Samsara World School : “संस्कार, शिक्षा और संस्कृति का संगम” — समसारा विद्यालय का स्थापना दिवस समारोह बना यादगार, परंपरा और प्रतिभा का दिखा अनूठा मेल, हवन और पूजा, आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हुआ परिसर
Samsara world School foundation day celebration were memorable a unique blend of tradition and talent was seen with havan and worship

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। मंगलवार का दिन ग्रेटर नोएडा स्थित समसारा विद्यालय के लिए बेहद खास और उत्साह से भरा रहा, जब पूरे विद्यालय परिसर में स्थापना दिवस समारोह को बड़े ही धूमधाम, श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि भारतीय संस्कृति, शिक्षा के मूल्यों और विद्यार्थियों की प्रतिभा का एक जीवंत प्रदर्शन बन गया।
परंपरा के साथ शुरुआत: दीप प्रज्वलन और श्रद्धांजलि से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत अत्यंत पारंपरिक और आध्यात्मिक वातावरण में हुई। दीप प्रज्वलन के साथ समारोह का विधिवत उद्घाटन किया गया, जिसने पूरे माहौल को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। इसके बाद विद्यालय के संस्थापक स्वर्गीय श्री ताराचंद शास्त्री जी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह पल न केवल भावुक था बल्कि विद्यालय के मूल्यों और उसकी नींव को याद करने का अवसर भी बना। उपस्थित सभी लोगों ने संस्थापक के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
हवन और पूजा: आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हुआ परिसर
समारोह के दौरान पूजा-पाठ और हवन का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों और शिक्षकों ने पूरे मनोयोग से भाग लिया। वैदिक मंत्रों की गूंज और हवन की पवित्र आहुति ने वातावरण को पूरी तरह से आध्यात्मिक बना दिया।
यह आयोजन विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम साबित हुआ, जिससे उन्हें न केवल शिक्षा बल्कि संस्कारों का भी ज्ञान मिला।
विद्यार्थियों की प्रस्तुति ने बांधा समां
कार्यक्रम में कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। समूह गीत की प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया और दर्शकों ने तालियों की गूंज से बच्चों का उत्साह बढ़ाया। बच्चों की ऊर्जा, आत्मविश्वास और मंच संचालन की क्षमता इस बात का प्रमाण थी कि विद्यालय न केवल अकादमिक बल्कि सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी छात्रों को आगे बढ़ने का अवसर देता है।
विशिष्ट अतिथि की गरिमामयी उपस्थिति
इस खास मौके पर मेरठ पब्लिक स्कूल ग्रुप के हेड एडमिन कर्नल प्रमोद कुमार अत्री की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया। उन्होंने विद्यालय की व्यवस्थाओं, छात्रों की प्रतिभा और आयोजन की सराहना की।
उनकी मौजूदगी ने छात्रों को प्रेरित किया और उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया।
प्रधानाचार्या का संदेश: शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी
विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. शालिनी प्रसाद ने इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी होनी चाहिए। उन्होंने बच्चों को शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी करने के लिए प्रेरित किया। उनका संदेश स्पष्ट था—“समग्र विकास ही सच्ची शिक्षा है।”
विद्यालय की पहचान: शिक्षा के साथ मूल्य आधारित विकास
समसारा विद्यालय लगातार इस दिशा में कार्य कर रहा है कि विद्यार्थियों को केवल परीक्षा के लिए नहीं बल्कि जीवन के लिए तैयार किया जाए। स्थापना दिवस समारोह इस बात का जीवंत उदाहरण रहा कि कैसे एक शैक्षणिक संस्थान शिक्षा के साथ-साथ संस्कृति, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को भी बढ़ावा देता है।
एक आयोजन, कई संदेश
यह स्थापना दिवस समारोह
केवल एक वार्षिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह एक ऐसा मंच बना जहां—परंपरा और आधुनिकता का संगम देखने को मिला
विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला
शिक्षकों और छात्रों के बीच बेहतर तालमेल नजर आया
और सबसे महत्वपूर्ण, शिक्षा के साथ संस्कारों का महत्व उजागर हुआ
यादगार बना स्थापना दिवस
समसारा विद्यालय का यह स्थापना दिवस समारोह न केवल छात्रों और शिक्षकों के लिए, बल्कि अभिभावकों और अतिथियों के लिए भी एक यादगार अनुभव बन गया। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि जब शिक्षा में संस्कार, संस्कृति और रचनात्मकता का समावेश होता है, तब वह वास्तव में समाज के लिए उपयोगी बनती है।



