राजनीतिग्रेटर नोएडा

Bjp Organasation News : “नारी शक्ति पर सियासत का संग्राम, संसद से सड़क तक गूंजा विरोध, भाजपा का ‘महिला जन आक्रोश’ अभियान तेज”, महिला जन आक्रोश” के रूप में प्रस्तुत किया गया

BJP Womes Public outrage campaign intensifies Presented as ‘Women’s Public Outrage’

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे।
देश की राजनीति में एक बार फिर महिला सशक्तिकरण और विधायी मुद्दों को लेकर तीखी बहस देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में सोमवार, 27 अप्रैल 2026 को भारतीय जनता पार्टी, जनपद गौतमबुद्धनगर द्वारा एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें “नारी शक्ति अधिनियम” को गिराए जाने के विरोध में पार्टी ने खुलकर अपना पक्ष रखा। इस कार्यक्रम को “महिला जन आक्रोश” के रूप में प्रस्तुत किया गया, जहां भाजपा नेताओं ने विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे महिलाओं के अधिकारों के साथ विश्वासघात बताया।

पत्रकार वार्ता में भाजपा के जिला अध्यक्ष अभिषेक शर्मा ने विपक्षी दलों—कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा), तृणमूल कांग्रेस (TMC) और डीएमके—पर निशाना साधते हुए कहा कि 16 और 17 अप्रैल को संसद में हुए घटनाक्रम ने देश की आधी आबादी के हितों को आघात पहुंचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों ने महिला सशक्तिकरण से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक का विरोध कर अपनी “महिला विरोधी मानसिकता” को उजागर किया है।

अभिषेक शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में महिलाओं को अधिकार और सम्मान दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि संसद में विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का सरकार ने मजबूती से जवाब दिया, लेकिन विपक्ष ने मुद्दे को भटकाने की कोशिश की। खासतौर पर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि धर्म आधारित आरक्षण की मांग जैसे मुद्दे उठाकर असली विषय से ध्यान हटाने का प्रयास किया गया।

इस पत्रकार वार्ता के दौरान भाजपा ने साफ संकेत दिया कि वह इस मुद्दे को केवल राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि इसे जन-आंदोलन का रूप देगी। पार्टी ने “महिला जन आक्रोश” अभियान के तहत विभिन्न स्तरों पर कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। इसमें महिला सम्मेलन, पद यात्राएं और जनजागरण अभियान शामिल हैं, जिनके माध्यम से महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा और विपक्ष के खिलाफ माहौल बनाया जाएगा।

कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि देश की महिलाएं अब अपने अधिकारों को लेकर पहले से अधिक सजग हैं और आने वाले चुनावों में वे अपने वोट के माध्यम से उन दलों को जवाब देंगी, जिन्होंने उनके अधिकारों के खिलाफ काम किया है। भाजपा नेताओं का दावा है कि यह मुद्दा आने वाले समय में एक बड़ा राजनीतिक एजेंडा बन सकता है, जिसका असर चुनावी परिणामों पर भी देखने को मिलेगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि “नारी शक्ति” जैसे संवेदनशील मुद्दे पर इस तरह की बयानबाजी और अभियान आने वाले समय में राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्म कर सकते हैं। खासकर तब, जब देश में चुनावी सरगर्मी तेज हो रही हो, ऐसे मुद्दे जनमत को प्रभावित करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

इस पूरे घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि महिला सशक्तिकरण अब केवल सामाजिक या नीतिगत विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है, जिस पर सत्ता और विपक्ष दोनों ही अपनी-अपनी रणनीति के तहत आगे बढ़ रहे हैं।
आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि “महिला जन आक्रोश” अभियान कितना व्यापक रूप लेता है और क्या यह वास्तव में जमीनी स्तर पर महिलाओं को प्रभावित कर पाता है या फिर यह केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रह जाता है।

पत्रकार वार्ता के दौरान कई अन्य पार्टी पदाधिकारी भी मौजूद रहे, जिनमें जिला महामंत्री वीरेन्द्र भाटी, धर्मेन्द्र भाटी, मीडिया प्रभारी कर्मवीर आर्य, जिला मंत्री रजनी तोमर, मुकेश भाटी और गीता सागर सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे। सभी ने एक स्वर में महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर पार्टी की प्रतिबद्धता दोहराई और विपक्ष के रुख की आलोचना की।

Gaurav sharma
Abhishek Sharma

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button