ग्रेटर नोएडाताजातरीन

Bharat Vikas Parishad News : “गर्मी में सिर्फ भाषण नहीं, ज़मीन पर सेवा चाहिए”, अल्फा, जगत फार्म और तुगलपुर मार्केट में सामाजिक संस्था भारत विकास परिषद की अनोखी पहल बनी चर्चा का विषय, ठेली-पटरी वालों के लिए “राहत की छत” बनकर उतरी भारत विकास परिषद, कमर्शियल छतरियां बांटकर जीता लोगों का दिल

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। जहां एक तरफ भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप ने आम जनजीवन को बेहाल कर रखा है, वहीं दूसरी ओर समाजसेवा की भावना से प्रेरित कुछ संस्थाएं ऐसे समय में जरूरतमंद लोगों के लिए उम्मीद की ठंडी छांव बनकर सामने आ रही हैं। ग्रेटर नोएडा में सामाजिक संस्था भारत विकास परिषद की गौतमबुद्धनगर शाखा ने एक सराहनीय और मानवीय पहल करते हुए अल्फा, जगत फार्म और तुगलपुर मार्केट क्षेत्र में ठेली, रेहड़ी और पटरी लगाकर अपना परिवार चलाने वाले जरूरतमंद लोगों को कमर्शियल छतरियां वितरित कीं।
इस पहल का उद्देश्य केवल छतरी बांटना नहीं था, बल्कि उन मेहनतकश लोगों को राहत देना था जो सुबह से शाम तक तेज धूप में खड़े होकर अपने परिवार की रोजी-रोटी कमाने के लिए संघर्ष करते हैं। संस्था की इस संवेदनशील पहल को बाजारों में मौजूद लोगों ने जमकर सराहा और कहा कि “ऐसी सेवा ही समाज को जोड़ती है।”

तपती सड़कों पर मेहनत करने वालों के लिए राहत की सांस
गर्मी का मौसम हर साल अपने साथ परेशानियां लेकर आता है, लेकिन सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ता है जो खुले आसमान के नीचे काम करते हैं। सब्जी विक्रेता, फल विक्रेता, चाट-ठेली वाले, चाय विक्रेता और अन्य छोटे दुकानदार घंटों तक सड़क किनारे धूप में खड़े रहते हैं। ऐसे में तेज धूप और गर्म हवाएं उनके स्वास्थ्य पर गंभीर असर डालती हैं। भारत विकास परिषद ने इसी समस्या को समझते हुए उन लोगों तक मदद पहुंचाने का निर्णय लिया, जिनके पास खुद के बचाव के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। संस्था द्वारा वितरित की गई कमर्शियल छतरियां न केवल धूप से बचाव करेंगी, बल्कि बरसात के मौसम में भी इन छोटे व्यापारियों के लिए उपयोगी साबित होंगी।

अल्फा, जगत फार्म और तुगलपुर मार्केट में चला सेवा अभियान
संस्था के सदस्यों ने ग्रेटर नोएडा के प्रमुख बाजार क्षेत्रों — अल्फा कमर्शियल बेल्ट, जगत फार्म मार्केट और तुगलपुर मार्केट — में पहुंचकर जरूरतमंद लोगों को छतरियां वितरित कीं। इस दौरान कई रेहड़ी-पटरी संचालकों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। लोगों ने कहा कि इतनी गर्मी में यह सहायता उनके लिए किसी राहत से कम नहीं है। कई लोगों ने भावुक होकर संस्था के सदस्यों का धन्यवाद किया और कहा कि “सरकारी योजनाओं से पहले अगर समाज साथ खड़ा हो जाए, तो मुश्किलें आधी हो जाती हैं।”

“समाजसेवा केवल शब्द नहीं, जिम्मेदारी है” — अशोक अग्रवाल
भारत विकास परिषद के सक्रिय सदस्य अशोक अग्रवाल ने बताया कि संस्था समय-समय पर विभिन्न सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करती रहती है। उनका कहना था कि—
“हमारा प्रयास रहता है कि समाज के उस वर्ग तक सहायता पहुंचे जो वास्तव में जरूरतमंद है। गर्मी में सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को होती है जो सड़क किनारे मेहनत कर अपना परिवार चलाते हैं। कमर्शियल छतरियां देकर हमने सिर्फ एक छोटी कोशिश की है, ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके।” उन्होंने कहा कि परिषद का उद्देश्य केवल कार्यक्रम करना नहीं, बल्कि समाज के कमजोर वर्ग के साथ खड़े रहना है।

समाजसेवा की परंपरा को आगे बढ़ा रही भारत विकास परिषद
भारत विकास परिषद लंबे समय से सामाजिक और मानवीय कार्यों के लिए जानी जाती रही है। संस्था द्वारा समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर, शिक्षा सहायता, जरूरतमंदों को राशन वितरण, पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं।
गौतमबुद्धनगर शाखा के पदाधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में भी संस्था ऐसे कार्यक्रम जारी रखेगी और जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने का कार्य निरंतर किया जाएगा।

मेहनतकश लोगों ने कहा — “यह सिर्फ छतरी नहीं, सम्मान है”
छतरियां प्राप्त करने वाले कई छोटे व्यापारियों ने कहा कि तेज धूप में काम करना बेहद मुश्किल हो जाता है। कई बार सिर दर्द, चक्कर और थकावट जैसी समस्याएं हो जाती हैं। ऐसे में यह सहायता उनके लिए बेहद उपयोगी है।
एक फल विक्रेता ने कहा—“हम रोज सड़क पर धूप में खड़े रहते हैं। आज पहली बार लगा कि किसी ने हमारी तकलीफ समझी है।”
वहीं एक चाट विक्रेता ने कहा कि “यह सिर्फ छतरी नहीं, बल्कि हमारे काम और मेहनत का सम्मान है।”

सामाजिक संगठनों की भूमिका क्यों जरूरी?
आज के समय में जब शहर तेजी से विकसित हो रहे हैं, तब समाज के कमजोर वर्गों की जरूरतों को समझना और उनकी मदद करना बेहद आवश्यक हो गया है। छोटे दुकानदार और रेहड़ी-पटरी वाले शहर की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, लेकिन अक्सर सुविधाओं और सुरक्षा से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में भारत विकास परिषद जैसी संस्थाओं की पहल समाज में सकारात्मक संदेश देती है कि विकास तभी सार्थक है, जब उसमें हर वर्ग की भागीदारी और सुरक्षा सुनिश्चित हो।

कार्यक्रम में मौजूद रहे कई पदाधिकारी
इस सेवा कार्यक्रम के दौरान परिषद के अध्यक्ष मुकुल गोयल, अजेय गुप्ता, आलोक गोयल, अशोक अग्रवाल, नवीन चिकारा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर जरूरतमंद लोगों को छतरियां वितरित कीं और आगे भी इसी तरह के सामाजिक कार्य जारी रखने का संकल्प लिया।

रफ़्तार टूडे की न्यूज

Raftar Today
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