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Census 2027 News : “जनगणना 2027 की तैयारी तेज, लापरवाही पर सख्त चेतावनी!” — प्रशिक्षण से गायब कर्मचारियों पर गिरेगी कार्रवाई की गाज, पहले दिन ही 24 कर्मचारी नदारद, जारी होंगे नोटिस, एसीईओ सुमित यादव का औचक निरीक्षण, अधिकारियों के साथ लिया जायजा

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक कवायद मानी जाने वाली जनगणना-2027 की तैयारियां अब ज़मीनी स्तर पर तेज़ हो गई हैं। इसी क्रम में पहले चरण—मकानों की गणना और सूचीकरण—के लिए ग्रेटर नोएडा में व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। लेकिन इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया के बीच लापरवाही भी सामने आई है, जिस पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट संदेश दे दिया है—“ड्यूटी में कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।”


3000 कर्मचारियों को मिलेगा प्रशिक्षण, बड़े स्तर पर चल रही तैयारी
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से जीएल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, नॉलेज पार्क-4 परिसर में तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है। इस शिविर में करीब 3000 प्रगणकों (Enumerators) और पर्यवेक्षकों (Supervisors) को प्रशिक्षित किया जाना है, जो आने वाली जनगणना प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाएंगे। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनगणना की सटीकता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का आधार है। कर्मचारियों को घर-घर जाकर डेटा संग्रह, मकानों की श्रेणीकरण, और डिजिटल टूल्स के उपयोग की बारीकियां सिखाई जा रही हैं।


एसीईओ सुमित यादव का औचक निरीक्षण, अधिकारियों के साथ लिया जायजा
प्रशिक्षण की गुणवत्ता और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने स्वयं मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उनके साथ ओएसडी मुकेश कुमार सिंह, ओएसडी अजय शर्मा और वरिष्ठ प्रबंधक चेतराम सिंह भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान एसीईओ ने प्रशिक्षण की अनिवार्यता पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि सभी कर्मचारी इस कार्य को रुचिपूर्ण और जिम्मेदारी के साथ करें, क्योंकि जनगणना का डेटा भविष्य की नीतियों और योजनाओं की नींव होता है।


पहले दिन ही 24 कर्मचारी नदारद, जारी होंगे नोटिस
प्रशिक्षण के पहले दिन ही लापरवाही सामने आई। कुल 225 कर्मचारियों में से 201 ने प्रशिक्षण में भाग लिया, जबकि 24 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। इस पर एसीईओ ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि अनुपस्थित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि कर्मचारी प्रशिक्षण में भाग नहीं लेते हैं, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। यह कदम प्रशासन की सख्ती और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मंशा को दर्शाता है।


जनगणना क्यों है इतनी महत्वपूर्ण?
जनगणना केवल जनसंख्या गिनने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश की सामाजिक-आर्थिक संरचना का आईना होती है। इसके आधार पर ही सरकारें—
नई योजनाओं की रूपरेखा तैयार करती हैं
संसाधनों का सही आवंटन करती हैं
शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार जैसी नीतियों को दिशा देती हैं
ऐसे में, प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि वही जमीनी स्तर पर डेटा इकट्ठा करते हैं।

डिजिटल युग की जनगणना, प्रशिक्षण में टेक्नोलॉजी पर जोर
इस बार की जनगणना को अधिक आधुनिक और सटीक बनाने के लिए डिजिटल टूल्स और ऐप आधारित डेटा कलेक्शन पर भी जोर दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को इन तकनीकों का उपयोग सिखाया जा रहा है, ताकि डेटा संग्रहण में पारदर्शिता और गति दोनों बनी रहे।


सख्ती के पीछे उद्देश्य—बेहतर परिणाम
एसीईओ सुमित यादव का स्पष्ट संदेश है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहना केवल नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यक्षमता को प्रभावित करता है।

जिम्मेदारी और अनुशासन से ही सफल होगी जनगणना
ग्रेटर नोएडा में चल रहा यह प्रशिक्षण अभियान इस बात का संकेत है कि प्रशासन जनगणना-2027 को लेकर पूरी तरह गंभीर है। जहां एक ओर बड़े स्तर पर कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी जा रही है।
आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि प्रशिक्षण के बाद जमीनी स्तर पर जनगणना कार्य किस तरह से लागू होता है और यह देश की विकास योजनाओं को किस दिशा में आगे बढ़ाता है।

रफ़्तार टूडे की न्यूज

Raftar Today
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