Greater Noida West News : “ग्रेटर नोएडा में दर्दनाक हादसा, निजी स्कूल की छत बना मौत का मंच, माली ने फांसी लगाकर दी जान, पारिवारिक कलह का शक”, “फोरेंसिक जांच जारी — हर कोण से हो रही पड़ताल”, “अंदर ही अंदर टूट रहा था माली”

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। गौतम बुद्ध नगर के इकोटेक-3 थाना क्षेत्र से मंगलवार सुबह एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया।
एक निजी स्कूल में कार्यरत माली ने स्कूल की छत पर फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
मृतक की पहचान राकेश (56 वर्ष) पुत्र विश्वनाथ के रूप में हुई है, जो मूल रूप से तुस्याना (गौतमबुद्ध नगर) के निवासी थे। राकेश उसी स्कूल में लंबे समय से माली का काम करते थे और स्कूल परिसर में ही बने आवास में रहते थे।
सुबह जब स्कूल स्टाफ ने छत से रस्सी लटकती देखी, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
“स्कूल की छत से लटका मिला शव — मौके पर मचा हड़कंप”
थाना इकोटेक-3 पुलिस के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे सूचना मिली कि निजी स्कूल की छत पर एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली है।
सूचना पाकर पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्कूल परिसर को चारों ओर से सील कर दिया गया।
फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर फोटोग्राफी, फिंगरप्रिंट और क्राइम सीन एनालिसिस का कार्य शुरू किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुबह स्कूल खुलने से पहले ही यह घटना हुई थी। कर्मचारियों ने जब ऊपर जाकर देखा, तो राकेश रस्सी के सहारे लटके हुए मिले।
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने तुरंत सभी बच्चों को छुट्टी दे दी और पुलिस को सूचित किया।
“कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, पारिवारिक कलह की आशंका”
पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। हालांकि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि राकेश पिछले कुछ दिनों से मानसिक रूप से परेशान थे।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि उनके घर में कुछ पारिवारिक विवाद चल रहा था, जिससे वे तनाव में थे।
थाना प्रभारी ने बताया कि “मृतक के परिजनों से संपर्क किया गया है। उनकी बातों से यह अंदेशा है कि घरेलू कलह के कारण उन्होंने यह कदम उठाया होगा।
लेकिन अंतिम पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के बाद ही होगी।”
“फोरेंसिक जांच जारी — हर कोण से हो रही पड़ताल”
घटना के बाद फोरेंसिक साइंस टीम ने मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने रस्सी, कपड़े और आस-पास के क्षेत्र से फिंगरप्रिंट सैंपल लिए हैं ताकि किसी भी संदेह की स्थिति को समाप्त किया जा सके।
फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
फोरेंसिक विशेषज्ञों का कहना है कि आत्महत्या का तरीका और रस्सी की स्थिति से यह घटना ‘हैंगिंग केस’ प्रतीत होती है, हालांकि सब कुछ वैज्ञानिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।
“पारिवारिक विवाद की कहानी – अंदर ही अंदर टूट रहा था माली”
स्थानीय निवासियों ने बताया कि राकेश स्वभाव से शांत व्यक्ति थे और कई वर्षों से स्कूल में काम कर रहे थे।
पिछले कुछ दिनों से वे बहुत चुप और उदास रहने लगे थे।
स्कूल के एक अन्य कर्मचारी ने बताया “वो रोज सुबह बगीचे में काम करते थे, लेकिन आज वो दिखाई नहीं दिए। जब ऊपर जाकर देखा, तो वो छत पर लटके हुए थे। हम सब स्तब्ध रह गए।”
पुलिस सूत्रों ने यह भी बताया कि राकेश के परिवार में किसी प्रकार का आर्थिक या पारिवारिक तनाव चल रहा था, जिसकी जांच अब गहराई से की जा रही है।
“पुलिस ने की अपील – अफवाहों से बचें, सच्चाई रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी”
इकोटेक-3 पुलिस ने घटना के बाद लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने से बचें। पुलिस के अनुसार, जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जा रही है।
सीओ ग्रेटर नोएडा ने बताया कि “पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
वर्तमान में सभी संभावित कारणों की जांच की जा रही है, जिसमें पारिवारिक कलह और मानसिक तनाव दोनों शामिल हैं।”
“स्कूल में छाई शोक की लहर – प्रबंधन और स्टाफ ने जताया दुख”
घटना के बाद स्कूल परिसर में गम और सदमे का माहौल है।
स्कूल प्रबंधन ने कहा कि राकेश एक ईमानदार और मेहनती कर्मचारी थे, जिनकी कमी हमेशा खलेगी। स्कूल ने उनके परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।
स्टाफ ने दो मिनट का मौन रखकर मृतक की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
“मानसिक स्वास्थ्य पर बढ़ता बोझ – समाज को समझना होगा संदेश”
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि मानसिक तनाव और पारिवारिक कलह किस हद तक लोगों को अंदर से तोड़ देती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि समाज में अब मानसिक स्वास्थ्य पर अधिक गंभीर चर्चा की आवश्यकता है। कई बार व्यक्ति अपनी तकलीफ़ को जाहिर नहीं कर पाता और चुपचाप अंदर ही अंदर टूट जाता है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लोगों से अपील की है कि “अगर कोई व्यक्ति परेशान है, तो उसकी बात सुने, उससे संवाद करें।
आत्महत्या कोई समाधान नहीं, बल्कि इससे कई ज़िंदगियां प्रभावित होती हैं।”
“घटना की जांच जारी — रिपोर्ट के बाद होगा खुलासा”
फिलहाल पुलिस ने कहा है कि वे पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कॉल डिटेल्स के आधार पर आगे की कार्रवाई करेंगे। सभी संभावित पहलुओं पर जांच की जा रही है।
इकोटेक-3 थाना प्रभारी ने कहा कि “मृतक के परिवार के बयान लेने के बाद ही हम निष्कर्ष पर पहुंचेंगे। फिलहाल जांच जारी है।”
रफ़्तार टुडे की अपील:
यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक या पारिवारिक तनाव से गुजर रहा है, तो कृपया तुरंत Mental Health Helpline (9152987821) या स्थानीय सहायता केंद्र से संपर्क करें। जीवन अनमोल है, इसे बचाना ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।



