Greater Noida Authority News : बुलडोज़र चला तो कांप उठे भूमाफिया!, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का भनौता में बड़ा एक्शन, 40 हजार वर्गमीटर जमीन को कराया कब्ज़ा मुक्त, अवैध निर्माण मिनटों में जमींदोज, एसीईओ सुमित यादव के नेतृत्व में चला अभियान

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा में अवैध कब्जों और अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ अब प्राधिकरण पूरी तरह “एक्शन मोड” में नजर आ रहा है। शहर के अलग-अलग इलाकों में लगातार चल रहे ध्वस्तीकरण अभियानों के बीच अब ग्राम भनौता में ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) ने ऐसी कार्रवाई की, जिसने भूमाफियाओं और अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मचा दिया। भारी पुलिस बल, जेसीबी मशीनों और प्राधिकरण की टीम के साथ चलाए गए इस विशेष अभियान में लगभग 40 हजार वर्गमीटर सरकारी और अधिसूचित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
यह कार्रवाई केवल एक सामान्य ध्वस्तीकरण अभियान नहीं थी, बल्कि प्राधिकरण की उस सख्त नीति का हिस्सा थी, जिसमें साफ संदेश दिया जा रहा है कि अब सरकारी जमीनों पर कब्जा या अवैध निर्माण करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
खसरा संख्या 131, 132 और 135 पर चला बड़ा अभियान
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की टीम ने वर्क सर्कल-2 के अंतर्गत आने वाले ग्राम भनौता में अभियान चलाया। यहां खसरा संख्या 135 की अर्जित भूमि के साथ-साथ खसरा संख्या 131, 132 और अन्य अधिसूचित जमीनों पर अवैध कब्जे और निर्माण किए गए थे। लंबे समय से इन जमीनों पर नियमों को ताक पर रखकर निर्माण गतिविधियां चल रही थीं।
प्राधिकरण ने पहले इन निर्माणों को चिन्हित किया और फिर योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया। सुबह से ही प्रशासनिक और पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। कुछ ही देर में जेसीबी मशीनों ने अवैध दीवारें, निर्माणाधीन ढांचे और कब्जे हटाने शुरू कर दिए। कार्रवाई इतनी तेज और सुनियोजित थी कि मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
एसीईओ सुमित यादव के नेतृत्व में चला अभियान
इस पूरे अभियान की कमान ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने संभाली। उनके नेतृत्व में प्राधिकरण की टीम ने मौके पर मौजूद रहकर पूरी कार्रवाई की निगरानी की। अधिकारियों ने सुनिश्चित किया कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा न हो।
कार्रवाई के दौरान वरिष्ठ प्रबंधक प्रदीप कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे। वहीं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पुलिस चौकी प्रभारी संदीप कुमार भारी पुलिस बल और गार्ड्स के साथ तैनात रहे।
भूमाफियाओं को साफ संदेश – “अब नहीं चलेगा अवैध खेल”
प्राधिकरण की इस कार्रवाई को ग्रेटर नोएडा में भूमाफियाओं के खिलाफ बड़े संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी और अधिसूचित जमीनों पर अवैध कब्जे और अनधिकृत कॉलोनियों का जाल तेजी से फैलता जा रहा था।
कई जगहों पर भू-माफिया भोले-भाले लोगों को सस्ते प्लॉट और भविष्य में वैध होने के सपने दिखाकर जमीन बेच रहे थे। लेकिन अब प्राधिकरण लगातार ऐसे कब्जों पर बुलडोज़र चला रहा है। अधिकारियों ने दो टूक कहा कि—
“ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में अवैध निर्माण और अतिक्रमण किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकारी भूमि की सुरक्षा और योजनाबद्ध विकास प्राधिकरण की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
योजनाबद्ध विकास को मिलेगी मजबूती
प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि अधिसूचित और अर्जित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना बेहद जरूरी है, क्योंकि इन्हीं जमीनों पर भविष्य की विकास परियोजनाएं प्रस्तावित होती हैं। यदि समय रहते अवैध कब्जे नहीं हटाए जाएं, तो शहर का मास्टर प्लान प्रभावित होता है और विकास कार्यों में बाधाएं उत्पन्न होती हैं।
ग्रेटर नोएडा लगातार औद्योगिक, आवासीय और निवेश केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। ऐसे में जमीनों की सुरक्षा और नियोजित विकास को बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती भी है।
स्थानीय लोगों में चर्चा, अवैध कब्जेदारों में डर
भनौता में चली इस बड़ी कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों के बीच भी इसकी चर्चा तेज हो गई। कई लोगों का कहना है कि लंबे समय से कुछ लोग सरकारी जमीनों पर कब्जा कर अवैध निर्माण कर रहे थे, जिससे क्षेत्र में अव्यवस्था फैल रही थी।
वहीं दूसरी ओर, इस कार्रवाई के बाद अवैध कब्जेदारों और प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े संदिग्ध तत्वों में डर का माहौल बन गया है। प्राधिकरण की लगातार सख्ती को देखते हुए अब कई क्षेत्रों में अवैध निर्माण गतिविधियां धीमी पड़ने लगी हैं।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने साफ संकेत दिए हैं कि यह अभियान केवल एक शुरुआत है। आने वाले दिनों में अन्य क्षेत्रों में भी अवैध कब्जों और अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी जमीन या प्लॉट में निवेश करने से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य करें। अवैध कॉलोनियों या विवादित जमीनों में निवेश भविष्य में आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।
शहर में मजबूत हो रही “जीरो टॉलरेंस” नीति
प्राधिकरण की हालिया कार्रवाइयों को देखकर साफ है कि अब ग्रेटर नोएडा में अवैध कब्जों और भूमाफियाओं के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति लागू की जा रही है। चाहे अवैध कॉलोनियां हों, कब्जे हों या बिना अनुमति निर्माण—हर स्तर पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
भनौता अभियान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब सरकारी जमीनों पर कब्जा करना आसान नहीं होगा और नियमों को ताक पर रखने वालों पर प्रशासन की नजर लगातार बनी हुई है।



