Corruption Free India News : 50 साल बाद भी विकास से कोसों दूर सरकारी कॉलोनी, कीचड़, गंदगी और अनदेखी से जूझते हैं निवासी, करप्शन फ्री इंडिया संगठन उतरा मैदान में, महिलाओं और बुजुर्गों ने साझा की पीड़ा

सिकंदराबाद, रफ़्तार टुडे।
1972 में अलॉट की गई सरकारी कॉलोनी, जोखाबाद औद्योगिक क्षेत्र में स्थित, आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। 50 वर्षों के इंतजार और अनगिनत शिकायतों के बावजूद यहां पक्की सड़कें, नालियां, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, स्कूल, अस्पताल और साफ-सफाई जैसी आवश्यक सुविधाएं तक नहीं पहुंच सकीं हैं।
इस घोर लापरवाही और सरकारी उदासीनता के खिलाफ अब आवाज बुलंद की है करप्शन फ्री इंडिया संगठन ने, जिसकी अगुवाई कर रहे हैं चौधरी प्रवीण भारतीय।
50 साल पुरानी कॉलोनी, लेकिन विकास के नाम पर सिफर
सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र की इस कॉलोनी में हालात बेहद दयनीय हैं। बरसात के दिनों में तो हालत और भी बदतर हो जाती है।
➡️ गली-मोहल्लों में कीचड़ भरा रहता है
➡️ जलभराव के कारण हर समय संक्रामक बीमारियों का खतरा
➡️ खाली प्लॉटों में ऊंची-ऊंची झाड़ियां
➡️ हर कोने में कूड़े के ढेर
स्थानीय निवासी बताते हैं कि यहां छोटे बच्चों और बुजुर्गों का निकलना भी एक जोखिम बन चुका है।
महिलाओं और बुजुर्गों ने साझा की पीड़ा
बैठक के दौरान कॉलोनी की महिलाओं और बुजुर्गों ने बताया कि उनके बच्चों को रोज़ाना कीचड़ भरी गलियों से होकर स्कूल जाना पड़ता है। रास्तों में गिरने और बीमार पड़ने का डर बना रहता है।
“हमारे बच्चे पढ़ने जाएं या गंदगी से जूझें? सरकार ने हमें बस वोट के समय याद किया,” — एक बुजुर्ग महिला की नाराज़गी।
करप्शन फ्री इंडिया संगठन ने ली कमान
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए करप्शन फ्री इंडिया संगठन के जिला सलाहकार बसंत भाटी की अध्यक्षता में कॉलोनी के निवासियों के साथ एक विशेष बैठक आयोजित की गई। इसमें भविष्य की रणनीति बनाई गई।
चौधरी प्रवीण भारतीय, संगठन के संस्थापक ने कहा:
“1972 में प्लॉट दिए गए, लेकिन आज तक एक ईंट भी सरकार ने सही जगह नहीं रखी। यह सीधा प्रशासनिक अपराध है। अब हम चुप नहीं बैठेंगे।”
प्रदर्शन और ज्ञापन की घोषणा
संगठन के जिला अध्यक्ष सुशील प्रधान ने बताया कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो यूपीसीडा के क्षेत्रीय कार्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही यूपीसीडा के आर.एम अनिल शर्मा और सिकंदराबाद के एसडीएम को लिखित ज्ञापन सौंपा जाएगा।
बैठक में शामिल रहे समाजसेवी और स्थानीय लोग
इस जनमुद्दे पर एकजुटता दिखाते हुए कई लोग बैठक में मौजूद रहे:
- प्रेमराज भाटी, सुशील प्रधान, विजय प्रधान,
- मलखान सिंह यादव, नीरज भड़ाना, सूबेदार जगबीर सिंह,
- धीर सिंह भाटी, दरोगा उधम सिंह, दया प्रधान,
- राजकुमार पेलवान, मोहित अधाना, रवि पेलवान,
- बाला देवी, पूजा देवी, सुनीता देवी, महेंद्र देवी,
- अनिता देवी, उषा देवी, कमलेश देवी,
- राकेश भाटी, नितेश यादव, मोहित यादव आदि।
चौधरी प्रवीण भारतीय का एलान
“अब और इंतज़ार नहीं। यह कॉलोनी 50 साल से धोखा खा रही है। हम अब इस मुद्दे को ज़िला प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचाएंगे।”
क्या चाहिए इन निवासियों को?
- पक्की सड़कें और नालियां
- नियमित सफाई व्यवस्था
- स्ट्रीट लाइट की सुविधा
- पीने के पानी की उपलब्धता
- कॉलोनी में स्कूल और अस्पताल
- संक्रामक रोगों की रोकथाम हेतु कीटनाशक छिड़काव
प्रशासन और सरकार से निवेदन
कॉलोनी वासियों की यह पीड़ा अब राजनीतिक व सामाजिक संगठनों की आवाज़ बन चुकी है। यदि सरकार और स्थानीय निकायों ने शीघ्र समाधान नहीं किया, तो यह मामला प्रदेश स्तर पर विरोध और जन आंदोलन में बदल सकता है।
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