स इंडिया) ने विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी क्रांति से जोड़ने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में डिजिटल स्किल्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने छात्रों से एक विचारोत्तेजक प्रश्न पूछा—
“क्या भारत अपना स्वयं का GPT विकसित कर सकता है?”

उनका उत्तर भी प्रेरक था—
“हर नवाचार की शुरुआत कल्पना से होती है। यदि हम सपने देखने और उन पर मेहनत करने का साहस रखते हैं, तो कुछ भी संभव है।”
श्री सौरभ सिंह: मार्केटिंग और नेतृत्व पर गहन दृष्टिकोण
श्री सौरभ सिंह (मार्केटिंग मैनेजर, मून बेवरेजेस लिमिटेड) ने छात्रों को स्पष्ट संवाद और लक्ष्य की स्पष्टता के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि—
सही संवाद ही सफल प्रबंधन की नींव है।महिलाओं की नेतृत्व भूमिका किसी भी संस्थान को नई दिशा देती है।व्यवसायिक रणनीतियों और विकास में मार्केटिंग का स्थान अपरिहार्य है।
उनके शब्दों ने छात्रों को यह संदेश दिया कि सफलता केवल विचारों से नहीं, बल्कि उन्हें सही ढंग से प्रस्तुत करने की कला से भी हासिल होती है।
डॉ. रिपुदमन गौर: “एआई – एस्पिरेशनल इंडिया”
लॉयड बिज़नेस स्कूल के डीन डॉ. रिपुदमन गौर ने अपने विचार “एआई – एस्पिरेशनल इंडिया” विषय पर प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि—
“भविष्य का भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नवाचार की शक्ति से संचालित होगा।”
उन्होंने छात्रों को यह भी समझाया कि असली नेतृत्व तीन स्तंभों पर खड़ा होता है—
1. आत्मविश्वास
2. साहस
3. चरित्र
उनका संदेश था कि नेतृत्व कोई पदवी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और आदर्शों का संयोजन है।
धन्यवाद ज्ञापन: प्रो. (डॉ.) शिल्पी सरना
कार्यक्रम का समापन प्रो. (डॉ.) शिल्पी सरना (विभागाध्यक्ष – यूजी मैनेजमेंट विभाग) के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।
उन्होंने सभी वक्ताओं, प्रबंधन और छात्रों का आभार व्यक्त करते हुए कहा—
“इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों के समग्र विकास और सतत प्रगति में अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं। यह केवल एक शुरुआत है, आगे भी लॉयड संस्थान अपने छात्रों के लिए ऐसे ही प्रेरक अवसर प्रस्तुत करता रहेगा।”
“आरंभ 2025” – केवल शुरुआत नहीं, प्रेरणा का मंच
इस पूरे आयोजन ने नए विद्यार्थियों को यह सिखाया कि
शिक्षा का असली मकसद जीवन मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों को आत्मसात करना है।
आने वाला समय चुनौतियों से भरा है, और उनसे निपटने के लिए तकनीकी कौशल, नवाचार और नेतृत्व क्षमता जरूरी होगी।
हर विद्यार्थी में समाज को बदलने की शक्ति है, बशर्ते वह अपने सपनों को दृढ़ निश्चय और मेहनत से पूरा करे।
“आरंभ 2025” ने छात्रों को न केवल अकादमिक यात्रा के लिए तैयार किया, बल्कि उन्हें एक बेहतर इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में भी प्रेरित किया।



