गौतमबुद्ध नगरटॉप न्यूजताजातरीनदादरी

Dadri 1857 News : जब दादरी की धरती पर फिर जल उठीं 1857 की मशालें! हजारों हाथों में आग, दिलों में देशभक्ति और आसमान तक गूंजे “भारत माता की जय” के नारे, नगर पालिका से शुरू हुई क्रांति की मशाल, जब मंगल पांडे, धन सिंह कोतवाल और राजा राव उमराव सिंह फिर जीवंत हो उठे

क्रांति की विरासत को सलाम: दादरी में निकला ऐसा मशाल जुलूस कि हर गली बनी देशभक्ति का रणक्षेत्र, युवाओं ने कहा—“शहीदों का बलिदान कभी नहीं भूलेंगे”

ग्रेटर नोएडा/दादरी, रफ़्तार टूडे। दादरी की ऐतिहासिक धरती रविवार शाम उस समय देशभक्ति के रंग में पूरी तरह रंग गई, जब हजारों लोगों ने हाथों में जलती मशालें लेकर 1857 की क्रांति के अमर शहीदों को याद किया। चारों ओर तिरंगे लहरा रहे थे, केसरिया ध्वज हवा में गर्व से फड़फड़ा रहे थे और “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्”, “देश के अमर शहीदों की जय” जैसे गगनभेदी नारों से पूरा शहर गूंज उठा। ऐसा लग रहा था मानो दादरी की धरती पर एक बार फिर 1857 की क्रांति की ज्वाला जीवित हो उठी हो।
“जय हो एक सामाजिक संस्था (ट्रस्ट)” द्वारा आयोजित यह भव्य क्रांति मशाल जुलूस केवल एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह उन अमर बलिदानियों को सामूहिक श्रद्धांजलि थी जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। इस आयोजन में बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों, महिलाओं और सामाजिक संगठनों की भारी भागीदारी ने इसे ऐतिहासिक बना दिया।

नगर पालिका से शुरू हुई क्रांति की मशाल, हजारों लोग बने इतिहास के साक्षी
कार्यक्रम का शुभारंभ दादरी नगर पालिका परिषद कार्यालय से हुआ। यहां संस्था के संरक्षक एवं बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रमेंद्र भाटी एडवोकेट और संस्था के संस्थापक संयोजक एडवोकेट कपिल शर्मा ने संयुक्त रूप से मशाल प्रज्ज्वलित कर जुलूस की शुरुआत की।
जैसे ही मशाल जली, वैसे ही पूरे वातावरण में देशभक्ति का जोश भर गया। लोगों ने हाथों में मशालें उठाईं और “1857 अमर रहे” के नारों के साथ आगे बढ़ना शुरू किया। हजारों लोगों का यह हुजूम दादरी की सड़कों पर एक ऐसे दृश्य का निर्माण कर रहा था जिसे देखने के लिए लोग घरों की छतों और दुकानों के बाहर खड़े नजर आए।

जब मंगल पांडे, धन सिंह कोतवाल और राजा राव उमराव सिंह फिर जीवंत हो उठे
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक और भावुक क्षण वह रहा जब 1857 की क्रांति के महान योद्धाओं के स्वरूपों को मंचित किया गया। वरिष्ठ समाजसेवी एवं संस्था के संरक्षक सुधीर वत्स ने शहीद मंगल पांडे की भूमिका निभाई, संस्था अध्यक्ष संदीप भाटी ने अमर क्रांतिकारी धन सिंह कोतवाल का स्वरूप धारण किया, जबकि वरिष्ठ समाजसेवी कपिल गुर्जर वीर योद्धा राजा राव उमराव सिंह के रूप में नजर आए।
तीनों क्रांतिकारी स्वरूपों को लोगों ने मशालें भेंट कीं और फिर उन्हें घोड़ों पर सवार कर पूरे शहर में निकाला गया। इस दौरान हजारों लोग उनके पीछे मशालें लेकर चलते रहे। पूरा दृश्य ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो इतिहास खुद वर्तमान में उतर आया हो।

IMG 20260511 WA0027 converted
दादरी की धरती पर फिर जल उठीं 1857 की मशालें! हजारों हाथों में आग, दिलों में देशभक्ति और आसमान तक गूंजे “भारत माता की जय” के नारे

देशभक्ति गीतों और नारों से गूंज उठा पूरा शहर
जुलूस के दौरान देशभक्ति गीतों की धुनें वातावरण में जोश भर रही थीं। जगह-जगह लोग “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारे लगाते नजर आए। युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई युवाओं ने अपने चेहरों पर तिरंगा रंगा हुआ था, जबकि बच्चे हाथों में छोटे-छोटे राष्ट्रीय ध्वज लिए चल रहे थे। दादरी की सड़कों पर जैसे-जैसे मशाल जुलूस आगे बढ़ता गया, वैसे-वैसे लोगों की भीड़ बढ़ती चली गई। कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने पुष्पवर्षा कर क्रांतिकारियों और जुलूस का स्वागत किया।

शहीद स्तंभ पर उमड़ा भावनाओं का सैलाब
इसके बाद यह विशाल मशाल जुलूस दादरी ब्लॉक परिसर स्थित शहीद स्तंभ पहुंचा। यहां हजारों लोगों ने एक साथ अमर शहीदों को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। वातावरण पूरी तरह भावुक और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत नजर आया।
लोगों ने मौन रखकर शहीदों को नमन किया और उनके बलिदान को याद किया। कई लोगों की आंखें नम दिखाई दीं। उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि—“आजादी हमें यूं ही नहीं मिली। इसके पीछे हजारों क्रांतिकारियों का बलिदान छिपा है। हमें उनके संघर्ष को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना होगा।”

राजा राव उमराव सिंह की प्रतिमा पर हुआ भव्य सम्मान
इसके बाद जुलूस दादरी बस स्टैंड स्थित वीर शहीद राजा राव उमराव सिंह की प्रतिमा स्थल पहुंचा। यहां विधान परिषद सदस्य श्रीचंद शर्मा, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी और बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रमेंद्र भाटी एडवोकेट ने माल्यार्पण कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि दादरी की धरती का 1857 की क्रांति में विशेष योगदान रहा है। यहां के वीर क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में अहम भूमिका निभाई थी। युवाओं से अपील की गई कि वे राष्ट्रप्रेम, त्याग और बलिदान की भावना को अपने जीवन में उतारें।

IMG 20260511 WA0031 converted
दादरी की धरती पर फिर जल उठीं 1857 की मशालें! हजारों हाथों में आग, दिलों में देशभक्ति और आसमान तक गूंजे “भारत माता की जय” के नारे

युवाओं में दिखा देशभक्ति का जबरदस्त जोश
इस पूरे आयोजन में युवाओं की भागीदारी सबसे अधिक चर्चा का विषय रही। बड़ी संख्या में युवा मशाल लेकर जुलूस में शामिल हुए और पूरे जोश के साथ नारे लगाते रहे। कई युवाओं ने कहा कि—“आज के दौर में ऐसे आयोजन युवाओं को अपने इतिहास और शहीदों से जोड़ने का काम करते हैं।”
सोशल मीडिया पर भी इस मशाल जुलूस की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल होते रहे।

संस्था ने जताया आभार
कार्यक्रम के समापन पर संस्था के संस्थापक संयोजक एडवोकेट कपिल शर्मा ने सभी देशभक्त नागरिकों, सामाजिक संगठनों और युवाओं का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन संस्था के महासचिव परमानंद कौशिक और पूर्व अध्यक्ष दिनेश भाटी एडवोकेट ने संयुक्त रूप से किया।
इस अवसर पर प्रमोद शर्मा एडवोकेट, संजय शर्मा, सुनील कश्यप, दुर्रम यादव, अंकुर त्यागी, विशाल नागर, सचिन शर्मा, याकूब मलिक, हरीश बसोया, सपा जिलाध्यक्ष सुधीर भाटी, राव रविन्द्र भाटी, राव नीरज भाटी, राव विजय भाटी, अशोक पंडित, मौजीराम नागर, जितेंद्र नागर एडवोकेट, उमेश भाटी एडवोकेट, नवीन भाटी, राजकुमार आर्य, जगवीर बसोया, जावेद मलिक सहित हजारों लोग मौजूद रहे।

रफ़्तार टूडे की न्यूज
Raftar Today
Raftar Today

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button