Greater Noida Police Arrested Three Frauds selling properties with fake documents

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। ग्रेटर नोएडा के जारचा पुलिस स्टेशन की पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो फर्जी प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन करके लोगों को ठगता था। इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं. इस गिरोह ने जारचा पुलिस स्टेशन के इलाके में ₹3.03 करोड़ की धोखाधड़ी की थी। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक स्कॉर्पियो एन गाड़ी, चार एटीएम कार्ड और तीन सिम कार्ड बरामद किए हैं।
डीसीपी ग्रेटर नोएडा प्रवीण रंजन सिंह ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने प्रदीप राणा निवासी गाजियाबाद और खुशबू व ज्योत्सना निवासी बिहार, को समाना नहर के पास से गिरफ्तार किया, जब वे एक स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार थे।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे एक बड़े आपराधिक गिरोह का हिस्सा हैं, जिसका सरगना प्रदीप राणा नाम का एक मास्टरमाइंड है। इस गिरोह में 20 से 25 सदस्य हैं, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं। उन्होंने कबूल किया कि वे फर्जी दस्तावेज बनाकर दूसरों की जमीन को धोखे से तीसरे पक्षों को बेच देते थे और इस तरह करोड़ों रुपये कमाते थे।
यह गिरोह ऐसी ज़मीन की पहचान करता था जिनके मालिक आसपास नहीं रहते थे। गिरोह के लोग मालिक की रेकी भी करते थे। इसके बाद, वे उन ज़मीन के लिए जरूरी फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे। फिर वे जमीन खरीदने में दिलचस्पी रखने वाले लोगों को ढूंढते थे और उन फर्जी कागजों का इस्तेमाल करके एक फर्जी रजिस्ट्री कर देते थे। लेकिन, जब खरीदार बाद में जमीन पर कब्जा लेने की कोशिश करते थे, तो उन्हें पता चलता था कि वे धोखाधड़ी का शिकार हो गए हैं। इस तरह, इस गिरोह ने जारचा पुलिस स्टेशन के इलाके में ₹3 करोड़ की ज़मीन की धोखाधड़ी की।
डीसीपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी प्रदीप राणा का एक लंबा आपराधिक इतिहास है, और उसके खिलाफ लगभग 20 मामले दर्ज हैं। इसके अलावा, प्रदीप के भाई जिसे टीटू उर्फ गौरव के नाम से जाना जाता है, उसके खिलाफ भी कई मामले दर्ज हैं, जो इस गिरोह का सरगना है। इस गिरोह ने कई लोगों को निशाना बनाया है और करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। अब पुलिस इस गिरोह के इतिहास को खंगालने में जुट गई है और एनी साथियों की तलाश भी जारी है।



