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डूब क्षेत्र में ‘डील’ का खेल खत्म!”, ग्रेनो प्राधिकरण का बुल्डोजर एक्शन, 25 हजार वर्गमीटर जमीन कराई फ्री, अवैध कॉलोनाइजरों में मचा हड़कंप, सख्ती से सुधर रही शहर की प्लानिंग

Greater Noida Authority bulldozer action creates panic among illegal colonisers, 25000 square meters land made free

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर सख्त तेवर दिखाए हैं। Greater Noida Authority ने बिसरख के डूब क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बुल्डोजर कार्रवाई करते हुए करीब 25 हजार वर्गमीटर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। इस कार्रवाई के बाद अवैध प्लॉटिंग करने वाले कॉलोनाइजरों में हड़कंप मच गया है।

डूब क्षेत्र में चल रहा था ‘प्लॉटिंग गेम’, बुल्डोजर ने सब किया साफ

जानकारी के अनुसार, बिसरख क्षेत्र के डूब इलाके में कुछ कॉलोनाइजर बाउंड्री वॉल बनाकर अवैध कॉलोनी काटने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन प्राधिकरण को जैसे ही इसकी सूचना मिली, तुरंत एक्शन लिया गया। एनजी रवि कुमार के निर्देश पर टीम ने मौके पर पहुंचकर खसरा संख्या 333 और 334 की जमीन पर किए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।

25 हजार वर्गमीटर जमीन मुक्त—बड़ा प्रशासनिक एक्शन

इस कार्रवाई के दौरान लगभग 25,000 वर्गमीटर सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराया गया। यह जमीन डूब क्षेत्र में आती है, जहां किसी भी प्रकार का निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की अवैध प्लॉटिंग न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि भविष्य में लोगों के लिए खतरा भी बन सकती है।

अधिकारियों की चेतावनी—“अब नहीं चलेगी मनमानी”

सुमित यादव ने स्पष्ट कहा कि अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी तरह का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि:
जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण से सत्यापन जरूर कराएं
अवैध कॉलोनियों में निवेश करने से बचें
लालच में आकर अपनी मेहनत की कमाई जोखिम में न डालें

वर्क सर्किल-3 की टीम का ऑपरेशन—जगह-जगह जारी कार्रवाई

इस अभियान को प्रभात शंकर, प्रशांत समाधिया और उनकी टीम ने अंजाम दिया।
प्राधिकरण की यह कार्रवाई सिर्फ बिसरख तक सीमित नहीं है। इससे पहले भी तिलपता, रोजा याकूबपुर, खेड़ा चौगानपुर और चिपियाना बुजुर्ग जैसे इलाकों में अवैध कब्जों के खिलाफ लगातार बुल्डोजर चलाया जा चुका है।

डूब क्षेत्र में निर्माण क्यों है खतरनाक?

डूब क्षेत्र (Flood Zone) वह इलाका होता है जहां बारिश या बाढ़ के समय पानी भरने की संभावना रहती है। ऐसे क्षेत्रों में निर्माण करने से: जान-माल का बड़ा खतरा होता है
जल निकासी बाधित होती है
शहरी प्लानिंग पर नकारात्मक असर पड़ता है
इसी वजह से ऐसे क्षेत्रों में निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित रखा जाता है।

सख्ती से सुधर रही शहर की प्लानिंग

Greater Noida Authority का यह अभियान दर्शाता है कि शहर में अनियोजित विकास और अवैध कब्जों पर अब सख्ती से लगाम लगाई जा रही है।
यह कार्रवाई न सिर्फ सरकारी जमीन को बचाने के लिए जरूरी है, बल्कि भविष्य में सुरक्षित और व्यवस्थित शहरी विकास के लिए भी अहम कदम है।

अवैध कब्जों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू

ग्रेटर नोएडा में प्राधिकरण की लगातार कार्रवाई यह साफ संकेत देती है कि अब अवैध कॉलोनाइजरों के लिए कोई जगह नहीं बची है। जो लोग नियमों को दरकिनार कर जमीन का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं, उनके खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

Gaurav sharma
Abhishek Sharma

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