UPITS 2025 News : यूपीआईटीएस 2025 में योगी सरकार की स्मार्ट पुलिसिंग का जलवा, रॉकेट लॉन्चर से लेकर साइबर हेल्प डेस्क तक, विजिटर्स बोले अब यूपी पुलिस हर मोर्चे पर आगे है, विदेशी मेहमान भी हुए प्रभावित, डिजिटल अरेस्ट से लेकर सोशल मीडिया ठगी तक की जानकारी दी गई

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। कभी अपराध और बदहाल कानून व्यवस्था के लिए बदनाम रहा उत्तर प्रदेश आज स्मार्ट पुलिसिंग और हाईटेक सुरक्षा तंत्र का रोल मॉडल बन चुका है। इसका सबसे जीवंत उदाहरण इस समय ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में चल रहे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 (UPITS 2025) में देखने को मिल रहा है। यहां लगे यूपी पुलिस के स्टॉल ने न सिर्फ देश-विदेश से आए विजिटर्स को हैरान कर दिया बल्कि युवाओं के बीच तकनीकी आकर्षण का नया ट्रेंड भी सेट कर दिया है।
UPITS 2025 ने यह साबित कर दिया कि योगी सरकार की स्मार्ट पुलिसिंग अब केवल प्रदेश की नहीं, बल्कि पूरे देश और दुनिया के लिए प्रेरणा बन चुकी है। तकनीक, अनुशासन और तत्परता – यही नए यूपी पुलिस की पहचान है।
विदेशी मेहमान भी हुए प्रभावित
ट्रेड शो के हाल नंबर 4 में यूपी पुलिस का हाईटेक स्टॉल हर किसी के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। रोजाना हजारों लोग यहां पहुंच रहे हैं और यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर पिछले आठ वर्षों में यूपी पुलिस ने किस तरह खुद को बदला। विदेशी मेहमानों ने यहां के अनुभव साझा करते हुए कहा – “पहले यूपी की पहचान कानून व्यवस्था की कमजोरी से होती थी, लेकिन अब यहां की पुलिस स्मार्ट टेक्नोलॉजी और प्रोफेशनल अप्रोच के साथ काम कर रही है। यह बदलाव वाकई चौंकाने वाला है।”
साइबर हेल्प डेस्क पर लगी भीड़
युवाओं के लिए सबसे आकर्षक स्थान रहा साइबर हेल्प डेस्क। यहां पुलिस उपनिरीक्षकों ने छात्रों को विस्तार से बताया कि आजकल ऑनलाइन ठगी किस तरह हो रही है और उससे बचने के उपाय क्या हैं।
डिजिटल अरेस्ट से लेकर सोशल मीडिया ठगी तक की जानकारी दी गई।
खासकर टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप्स में हो रही ठगी को लेकर युवाओं की जिज्ञासा सबसे अधिक रही।
पुलिस ने बताया कि यू-फीड मशीन की मदद से अपराधियों के मोबाइल से तत्काल डेटा निकाला जा सकता है, जिससे ठगों तक पहुंचना आसान हो जाता है।
युवाओं ने कहा कि यह जानकारी उनके लिए बेहद उपयोगी है क्योंकि आज के दौर में साइबर अपराध सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है।
सड़क सुरक्षा में हाईटेक बदलाव
स्टॉल पर स्पीड राडार गन और ब्रीद एनालाइजर भी आकर्षण का बड़ा केंद्र रहे। अधिकारियों ने बताया कि 2023 से ब्रीद एनालाइजर में कैमरा फिट किया गया है ताकि नशे की हालत में गाड़ी चलाने वालों के बहानों पर अंकुश लगाया जा सके।
बच्चों और युवाओं ने इन उपकरणों को खुद आज़माया और जाना कि सड़क हादसों की रोकथाम में तकनीक कितनी अहम भूमिका निभा सकती है।
इसके अलावा बॉडी वार्म कैमरा और मोबाइल डेटा टर्मिनल भी स्टॉल पर प्रमुख आकर्षण रहे। लोगों ने इन्हें हाथ में लेकर अनुभव किया और समझा कि पुलिस किस तरह रियल टाइम में अपराधियों की गतिविधियों पर निगरानी रखती है।
रॉकेट लॉन्चर और फायर फाइटिंग रोबोट बना मुख्य आकर्षण
यूपी पुलिस के पास मौजूद डीआरडीओ निर्मित रॉकेट लॉन्चर ने युवाओं को सबसे अधिक रोमांचित किया। इसकी मारक क्षमता 2 किलोमीटर तक है। इसे देखकर युवाओं ने जमकर फोटो खींची और तकनीकी खूबियों के बारे में सवाल किए।
इसके अलावा फायर फाइटिंग रोबोट ने भी सबका ध्यान खींचा। यह उन स्थानों पर काम करता है जहां इंसान के पहुंचना मुश्किल होता है। विजिटर्स ने कहा – “यह देखकर भरोसा होता है कि योगी राज में पुलिस केवल अपराध रोकने तक सीमित नहीं है, बल्कि हर आपदा में आम जनता की रक्षा के लिए तैयार है।”
आठ वर्षों में पुलिसिंग में बड़े सुधार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 में सत्ता संभालने के बाद यूपी पुलिस को पूरी तरह आधुनिक बनाने पर जोर दिया। हर थाने को आधुनिक तकनीक से जोड़ा गया। साइबर क्राइम सेल का गठन कर ठगी रोकने पर विशेष ध्यान दिया गया।
महिला सुरक्षा के लिए 1090 विमेन पावर लाइन, पिंक बूथ और मिशन शक्ति जैसी योजनाएं लागू की गईं। अपराधियों की त्वरित पहचान और गिरफ्तारी के लिए सीसीटीवी नेटवर्क और फोरेंसिक तकनीक का विस्तार किया गया। संगठित अपराध पर नियंत्रण के लिए गैंगस्टर एक्ट और एनकाउंटर पॉलिसी को सख्ती से लागू किया गया।
बदलाव का प्रतीक बना पुलिस का स्टॉल
यूपी पुलिस का यह स्टॉल सिर्फ आधुनिक हथियार और उपकरणों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि उस बदलाव की गवाही है जिसने उत्तर प्रदेश को अराजकता और अपराध की छवि से बाहर निकालकर सुरक्षित निवेश गंतव्य और स्मार्ट स्टेट बना दिया है।
आज अपराध दर में भारी कमी, महिलाओं और व्यापारियों में बढ़ा भरोसा और निवेशकों के लिए सुरक्षित माहौल – ये सब योगी सरकार की स्मार्ट पुलिसिंग का नतीजा हैं।
विजिटर्स की जुबानी
स्टॉल देखने आए ग्रेटर नोएडा के छात्र अमित ने कहा – “यह पहली बार है जब हमने पुलिस को इतने हाईटेक उपकरणों के साथ देखा। अब हमें यकीन है कि हमारी सुरक्षा वाकई सुरक्षित हाथों में है।”
वहीं लखनऊ से आए एक व्यापारी ने कहा – “आज यूपी में कारोबार करना सुरक्षित लगता है, और इसका बड़ा श्रेय पुलिस सुधारों को जाता है।”



