Breaking Authority News : अब नहीं लगेगा परी चौक का लंबा चक्कर! अगले महीने खुलेगा ग्रेटर नोएडा का नया सुपर कनेक्टिविटी कॉरिडोर, दिल्ली-नोएडा की दूरी होगी कम, 5 लाख लोगों को मिलेगा सीधा फायदा, CEO रवि कुमार NG की पहल आई काम, करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही यह परियोजना

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा, नोएडा और दिल्ली के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लंबे समय से जिस सड़क परियोजना का इंतजार किया जा रहा था, वह अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। अगले महीने से एलजी चौक से नॉलेज पार्क-3, शारदा रोटरी होते हुए सीधे नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे तक नई सड़क का संचालन शुरू होने की उम्मीद है। इस नई कनेक्टिविटी के शुरू होते ही परी चौक पर लगने वाले भारी ट्रैफिक दबाव में कमी आएगी और यात्रियों को रोजाना लगने वाले लंबे जाम से काफी हद तक राहत मिलेगी।
करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही यह परियोजना केवल एक सड़क नहीं, बल्कि ग्रेटर नोएडा की बदलती ट्रांसपोर्ट व्यवस्था का नया अध्याय मानी जा रही है। वर्षों से जमीन संबंधी अड़चनों के कारण रुकी हुई इस परियोजना को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार की पहल के बाद नई गति मिली है। अब दावा किया जा रहा है कि शेष लगभग 200 मीटर निर्माण कार्य भी अगले एक माह में पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद इस मार्ग को वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा।
नई सड़क शुरू होने के बाद ग्रेटर नोएडा के लोगों को नोएडा और दिल्ली जाने के लिए हर बार परी चौक होकर लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। खासकर एलजी चौक, कलेक्ट्रेट, नॉलेज पार्क, गामा, बीटा और आसपास के क्षेत्रों से निकलने वाले वाहन सीधे एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकेंगे। इससे यात्रियों का समय भी बचेगा और ईंधन की खपत भी कम होगी। बढ़ते ट्रैफिक और महंगे ईंधन के दौर में यह परियोजना आम लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगी।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के जीएम प्रोजेक्ट ए.के. सिंह के अनुसार, इस परियोजना में सबसे बड़ी बाधा जमीन से जुड़ा विवाद था, जिसे अब दूर कर लिया गया है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण संयुक्त रूप से इस सड़क का निर्माण करा रहे हैं। निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और निर्धारित समय में इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस सड़क के शुरू होने से केवल शहर के भीतर आवागमन आसान नहीं होगा, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, औद्योगिक क्षेत्रों, शैक्षणिक संस्थानों और व्यावसायिक केंद्रों तक पहुंच पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो जाएगी। इससे निवेशकों, उद्योगपतियों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
करीब पांच लाख लोगों को मिलेगा सीधा फायदा
नई सड़क परियोजना का सबसे बड़ा लाभ करीब पांच लाख लोगों को मिलने की संभावना है। इसके शुरू होने के बाद नोएडा के सेक्टर-151, 153, 154, 155, 156, 157, 159, 160 और 162 सहित ग्रेटर नोएडा के गामा, बीटा, सूरजपुर, इकोटेक-2, इकोटेक-3, साइट-बी, साइट-सी, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, दादरी और आसपास के दर्जनों गांव सीधे एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएंगे। इससे दैनिक आवागमन पहले की तुलना में कहीं अधिक सुगम हो जाएगा।
16 किलोमीटर कम होगा सफर, 20 मिनट की होगी बचत
अभी तक एक्सप्रेसवे से एलजी चौक या गामा-बीटा क्षेत्र तक पहुंचने के लिए वाहन चालकों को परी चौक होकर लगभग 16 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। नई सड़क शुरू होने के बाद यह दूरी काफी कम हो जाएगी और लगभग 20 मिनट का समय बचेगा। वाहन चालक एक्सप्रेसवे से एलजी चौक तक केवल 7 से 8 मिनट में पहुंच सकेंगे। इसके अलावा सेक्टर-146 और 147 से लिंक रोड के माध्यम से 45 मीटर रोड पार करते हुए सेक्टर-146 में बन रहे लगभग 800 मीटर लंबे अंडरपास के जरिए भी वाहन सीधे एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकेंगे। इससे ट्रैफिक का दबाव कई हिस्सों में विभाजित होगा और परी चौक पर जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी।
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के दौरान मिलेगी बड़ी राहत
सितंबर में आयोजित होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) के दौरान इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में प्रतिदिन हजारों वाहन पहुंचते हैं। इस दौरान नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और परी चौक क्षेत्र में भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है। नई सड़क चालू होने के बाद वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा, जिससे एक्सपो के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन आसान होगा और नॉलेज पार्क क्षेत्र में जाम की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी।
शहर के विकास को मिलेगी नई दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी आधुनिक शहर की पहचान उसकी मजबूत कनेक्टिविटी से होती है। ग्रेटर नोएडा में लगातार बढ़ते आवासीय, औद्योगिक और शैक्षणिक विकास को देखते हुए यह नई सड़क आने वाले वर्षों में शहर की परिवहन व्यवस्था की रीढ़ साबित हो सकती है। इससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लोगों का जीवन अधिक सुविधाजनक बनेगा।
शहरवासियों को अब उस दिन का इंतजार है, जब यह बहुप्रतीक्षित सड़क औपचारिक रूप से जनता के लिए खोल दी जाएगी। इसके शुरू होते ही ग्रेटर नोएडा से नोएडा, दिल्ली और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक का सफर पहले से कहीं अधिक तेज, आसान और जाम मुक्त होने की उम्मीद है।



