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DPS School News : “स्कॉलर बैज, सेवन सिस्टर्स और देशभक्ति का संगम!”, DPS नॉलेज पार्क-V के ‘Eminence 2026’ में मेधा का महाकुंभ, एयर मार्शल की प्रेरणा से गूंजा पूरा सभागार, ‘सेवन सिस्टर्स’ नृत्य-नाटिका बनी कार्यक्रम की जान, “विद्यालय की पहचान उसकी इमारत नहीं, उसके छात्र होते हैं” – मंजू वर्मा

वीरता और प्रेरणा की मिसाल बने एयर मार्शल मंजीत सिंह सेखों, स्कॉलर बैज से सम्मानित हुए मेधावी छात्र

ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल नॉलेज पार्क-V एक बार फिर शिक्षा, संस्कृति और प्रतिभा के भव्य संगम का साक्षी बना, जब विद्यालय में कक्षा VI से VIII तक के विद्यार्थियों के लिए वार्षिक समारोह एवं स्कॉलर बैज वितरण कार्यक्रम ‘Eminence 2026 – मेधा और उत्कृष्टता का उत्सव’ का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास, गरिमा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर तालियों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और विद्यार्थियों की उपलब्धियों की चमक से जगमगाता रहा।
यह आयोजन केवल एक वार्षिक समारोह नहीं था, बल्कि विद्यार्थियों की मेहनत, अनुशासन, प्रतिभा और संस्कारों को सम्मान देने का एक प्रेरणादायक मंच साबित हुआ। समारोह में छात्रों की शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, राष्ट्रप्रेम और पूर्वोत्तर भारत की विविधता की सुंदर झलक देखने को मिली।

दीप प्रज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एयर मार्शल मंजीत सिंह सेखों, विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती मंजू वर्मा, विशेष अतिथि प्रोफेसर राजीव शर्मा और अभिभावक प्रतिनिधियों द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। दीप की लौ के साथ पूरे सभागार में सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा का वातावरण बन गया। विद्यालय प्रशासन की ओर से अतिथियों का पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया गया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान उपस्थित अभिभावकों और छात्रों ने जोरदार तालियों के साथ अतिथियों का अभिनंदन किया।

वीरता और प्रेरणा की मिसाल बने एयर मार्शल मंजीत सिंह सेखों
समारोह के मुख्य अतिथि एयर मार्शल मंजीत सिंह सेखों का व्यक्तित्व विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का केंद्र रहा। परम विशिष्ट सेवा पदक, वीर चक्र, शौर्य चक्र और वायु सेना पदक से सम्मानित एयर मार्शल ने अपने संबोधन में कहा कि—
“शिक्षा केवल किताबों का ज्ञान नहीं, बल्कि व्यक्ति को जीवन के हर बंधन से मुक्त करने की शक्ति है।”।उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा, साहस और राष्ट्रसेवा की भावना के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उनका संबोधन सुनकर विद्यार्थियों के साथ-साथ अभिभावक भी भावुक और प्रेरित नजर आए।।उन्होंने कहा कि आज का छात्र ही कल का राष्ट्रनिर्माता है और यदि बच्चों में सही दिशा, अच्छे संस्कार और आत्मविश्वास हो, तो भारत विश्व में नई ऊंचाइयों को छू सकता है।

“विद्यालय की पहचान उसकी इमारत नहीं, उसके छात्र होते हैं” – मंजू वर्मा
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती मंजू वर्मा ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को सफलता के मूल मंत्र बताए। उन्होंने कहा कि— “किसी भी विद्यालय की असली पहचान उसकी भव्य इमारत नहीं, बल्कि वहां पढ़ने वाले मेधावी, संस्कारी और अनुशासित छात्र होते हैं।”
उन्होंने छात्रों को जीवन में निरंतर परिश्रम करने, अनुशासन बनाए रखने और भारतीय मूल्यों से जुड़े रहने की सीख दी। साथ ही अभिभावकों और शिक्षकों के सहयोग को भी विद्यार्थियों की सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया।

स्कॉलर बैज से सम्मानित हुए मेधावी छात्र
कार्यक्रम का सबसे गौरवपूर्ण क्षण वह रहा जब शिक्षा, अनुशासन और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्कॉलर बैज प्रदान कर सम्मानित किया गया। बैज प्राप्त करते समय छात्रों के चेहरे पर गर्व और खुशी साफ दिखाई दे रही थी। वहीं अभिभावकों ने भी अपने बच्चों की उपलब्धियों पर गर्व महसूस किया। पूरे सभागार में तालियों की गूंज ने इस पल को और खास बना दिया।

असम के लोकगीतों और नागालैंड की धुनों ने बांधा समां
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह में चार चांद लगा दिए। असम के पारंपरिक लोकगीतों पर आधारित समूह गान ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं ‘यूथ ऑफ नागालैंड’ पर आधारित पश्चिमी गायन और प्रस्तुति ने युवाओं की ऊर्जा और पूर्वोत्तर भारत की सांस्कृतिक समृद्धि को शानदार तरीके से मंच पर जीवंत कर दिया। रंग-बिरंगे परिधानों, मधुर संगीत और शानदार कोरियोग्राफी ने उपस्थित लोगों को सीटों से बांधे रखा।

‘सेवन सिस्टर्स’ नृत्य-नाटिका बनी कार्यक्रम की जान
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘सेवन सिस्टर्स’ थीम पर आधारित नृत्य-नाटिका रही। इस प्रस्तुति में पूर्वोत्तर भारत के सात राज्यों—असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड और त्रिपुरा—की संस्कृति, संगीत, लोककला और प्राकृतिक सुंदरता को बेहद आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों ने अपनी अभिनय क्षमता, नृत्य कौशल और सांस्कृतिक समझ से सभी का दिल जीत लिया। प्रस्तुति के दौरान सभागार लगातार तालियों से गूंजता रहा।

शिक्षा के साथ संस्कार और संस्कृति पर जोर
कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि आधुनिक शिक्षा केवल अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों को भारतीय संस्कृति, सामाजिक जिम्मेदारियों और नैतिक मूल्यों से जोड़ना भी उतना ही आवश्यक है।
DPS नॉलेज पार्क-V लगातार ऐसे आयोजनों के माध्यम से छात्रों को मंच प्रदान कर रहा है, जिससे वे अपनी प्रतिभा को निखार सकें और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।

राष्ट्रगान के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
समारोह के अंत में हेडमिस्ट्रेस श्रीमती ऋचा भारद्वाज ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की उपलब्धियां विद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों का परिणाम हैं। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का गरिमामय समापन हुआ, लेकिन ‘Eminence 2026’ की यादें लंबे समय तक विद्यार्थियों और अभिभावकों के दिलों में बनी रहेंगी।

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