शिक्षागौतमबुद्ध नगरग्रेटर नोएडाताजातरीन

Galgotia University News : “भारत के युवा दिमागों का महासंग्राम!, गलगोटिया विश्वविद्यालय बनेगा 5 दिनों के लिए देश का सबसे बड़ा ‘राष्ट्रीय इनोवेशन कमांड सेंटर’, स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2025 का भव्य ग्रैंड फिनाले 8–12 दिसंबर तक होगा आयोजित”, युवा शक्ति + तकनीक + नवाचार = विकसित भारत 2047 का मजबूत आधार

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। देश के तकनीकी विकास को नई दिशा देने वाली भारत की सबसे विशाल ओपन-इनोवेशन प्रतियोगिता Smart India Hackathon (SIH) 2025 अब अपने सबसे रोमांचक पड़ाव—ग्रैंड फिनाले—पर पहुंच चुकी है। शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) द्वारा आयोजित इस महाकाय आयोजन का हार्डवेयर वर्ज़न 8 से 12 दिसंबर 2025 तक देशभर के नोडल केंद्रों में होगा, जिनमें से एक प्रमुख और हाई-टेक नोडल सेंटर चुना गया है—गलगोटिया विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा।

यह विश्वविद्यालय अगले पाँच दिनों तक राष्ट्रीय नवाचार का केंद्र बनने जा रहा है, जहाँ देशभर के टॉप इनोवेशन टैलेंट वास्तविक सरकारी चुनौतियों पर 24×7 कार्य करेंगे।

77 पुरुष, 43 महिला छात्राएँ, 25 मेंटर्स—कुल 120 इनोवेटर्स करेंगे 5 दिनों तक बिना रुके काम”

गलगोटिया विश्वविद्यालय को इस वर्ष की सबसे प्रतिष्ठित टेक प्रतियोगिता की मेजबानी सौंपी गई है। यहाँ देशभर से चयनित 120 युवा नवोन्मेषक पहुँच रहे हैं—

77 पुरुष छात्र

43 महिला छात्राएँ

25 अनुभवी मेंटर्स

ये टीमें शिक्षा मंत्रालय, सामाजिक न्याय मंत्रालय, आयुष मंत्रालय और विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा दिए गए असली-जीवन (Real-Time) समस्या वक्तव्यों पर लगातार 5 दिनों तक, 24 घंटे × 7 दिन, यानी एक सच्चे नवाचार युद्ध की तरह काम करेंगी।

यह सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि राष्ट्र-निर्माण की प्रयोगशाला है, जहाँ युवा दिमाग तकनीकी समाधानों से नई कहानी लिखने वाले हैं।

तमिलनाडु से दिल्ली तक—भारत का हर कोना भेज रहा है अपने सर्वश्रेष्ठ युवा नवोन्मेषक”

इस वर्ष की चयनित टीमें एक अद्भुत राष्ट्रीय विविधता को दर्शाती हैं। प्रतिभागी आ रहे हैं—

तमिलनाडु

महाराष्ट्र

कर्नाटक

आंध्र प्रदेश

मध्य प्रदेश

उत्तर प्रदेश

दिल्ली

राजस्थान

और कई अन्य राज्यों से

यह भारत के नवाचार का सच्चा लोकतंत्र है—जहाँ हर राज्य, हर बोली और हर संस्कृति का युवा देश के तकनीकी भविष्य में योगदान दे रहा है।

“जब युवा दिमाग वास्तविक समस्याओं पर काम करते हैं, तभी तकनीक समाज तक पहुँचती है”—चांसलर सुनील गलगोटिया

गलगोटिया विश्वविद्यालय के चांसलर सुनील गलगोटिया ने इस आयोजन को “तकनीक आधारित राष्ट्र-निर्माण का ऐतिहासिक मंच” बताया।
उन्होंने कहा “सरकार की जटिल और वास्तविक समस्याओं पर जब युवा तकनीकी समाधान खोजते हैं, तो नवाचार केवल प्रयोगशालाओं तक नहीं रहता—बल्कि समाज तक पहुँचकर परिवर्तन लाता है। SIH 2025 की मेजबानी हमारा गर्व है।”

“SIH सरकारी मंत्रालयों और उद्योगों के लिए सबसे व्यावहारिक तकनीकी समाधान तैयार करता है”—प्रो. टी.जी. सीताराम, चेयरमैन AICTE

AICTE के चेयरमैन प्रो. टी.जी. सीताराम ने एसआईएच को भारत की सबसे परिवर्तनकारी पहल बताया।
उन्होंने कहा—

यह युवाओं को दिशा देता है

मंत्रालयों को असरदार समाधान प्रदान करता है

उद्योगों को भविष्य की तकनीक से जोड़ता है

उन्होंने बताया कि गलगोटिया विश्वविद्यालय जैसे संस्थान भारत के तकनीकी मिशन में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।

IMG 20251206 WA0011 converted
भारत के युवा दिमागों का महासंग्राम!, गलगोटिया विश्वविद्यालय बनेगा 5 दिनों के लिए देश का सबसे बड़ा ‘राष्ट्रीय इनोवेशन कमांड सेंटर

नोडल सेंटर का सम्मान—गलगोटिया विश्वविद्यालय की नवाचार क्षमता की राष्ट्रीय पुष्टि”—डॉ. ध्रुव गलगोटिया, CEO

गलगोटिया विश्वविद्यालय के सीईओ डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने कहा “नोडल सेंटर के रूप में चयन केवल सम्मान नहीं—बल्कि विश्वविद्यालय की नवाचार संस्कृति, प्रयोगशालाओं, रिसर्च क्षमता और छात्र प्रतिभा की राष्ट्रीय मान्यता है।”

अत्याधुनिक तकनीकी तैयारी—गलगोटिया विश्वविद्यालय पाँच दिवसीय महोत्सव के लिए पूरी तरह तैयार

प्रेस कॉन्फ्रेंस में नोडल अधिकारी डॉ. मीनाक्षी शर्मा और प्रो वाइस चांसलर प्रो. अवधेश ने बताया कि प्रतिभागियों को विश्वस्तरीय कार्य वातावरण उपलब्ध कराया गया है।
इनमें शामिल हैं— AI एवं मशीन लर्निंग सुपर-लैब

अत्याधुनिक रोबोटिक्स व इलेक्ट्रॉनिक्स लैब

हाई-स्पीड इंटरनेट

24×7 बिजली बैकअप

तकनीकी विशेषज्ञों की समर्पित टीमें

मेंटर–कोऑर्डिनेशन सेंटर

सुरक्षित, आरामदायक, हाई-प्रोडक्टिविटी कार्यक्षेत्र

विश्वविद्यालय के तकनीकी ब्लॉक को विशेष रूप से “Invention Mode” पर सेट किया गया है—जहाँ हर कोना नवाचार की ऊर्जा से भरा हुआ है।

रिकॉर्ड-ब्रेकिंग आंकड़े—1,360 टीमें, 201 शहर, 727 संस्थानों की भागीदारी

SIH 2025 अब तक का सबसे बड़ा संस्करण बन चुका है।
इस बार— 1,360 टीमें ग्रैंड फिनाले के लिए चुनी गईं

देश के 201 शहरों से युवा प्रतिभाएँ

727 संस्थानों का प्रतिनिधित्व

यह सफलता भारत के युवाओं की “Viksit Bharat 2047” के प्रति प्रतिबद्धता और तकनीकी जिज्ञासा को दर्शाती है।

2017 से बदल रहा है भारत का तकनीकी परिदृश्य—SIH का असर अभूतपूर्व

2017 में SIH शुरू हुआ था और तब से—

हजारों पेटेंट दर्ज हुए

सैकड़ों स्टार्टअप जन्मे

दर्जनों मंत्रालयों में समाधान लागू हुए

करोड़ों नागरिकों को तकनीकी सुविधा मिली

SIH ने भारत को धीरे-धीरे एक ग्लोबल टेक–इनॉवेशन हब बनाने की राह पकड़ाई है।

इस वर्ष टीमें जिन प्रमुख क्षेत्रों पर काम करेंगी:

साइबर सुरक्षा

स्पेस टेक

मेड-टेक

स्मार्ट ऑटोमेशन

रोबोटिक्स

कृषि तकनीक

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

आयुष तकनीक

ये वे क्षेत्र हैं जिन पर काम करके छात्र राष्ट्रीय स्तर पर वास्तविक परिवर्तन ला सकते हैं।

8–12 दिसंबर—गलगोटिया विश्वविद्यालय बनेगा ‘भारत का राष्ट्रीय नवाचार केंद्र’

इन पाँच दिनों के दौरान यहाँ—

नए विचार जन्म लेंगे

नई तकनीकें विकसित होंगी

नए स्टार्टअप्स की आधारशिला रखी जाएगी

उत्कृष्ट प्रोजेक्ट्स को मिलेगा: पेटेंट सहयोग

स्टार्टअप इन्क्यूबेशन

उद्योग–अकादमिक पार्टनरशिप

फंडिंग सहायता

युवा शक्ति + तकनीक + नवाचार = विकसित भारत 2047 का मजबूत आधार

Smart India Hackathon 2025 केवल एक तकनीकी प्रतियोगिता नहीं—
यह भारत के भविष्य की दिशा तय करने वाला राष्ट्रीय महोत्सव है। गलगोटिया विश्वविद्यालय इस ऐतिहासिक यात्रा का केंद्र बनकर देश के युवा प्रतिभाओं को मंच दे रहा है।

रफ़्तार टूडे की न्यूज
Raftar Today
Raftar Today

Related Articles

Back to top button