Eros Sampurnam News : ग्रेटर नोएडा वेस्ट में ईरोज सम्पूर्णम के निवासियों का 5वां शांतिपूर्ण प्रदर्शन, VCAM चार्ज, बिजली, पानी और सेवाओं पर बढ़ा विवाद, दबाव बनाने की कोशिश निवासियों का आरोप, प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टुडे।
ईरोज सम्पूर्णम, सेक्टर-2, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में आज लगातार पांचवें रविवार भी निवासियों का शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आयोजित हुआ।
गर्मी, उमस और बारिश की अनिश्चितता के बावजूद, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों की भारी संख्या में उपस्थिति ने यह साबित कर दिया कि यह आंदोलन केवल कुछ व्यक्तियों का नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक आवाज़ है।
मुख्य मांगें — जो अभी तक पूरी नहीं हुईं
निवासियों का कहना है कि पिछले कई महीनों से वे बुनियादी सुविधाओं और उचित प्रबंधन की कमी से जूझ रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगें हैं:
- VCAM चार्जेस को तुरंत समाप्त किया जाए
- डीजी बिजली संकट का स्थायी समाधान हो
- सामुदायिक केंद्र में बिना शर्त प्रवेश मिले
- पानी की किल्लत खत्म हो
- मेंटेनेंस सेवाओं की गुणवत्ता सुधारी जाए
इन मांगों पर अब तक बिल्डर या प्रबंधन की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
पृष्ठभूमि — संघर्ष की कहानी
- पहला हफ्ता: निवासियों ने अपनी समस्याओं का ज्ञापन इस्टेट मैनेजर श्री बाबिश को सौंपा था। उम्मीद थी कि मांगों पर विचार होगा, लेकिन ईरोज के उच्च प्रबंधन ने इन्हें सीधे तौर पर खारिज कर दिया।
- दूसरा हफ्ता: निवासियों ने सेक्टर-3 पुलिस चौकी में बिल्डर की अवैध गतिविधियों और अनदेखी की शिकायत दर्ज कराई।
- तीसरा हफ्ता: बिल्डर की ओर से बैठक का वादा किया गया, मगर वह भी आयोजित नहीं हुई।
अब तक न तो बिल्डर का कोई प्रतिनिधि, और न ही नेहरू प्लेस स्थित मुख्यालय से कोई अधिकारी निवासियों से मिलने आया है। उल्टा, आंदोलन को दबाने के प्रयास होने लगे।
दबाव बनाने की कोशिश — निवासियों का आरोप
2 अगस्त 2025 को कुछ निवासियों को BNNS 126/135 का नोटिस कार्यपालक मजिस्ट्रेट की ओर से मिला।
यह नोटिस सेक्टर-3 चौकी इंचार्ज श्री अजय कुमार सिंह की अनुशंसा पर जारी किया गया था।
निवासियों ने इस पर कार्यपालक मजिस्ट्रेट, सेंट्रल नोएडा-2, जनपद गौतमबुद्ध नगर की अदालत में आपत्ति दर्ज कराई।
उनका कहना है कि चौकी इंचार्ज ने झूठी रिपोर्ट और आरोप लगाकर आंदोलन को दबाने का प्रयास किया है। उन्होंने इस मामले की पुनः जांच की मांग की है और सबूत भी प्रस्तुत किए हैं।
आज का प्रदर्शन — एकजुटता की मिसाल
सुबह से ही ईरोज सम्पूर्णम के विभिन्न टॉवरों से लोग तिरंगे, पोस्टर और बैनर लेकर बाहर निकलने लगे।
सेल्स ऑफिस के बाहर प्रदर्शन शुरू हुआ, जहां कई वक्ताओं ने प्रबंधन की अनदेखी पर नाराजगी जताई।
इसके बाद एक जुलूस ईरोज मार्ट तक निकाला गया। रास्ते में लोगों ने “हमारा हक़ दो”, “पानी-बिजली हमारी जरूरत है, लग्जरी नहीं” और “VCAM चार्ज खत्म करो” जैसे नारे लगाए।
मीडिया कवरेज — आंदोलन को मिली नई ताकत
कई स्थानीय और राष्ट्रीय मीडिया चैनल इस प्रदर्शन को कवर करने पहुंचे।
लाइव कवरेज के दौरान निवासियों ने कैमरे के सामने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं, ताकि यह मुद्दा सिर्फ सोसाइटी की सीमाओं में न रहे, बल्कि प्रशासन और बड़े प्लेटफॉर्म तक पहुंचे।
निवासियों की चेतावनी — आंदोलन लंबा चलेगा
निवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बिल्डर या उसका कोई प्रतिनिधि अगले रविवार (17 अगस्त 2025) तक उनसे मिलने और ठोस समाधान पर बात करने नहीं आता, तो यह आंदोलन और तेज़ किया जाएगा।
“हम कानून और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख रहे हैं। चाहे बिल्डर अपनी शक्ति, पैसा या प्रभाव का प्रयोग कर ले, हम अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे।” — निवासियों का बयान
मुद्दों की गहराई — क्यों उभरा यह विवाद?
- VCAM चार्जेस: निवासियों का कहना है कि यह चार्ज अवैध है और सेवाओं की गुणवत्ता के मुकाबले अत्यधिक है।
- डीजी बिजली संकट: बार-बार बिजली जाने के कारण डीजल जेनरेटर पर निर्भरता है, लेकिन उसकी सप्लाई और मेंटेनेंस सही नहीं है।
- सामुदायिक केंद्र: कई निवासी बिना शर्त इस्तेमाल की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रबंधन ने पाबंदियां लगा रखी हैं।
- पानी की कमी: गर्मी के दिनों में पानी का प्रेशर कम और सप्लाई बाधित रहती है।
- मेंटेनेंस गुणवत्ता: सफाई, सुरक्षा और सामान्य रखरखाव में लगातार गिरावट की शिकायतें हैं।
बच्चों से बुजुर्ग तक — सबकी भागीदारी
आज के प्रदर्शन में यह साफ दिखाई दिया कि यह सिर्फ कुछ सक्रिय सदस्यों का मामला नहीं है।
- बच्चे हाथों में पोस्टर लेकर नारे लगा रहे थे।
- महिलाएं घर का काम निपटाकर शामिल हुईं और अपनी आवाज़ बुलंद की।
- वरिष्ठ नागरिक छड़ी के सहारे या व्हीलचेयर पर भी प्रदर्शन स्थल तक पहुंचे।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
निवासियों का कहना है कि इतने हफ्तों से लगातार प्रदर्शन और शिकायतों के बावजूद स्थानीय प्रशासन ने अब तक कोई ठोस हस्तक्षेप नहीं किया है।
उनका आरोप है कि पुलिस और प्रशासन बिल्डर के प्रभाव में आकर मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे।
निष्कर्ष — यह केवल एक सोसाइटी का मामला नहीं
ईरोज सम्पूर्णम का यह आंदोलन ग्रेटर नोएडा वेस्ट और आसपास की कई हाउसिंग सोसाइटियों के लिए एक उदाहरण बनता जा रहा है।
निवासियों का कहना है कि जब तक बुनियादी सुविधाएं और पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
संपर्क:
निवासी, ईरोज सम्पूर्णम, सेक्टर-2, ग्रेटर नोएडा वेस्ट



