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Dadri Breaking News : “44 डिग्री की आग बरसा रही गर्मी, ऊपर से 6 दिन से अंधेरे में दादरी!”, न पानी, न पंखा, न कूलर… ट्रांसफार्मर फुंका तो नई आबादी मोहल्ला बना ‘तपता तंदूर’, लोगों का फूटा गुस्सा, “पानी तक नसीब नहीं…” महिलाओं ने सुनाई परेशानी, “शिकायत करो तो सुनवाई नहीं, उल्टा बदसलूकी”

दादरी, रफ़्तार टूडे। गौतमबुद्ध नगर का ऐतिहासिक शहर दादरी इन दिनों भीषण गर्मी के साथ-साथ बिजली संकट की मार झेल रहा है। 44 डिग्री सेल्सियस की झुलसा देने वाली गर्मी में दादरी के कठेरा रोड स्थित नई आबादी मोहल्ले के लोग पिछले छह दिनों से अंधेरे और बेहाल जिंदगी जीने को मजबूर हैं। हालत यह है कि लोगों के घरों में न पंखे चल रहे हैं, न कूलर और न ही पानी की मोटर। बिजली गुल होने से पूरा मोहल्ला मानो गर्मी की भट्टी में तब्दील हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके का ट्रांसफार्मर खराब हुए लगभग एक सप्ताह हो चुका है, लेकिन बिजली विभाग अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं कर पाया है।

भीषण गर्मी में बिजली संकट ने बढ़ाई मुश्किलें
दादरी में इन दिनों गर्मी अपने चरम पर है। मौसम विभाग के अनुसार तापमान 44 डिग्री तक पहुंच चुका है और गर्म हवाएं लोगों का जीना मुश्किल कर रही हैं। ऐसे में नई आबादी मोहल्ले में बिजली सप्लाई पूरी तरह ठप होने से हालात और भी भयावह हो गए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि दिन में घरों के अंदर बैठना मुश्किल हो गया है, जबकि रात में गर्मी और मच्छरों के कारण लोग ठीक से सो भी नहीं पा रहे। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान हैं। कई परिवारों ने तो छतों और गलियों में रात गुजारना शुरू कर दिया है।

“पानी तक नसीब नहीं…” महिलाओं ने सुनाई परेशानी
मोहल्ले की महिलाओं ने बताया कि बिजली न होने से घर के रोजमर्रा के काम पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं। पानी की मोटर बंद होने के कारण लोगों को पीने के पानी तक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। एक महिला निवासी ने कहा—
“सुबह से शाम तक गर्मी से हालत खराब रहती है। बच्चों को नहाने के लिए पानी नहीं मिल रहा, खाना बनाना मुश्किल हो गया है और रात में पूरा परिवार जागकर समय काट रहा है।”
महिलाओं का कहना है कि बिजली संकट ने घरेलू जीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।

कम क्षमता के ट्रांसफार्मर बने मुसीबत की जड़
स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इलाके में शुरुआत से ही कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। लगातार बढ़ती आबादी और बिजली लोड के बावजूद विभाग ने ट्रांसफार्मर क्षमता नहीं बढ़ाई। लोगों का कहना है कि हर गर्मी में यही स्थिति बनती है— ट्रांसफार्मर ओवरलोड होता है
कुछ दिनों बाद फुंक जाता है
फिर कई-कई दिनों तक बिजली सप्लाई बाधित रहती है
मोहल्ले के निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते पर्याप्त क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाया जाता, तो आज यह संकट पैदा नहीं होता।

“शिकायत करो तो सुनवाई नहीं, उल्टा बदसलूकी”
स्थानीय नागरिकों ने बिजली विभाग के कर्मचारियों पर अभद्र व्यवहार का भी आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से संपर्क किया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। कुछ लोगों का आरोप है कि शिकायत करने पर कर्मचारियों का रवैया सहयोगात्मक नहीं होता और वे ठीक से जवाब भी नहीं देते। एक स्थानीय युवक ने कहा—
“हम पिछले छह दिन से परेशान हैं। बच्चे और बुजुर्ग बीमार हो रहे हैं, लेकिन विभाग के लोग फोन तक उठाना जरूरी नहीं समझते।”

बिजली न होने से कारोबार भी प्रभावित
नई आबादी मोहल्ले में बिजली संकट का असर सिर्फ घरों तक सीमित नहीं है। इलाके की छोटी दुकानों और स्थानीय कारोबार पर भी इसका असर पड़ा है।
दुकानदारों का कहना है कि—मोबाइल चार्जिंग और इंटरनेट सेवाएं प्रभावित हैं, ग्राहक भीषण गर्मी में बाजार आने से बच रहे हैं, इस वजह से स्थानीय व्यापारियों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।


बच्चों और बुजुर्गों की हालत सबसे ज्यादा खराब
गर्मी और बिजली संकट का सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई बच्चे गर्मी के कारण बीमार पड़ रहे हैं
बुजुर्गों को सांस और ब्लड प्रेशर की परेशानी बढ़ रही है
रातभर जागने के कारण लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है, लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।


बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन की चेतावनी
लगातार छह दिनों तक बिजली न आने से अब मोहल्लेवासियों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों ने साफ कहा है कि यदि जल्द नया ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली सप्लाई बहाल नहीं की गई, तो वे बिजली विभाग के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन करेंगे। लोगों का कहना है कि—
“बिजली कोई सुविधा नहीं, आज के समय में बुनियादी जरूरत है। 44 डिग्री की गर्मी में छह दिन तक लोगों को अंधेरे में रखना पूरी तरह लापरवाही है।”

दादरी में बढ़ती आबादी, लेकिन पुराना बिजली सिस्टम
दादरी तेजी से विकसित हो रहा शहर है। नई कॉलोनियों और आबादी बढ़ने के बावजूद कई इलाकों में बिजली ढांचा अभी भी पुराने सिस्टम पर चल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में ऐसे संकट और बढ़ सकते हैं।

लोगों की अपील—“हमें राहत चाहिए, सिर्फ आश्वासन नहीं”
नई आबादी मोहल्ले के लोगों का कहना है कि उन्हें अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर समाधान चाहिए।
भीषण गर्मी में लगातार छह दिन तक बिजली संकट ने लोगों की जिंदगी पूरी तरह प्रभावित कर दी है। अब सभी की निगाहें बिजली विभाग और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

रफ़्तार टूडे की न्यूज

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