
नोएडा, रफ़्तार टूडे। स्वास्थ्य जागरूकता को रोचक और प्रभावशाली बनाने के उद्देश्य से फोर्टिस हॉस्पिटल नोएडा द्वारा आयोजित ‘Health with Science’ थीम पर आधारित हेल्थ कार्निवाल ने इस बार कुछ अलग ही रंग बिखेरे। यह सिर्फ एक मेडिकल इवेंट नहीं था, बल्कि बच्चों, अभिभावकों और विशेषज्ञों के बीच एक ऐसा जीवंत मंच बना, जहां सेहत से जुड़े जरूरी संदेश खेल-खेल में समझाए गए। लगभग 450 बच्चों और 350 से अधिक परिवारों की उत्साही भागीदारी ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।
खेल-खेल में सीख: जब हेल्थ एजुकेशन बनी मनोरंजन का हिस्सा
इस हेल्थ कार्निवाल का सबसे खास पहलू यह रहा कि यहां बच्चों को प्रीवेंटिव हेल्थकेयर के बारे में पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि मजेदार गतिविधियों के जरिए जानकारी दी गई। 5 से 12 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम को डिजाइन किया गया, ताकि वे शुरुआती उम्र से ही सेहत के प्रति जागरूक हो सकें। ड्रॉइंग, पेंटिंग, पोस्टर मेकिंग, स्लोगन राइटिंग और ‘नो-फायर कुकिंग’ जैसी प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों ने न केवल अपनी रचनात्मकता दिखाई, बल्कि हेल्दी लाइफस्टाइल के महत्व को भी समझा। इन प्रतियोगिताओं में विजेताओं के लिए ₹51,000 तक के आकर्षक पुरस्कार भी रखे गए, जिससे बच्चों में उत्साह और बढ़ गया।
मैजिक शो और फन ज़ोन: बच्चों के चेहरे पर मुस्कान, दिल में सीख
कार्निवाल में तैयार किया गया फन ज़ोन बच्चों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहा। मैजिक शो, इंटरैक्टिव एक्टिविटीज़ और खेल-खेल में सिखाने वाले सत्रों ने बच्चों को पूरी तरह से जोड़े रखा। यह आयोजन इस बात का उदाहरण बना कि कैसे वैज्ञानिक जानकारी को मनोरंजन के साथ जोड़ा जाए, ताकि बच्चे उसे आसानी से समझें और अपनाएं। पूरे दिन कैंपस में हंसी, उत्साह और सीख का शानदार माहौल देखने को मिला।
एक्सपर्ट्स की क्लास: बच्चों और अभिभावकों को मिला सही मार्गदर्शन
इस आयोजन में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पेडियाट्रिक्स विशेषज्ञों द्वारा आयोजित सत्रों में प्रीवेंटिव हेल्थकेयर, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और सही जीवनशैली के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेष रूप से ऑप्थैल्मोलॉजी (आंखों की देखभाल), डेंटल केयर और डायटेटिक्स से जुड़े कंसल्टेशन ज़ोन बनाए गए, जहां बच्चों और उनके अभिभावकों को व्यक्तिगत सलाह दी गई। इससे परिवारों को अपनी दिनचर्या में स्वास्थ्य संबंधी सुधार करने के लिए व्यावहारिक सुझाव मिले।
बचपन से ही हेल्दी आदतों की नींव पर जोर
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बच्चों को छोटी उम्र से ही हेल्दी आदतों के बारे में सिखाया जाए, तो वे जीवनभर उसका पालन करते हैं। इस कार्निवाल का मुख्य उद्देश्य भी यही था—बच्चों और उनके परिवारों को यह समझाना कि बीमारियों से बचाव (Preventive Healthcare) इलाज से कहीं ज्यादा प्रभावी और आसान है। डॉक्टरों ने बताया कि संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, स्क्रीन टाइम का संतुलन और समय पर स्वास्थ्य जांच जैसी आदतें बच्चों के समग्र विकास के लिए बेहद जरूरी हैं।
परिवारों की भागीदारी: जागरूकता का दायरा हुआ और बड़ा
इस कार्यक्रम में सिर्फ बच्चे ही नहीं, बल्कि उनके माता-पिता भी सक्रिय रूप से शामिल हुए। परिवारों ने प्रतियोगिताओं में भाग लिया, एक्सपर्ट्स से बातचीत की और स्वास्थ्य संबंधी कई महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कीं। इस तरह यह कार्निवाल एक सामुदायिक जागरूकता अभियान बन गया, जहां हर आयु वर्ग के लोगों को कुछ नया सीखने का अवसर मिला।
फोर्टिस की पहल: स्वस्थ भविष्य की ओर एक मजबूत कदम
फोर्टिस नोएडा की यह पहल इस बात का प्रमाण है कि स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ाने के लिए पारंपरिक तरीकों से हटकर नए और प्रभावी माध्यम अपनाने की जरूरत है। इस तरह के आयोजन न केवल बच्चों में जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित भी करते हैं। साथ ही, यह परिवारों को भी अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश देता है।
सीख, मनोरंजन और स्वास्थ्य का परफेक्ट कॉम्बिनेशन
कुल मिलाकर, ‘Health with Science’ थीम पर आयोजित यह हेल्थ कार्निवाल एक सफल और प्रेरणादायक पहल साबित हुआ। इसमें जहां बच्चों ने मस्ती के साथ सीख हासिल की, वहीं अभिभावकों को भी अपने परिवार की सेहत को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश मिले। ऐसे आयोजनों से यह स्पष्ट होता है कि अगर सही तरीके से प्रयास किए जाएं, तो स्वास्थ्य शिक्षा को न केवल प्रभावी बनाया जा सकता है, बल्कि उसे आनंददायक भी बनाया जा सकता है।



