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Greater Noida Authority News : आईटी का अगला हॉटस्पॉट बनने की तैयारी में ग्रेटर नोएडा!, निवेशकों की चौखट पर पहुँचा प्राधिकरण, खुद मैदान में उतरकर सुन रहा आईटी कंपनियों की परेशानी और सुझाव, आईटी निवेश बढ़ाने के लिए बदली रणनीति, अब ‘डेस्क से डायरेक्ट डायलॉग’

एसीईओ सुनील कुमार सिंह व एसीईओ प्रेरणा सिंह ने 5 कंपनियों का किया भ्रमण, आईटी भूखंडों के आवंटन की शर्तों में सुधार पर कंपनियों के प्रतिनिधि से की बात

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा को आईटी और टेक्नोलॉजी हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने एक बेहद अहम और ज़मीनी पहल शुरू की है। अब केवल योजनाएं बनाने या फाइलों में फैसले लेने तक सीमित न रहते हुए, प्राधिकरण खुद आईटी कंपनियों के दफ्तरों तक पहुंचकर उनकी समस्याएं, जरूरतें और अपेक्षाएं जान रहा है। यह पहल ऐसे समय में की गई है जब ग्रेटर नोएडा में आईटी निवेश की अपार संभावनाएं मौजूद हैं और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी जल्द उड़ान भरने जा रहा है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के स्पष्ट निर्देशों पर यह अभियान शुरू किया गया है, जिसके तहत प्राधिकरण की टीम मौजूदा आवंटियों और संभावित निवेशकों से सीधे संवाद कर रही है, ताकि आईटी सेक्टर में आ रही वास्तविक अड़चनों को समझा जा सके और उन्हें दूर कर एक मजबूत, निवेशक-अनुकूल नीति तैयार की जा सके।


आईटी निवेश बढ़ाने के लिए बदली रणनीति, अब ‘डेस्क से डायरेक्ट डायलॉग’
अब तक अक्सर देखने में आता था कि आईटी कंपनियां अपनी समस्याओं को लेकर प्राधिकरण के चक्कर लगाती थीं, लेकिन इस बार तस्वीर बिल्कुल उलट है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की टीम खुद कंपनियों से संपर्क कर रही है और उनसे जान रही है कि।आईटी भूखंडों के आवंटन की मौजूदा शर्तों में क्या दिक्कतें हैं
भूखंड मिलने के बाद प्रोजेक्ट शुरू करने में किन बाधाओं का सामना करना पड़ता है
इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और नीतिगत स्तर पर क्या सुधार जरूरी हैं
किस तरह की आईटी गतिविधियों में आने वाले समय में सबसे ज्यादा स्कोप है
प्राधिकरण का उद्देश्य साफ है— पहले समस्याओं का समाधान, फिर नई आईटी स्कीम का लॉन्च।

एसीईओ खुद पहुंचे कंपनियों के बीच, 5 प्रमुख आईटी प्रोजेक्ट्स का किया निरीक्षण
इसी क्रम में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुनील कुमार सिंह और एसीईओ प्रेरणा सिंह ने हाल ही में टेकजोन-4 स्थित पांच प्रमुख आईटी कंपनियों और प्रोजेक्ट्स का दौरा किया। जिन कंपनियों का भ्रमण किया गया, उनमें ओसियन इंफ्रा हाइट्स
एसपीआई आईटी
एडवांस कंप्यूसॉफ्ट
अर्था इंफ्राटेक
भूटानी आईटी पार्क
शामिल हैं। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने इन कंपनियों के प्रबंधन और प्रतिनिधियों से विस्तार से चर्चा की और आईटी सेक्टर से जुड़े जमीनी मुद्दों को गंभीरता से सुना।


आईटी भूखंडों की शर्तों पर खुलकर हुई चर्चा
दौरे के दौरान आईटी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने खुलकर अपनी बातें रखीं। चर्चा का मुख्य फोकस रहा—
आईटी भूखंडों के एलॉटमेंट टर्म्स एंड कंडीशंस
निर्माण और संचालन से जुड़ी समय-सीमा की व्यावहारिक चुनौतियां
अनुमतियों और प्रक्रियाओं में आ रही देरी
आईटी, आईटीईएस, डेटा सेंटर, स्टार्टअप्स और नई टेक्नोलॉजी से जुड़े अवसर
कंपनियों ने यह भी बताया कि किन शर्तों में बदलाव होने से ग्रेटर नोएडा वास्तव में एनसीआर का पसंदीदा आईटी डेस्टिनेशन बन सकता है।

ग्रेटर नोएडा में आईटी के लिए क्यों है जबरदस्त स्कोप?
आईटी कंपनियों को आकर्षित करने के लिहाज से ग्रेटर नोएडा के पास कई मजबूत कारण हैं—
आधुनिक और चौड़ी सड़कें
बेहतर मास्टर प्लान और सेक्टोरल प्लानिंग
एनसीआर के अन्य शहरों की तुलना में पर्याप्त भूमि उपलब्धता
मेट्रो और एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की नजदीकी
यही वजह है कि प्राधिकरण चाहता है कि किसी भी नई स्कीम को लॉन्च करने से पहले नीतिगत कमियों को दूर किया जाए, ताकि निवेशक बिना हिचक यहां निवेश करें।


प्राधिकरण का भरोसा: सुझावों को बोर्ड और शासन तक पहुंचाया जाएगा
एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने इस दौरान कहा कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण आईटी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए हर संभव कदम उठाने को तैयार है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आईटी कंपनियों से प्राप्त सभी सुझावों को प्राधिकरण बोर्ड और शासन के समक्ष रखा जाएगा। आवश्यक अनुमतियों के बाद नीतिगत स्तर पर बदलाव कर आगे की कार्यवाही की जाएगी।”
वहीं एसीईओ प्रेरणा सिंह ने भी कंपनियों को आश्वस्त किया कि यह पहल केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।

नई आईटी स्कीम से पहले ‘होमवर्क’ पूरा करना चाहता है प्राधिकरण
प्राधिकरण की मंशा साफ है कि जब नई आईटी भूखंड योजना लाई जाए, तो वह व्यावहारिक, लचीली और निवेशकों के लिए फायदेमंद हो। इसी कारण पहले मौजूदा आवंटियों और आईटी कंपनियों से फीडबैक लिया जा रहा है, ताकि भविष्य में किसी तरह की अड़चन न आए।


ग्रेटर नोएडा: एनसीआर का अगला टेक हब बनने की ओर
जिस तरह से प्राधिकरण ने खुद मैदान में उतरकर कंपनियों से संवाद शुरू किया है, उससे यह संकेत साफ है कि ग्रेटर नोएडा अब केवल रियल एस्टेट या इंडस्ट्रियल टाउनशिप तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि आईटी और टेक्नोलॉजी का बड़ा केंद्र बनने की तैयारी में है।

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Raftar Today
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