UPITS 2025 News : ग्रेटर नोएडा का सबसे बड़ा व्यापार मेला बना विदेशी मेहमानों की पहली पसंद, UPITS-2025 में रूस बना कंट्री पार्टनर, निवेश और कारोबार दोनों में मिल रहा डबल फायदा, ग्रीन इंजन की भी झलक, यूपी बना रहा है ग्रीन + ग्रोथ इंजन

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और व्यावसायिक राजधानी माने जाने वाले ग्रेटर नोएडा में इस समय देश का सबसे बड़ा व्यापार और निवेश मेला UPITS-2025 पूरे जोर–शोर से चल रहा है। यह आयोजन न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे भारत के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि यहां देश–विदेश के उद्योगपति, व्यापारी और निवेशक एक साथ इकट्ठे होकर नए अवसर तलाश रहे हैं। इस मेले में सबसे खास आकर्षण रूस का कंट्री पार्टनर बनना है, जिससे यह आयोजन और भी अधिक अंतरराष्ट्रीय रंग में रंगा हुआ दिखाई दे रहा है।
डबल फायदा: कारोबार + जमीन की तलाश
विदेशी मेहमान यहां सिर्फ बिज़नेस डील्स ही नहीं कर रहे, बल्कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी का दौरा करके भविष्य के लिए निवेश की जमीन भी तलाश रहे हैं।
डबल फायदा उठा रहे विदेशी मेहमान
ग्रेटर नोएडा में आए विदेशी मेहमान सिर्फ व्यापार और उत्पादों की खरीद–फरोख्त में ही नहीं जुटे हैं, बल्कि वे यहां की इंडस्ट्रियल पॉलिसी और तेजी से विकसित हो रहे नोएडा–ग्रेटर नोएडा–यमुना सिटी क्षेत्र में उद्योग लगाने की संभावनाएं भी तलाश रहे हैं।
एक ओर विदेशी कंपनियां मेले में बड़ी–बड़ी डील्स साइन कर रही हैं।
वहीं दूसरी ओर निवेशक जमीन, फैक्ट्री लगाने के स्थान और इंडस्ट्रियल स्पेस की खोज में व्यस्त हैं।
रूस से आए करीब 30 व्यापारियों ने तो प्राधिकरण अधिकारियों से मिलकर ग्रेटर नोएडा में फैक्ट्रियां लगाने की इच्छा भी प्रकट कर दी है।
यह डबल फायदा विदेशी मेहमानों को न सिर्फ वर्तमान में मुनाफा दिला रहा है बल्कि भविष्य के लिए भी मजबूत निवेश की राह खोल रहा है।
रूस बना UPITS-2025 का कंट्री पार्टनर
इस साल के आयोजन में रूस को कंट्री पार्टनर बनने का सम्मान मिला है।
रूस से आए 30 से ज्यादा उद्योगपति और कारोबारी ग्रेटर नोएडा पहुंचे हैं।
रूस की कंपनियां भारतीय बाजार को संभावनाओं का बड़ा केंद्र मान रही हैं।
यूपी की नई निवेश नीतियों और यमुना सिटी में विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र ने विदेशी कंपनियों का ध्यान खींचा है।
रूस और भारत के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों को देखते हुए यह साझेदारी दोनों देशों के लिए बड़ी उपलब्धि साबित हो सकती है।

यूपी बना रहा है ग्रीन + ग्रोथ इंजन
इस मेले में व्यापार और उद्योग के साथ सस्टेनेबिलिटी का तड़का भी खास आकर्षण है।
“उत्तर प्रदेश प्लेजेस टू द प्लैनेट” अभियान के तहत राज्य ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
हॉल नंबर-8 में सिंचाई, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग की झलक देखने को मिल रही है।
आधुनिक सिंचाई तकनीक, जल बचत और ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियानों को खास महत्व दिया गया है।
अब तक इस अभियान से 5 लाख एकड़ वन आच्छादन बढ़ाने में सफलता मिली है।
कारोबार का महाकुंभ: 25 से 29 सितंबर 2025
यह भव्य आयोजन 25 सितंबर से शुरू होकर 29 सितंबर 2025 तक चलेगा।
मेला ग्रेटर नोएडा एक्सपोमार्ट में आयोजित हो रहा है।
80 देशों से व्यापारी और बायर्स इसमें हिस्सा ले रहे हैं।
उम्मीद है कि अरबों रुपए का कारोबार होगा।
उत्तर प्रदेश के 1200 से ज्यादा उद्योगपति और कारोबारी मेले का हिस्सा बने हैं।
मेले का माहौल इस समय एक अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक सम्मेलन की तरह है, जहां निवेशक लगातार नई साझेदारियां कर रहे हैं।
यूपी सरकार के विभागों की सक्रिय भागीदारी
UPITS-2025 को खास बनाने के लिए राज्य सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी है।
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण ने अपने–अपने स्टॉल लगाए हैं।
कृषि विश्वविद्यालय, बीज विकास निगम और अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान केंद्र वाराणसी भी इसमें शामिल हैं।
किसानों और कृषि कंपनियों के लिए यह मेला अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म बन गया है।
कृषि विभाग को 1000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में विशेष जगह दी गई है।
यानी यह मेला सिर्फ उद्योग और व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां कृषि, तकनीक और अनुसंधान को भी नई पहचान मिल रही है।
ग्रीन इंजन की भी झलक
इस बार का आयोजन सिर्फ व्यापारिक दृष्टि से नहीं बल्कि पर्यावरणीय संदेश देने में भी अनूठा है।
“उत्तर प्रदेश प्लेजेस टू द प्लैनेट” पहल के तहत सरकार ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
सिंचाई, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग ने अपनी उपलब्धियों का प्रदर्शन किया।
“एक पेड़ मां के नाम” अभियान को विशेष रूप से प्रचारित किया गया।
इस अभियान से अब तक 5 लाख एकड़ वन आच्छादन बढ़ाया गया है।
यूपी सरकार का यह संदेश साफ है कि राज्य खुद को न सिर्फ भारत का ग्रोथ इंजन बल्कि ग्रीन इंजन भी बनाना चाहती है।
यूपी का वैश्विक कद बढ़ा
UPITS-2025 ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि उत्तर प्रदेश अब भारत का नया इंवेस्टमेंट डेस्टिनेशन बन चुका है।
विदेशी कंपनियां यहां आज ही कारोबार कर रही हैं और साथ ही भविष्य के लिए जमीन की तलाश भी कर रही हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद मेले की व्यवस्थाओं पर नजर रख रहे हैं।
सांस्कृतिक, औद्योगिक और पर्यावरणीय झलक ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया है।
यह आयोजन सिर्फ व्यापार का मंच नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य का आइना बन गया है।



