Trading Newsअथॉरिटीगौतमबुद्ध नगरग्रेटर नोएडाटॉप न्यूजताजातरीनप्रशासन
Trending

Breaking News : 8 महीने तक दफ्तरों के चक्कर, फिर मुख्यमंत्री जनता दरबार से हाईकोर्ट तक पहुंची लड़ाई!, गुलिस्तानपुर में इन्द्रलोकपुरम में किसान की जमीन, चकरोड और कथित अवैध कॉलोनी मामले में बड़ा मोड़, डीएम ने गठित की संयुक्त जांच समिति, प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) को विस्तृत शिकायत भेजी थी

जिलाधिकारी के निर्देश पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, एसडीएम सदर, तहसील प्रशासन और पुलिस विभाग के समन्वय से संयुक्त जांच प्रक्रिया शुरू की गई। एसडीएम सदर ने नायब तहसीलदार की अध्यक्षता में संयुक्त राजस्व जांच समिति गठित की है।

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। गौतमबुद्धनगर के ग्राम गुलिस्तानपुर में किसान की जमीन, ग्राम समाज की भूमि और चकरोड पर कथित अतिक्रमण तथा अधिसूचित क्षेत्र में कथित अवैध कॉलोनी विकसित किए जाने का मामला अब प्रशासनिक और न्यायिक स्तर पर गंभीर रूप ले चुका है। लगभग आठ महीने से विभिन्न सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे किसान की शिकायत जब स्थानीय स्तर पर नहीं सुनी गई तो मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार से लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंच गया। अब जिलाधिकारी के निर्देश पर पूरे प्रकरण की जांच के लिए संयुक्त राजस्व समिति गठित कर दी गई है, जिससे मामले में नई हलचल शुरू हो गई है।

नवंबर 2025 में शुरू हुई शिकायत, अब जांच के दायरे में पूरा मामला

शिकायतकर्ता किसान चरण सिंह शर्मा और विनोद कुमार शर्मा ने 7 नवंबर 2025 को ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) को विस्तृत शिकायत भेजी थी। शिकायत में इन्द्रलोकपुरम में आरोप लगाया गया कि ग्राम गुलिस्तानपुर के अधिसूचित क्षेत्र में कुछ लोगों द्वारा बिना वैधानिक अनुमति के कथित रूप से अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उनकी निजी कृषि भूमि के अलावा ग्राम समाज की भूमि और सरकारी चकरोड पर भी कब्जा कर प्लॉटिंग की गई है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि मौके पर सड़क, नालियां और अन्य निर्माण कार्य कराए गए हैं तथा लोगों को प्लॉट बेचते समय यह दावा किया जा रहा है कि कॉलोनी को प्रशासन और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की स्वीकृति प्राप्त है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

Raftar Today banner 1 4
Advertisement

कई खसरा नंबरों का किया गया उल्लेख

शिकायतकर्ताओं ने अपने प्रार्थना पत्र में कई खसरा नंबरों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि बड़े पैमाने पर अवैध प्लॉटिंग की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि खसरा संख्या 389 और 455 के चकरोड तथा खसरा संख्या 385 की निजी भूमि के हिस्से पर भी कथित अतिक्रमण हुआ है। शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से सीमांकन कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और अवैध कब्जा हटाने की मांग की।

विरोध करने पर धमकी देने का भी आरोप

शिकायत पत्र में यह भी आरोप लगाया गया कि जब शिकायतकर्ता कथित कब्जे का विरोध करने पहुंचे तो कुछ लोगों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और जान से मारने की धमकी दी। शिकायत में यह भी कहा गया कि मौके पर मौजूद कुछ व्यक्तियों के पास हथियार थे।

1783512665667275 51 converted 1

हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यह आरोप शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए हैं और इनकी सत्यता का अंतिम निर्धारण सक्षम प्रशासनिक जांच अथवा न्यायालय द्वारा किया जाएगा। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी समान प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

प्रशासनिक कार्रवाई पर भी उठाए सवाल

शिकायतकर्ताओं ने अपने प्रार्थना पत्रों में यह भी आरोप लगाया कि प्रारंभिक स्तर पर कुछ अधिकारियों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। बाद में 10 नवंबर 2025 को जिलाधिकारी को दिए गए विस्तृत प्रार्थना पत्र में उपजिलाधिकारी की रिपोर्ट पर भी आपत्ति दर्ज कराते हुए दोबारा निष्पक्ष जांच की मांग की गई।

शिकायत में ग्राम समाज की भूमि, चकरोड और कथित ऐतिहासिक महत्व वाले स्थल पर अतिक्रमण तथा अवैध खनन के माध्यम से भूमि की स्थिति बदलने के भी आरोप लगाए गए।

आठ महीने तक नहीं मिला समाधान

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि नवंबर 2025 से जून 2026 तक उन्होंने लगातार विभिन्न विभागों से संपर्क किया, लेकिन न तो कथित अतिक्रमण हटाया गया और न ही उन्हें अपनी भूमि पर कब्जा मिल सका। कई बार शिकायत देने के बावजूद कार्रवाई न होने से उन्होंने उच्च स्तर पर न्याय की गुहार लगाने का निर्णय लिया।

1783512638203976 11 converted 1

मुख्यमंत्री जनता दरबार पहुंचे किसान

स्थानीय स्तर पर राहत न मिलने पर किसान चरण सिंह शर्मा 15 जून 2026 को गोरखपुर में आयोजित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार पहुंचे। वहां उन्होंने पूरे मामले की जानकारी मुख्यमंत्री को दी और निष्पक्ष जांच कराकर न्याय दिलाने की मांग की। इसके बाद मामला जिला प्रशासन के संज्ञान में गंभीरता से लिया गया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

डीएम के निर्देश पर संयुक्त जांच समिति गठित

जिलाधिकारी के निर्देश पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, एसडीएम सदर, तहसील प्रशासन और पुलिस विभाग के समन्वय से संयुक्त जांच प्रक्रिया शुरू की गई। एसडीएम सदर ने नायब तहसीलदार की अध्यक्षता में संयुक्त राजस्व जांच समिति गठित की है। समिति में राजस्व निरीक्षक नरेश कुमार शर्मा तथा लेखपाल सुशील यादव, मनोज दुबे और नवीन कुमार को शामिल किया गया है।

समिति को निर्देश दिए गए हैं कि शिकायतकर्ता की उपस्थिति में मौके का निरीक्षण किया जाए, संबंधित चकरोड और भूमि का सीमांकन किया जाए, राजस्व अभिलेखों का परीक्षण किया जाए तथा एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

हाईकोर्ट भी पहुंचा मामला

इस बीच शिकायतकर्ता ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी रिट याचिका दायर की। शिकायतकर्ता का कहना है कि न्यायालय ने संबंधित अधिकारियों को मामले के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए हैं। हालांकि अंतिम कानूनी स्थिति न्यायालय के विस्तृत आदेश और प्रशासनिक जांच रिपोर्ट के आधार पर ही स्पष्ट होगी।

1783512685259284 1 converted

जांच रिपोर्ट पर टिकी आगे की कार्रवाई

अब पूरे मामले में गठित संयुक्त जांच समिति की रिपोर्ट सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि जांच में अतिक्रमण, अवैध प्लॉटिंग अथवा सरकारी भूमि पर कब्जे की पुष्टि होती है तो संबंधित विभाग नियमानुसार अतिक्रमण हटाने, अवैध निर्माण ध्वस्त करने और दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं। वहीं यदि आरोप पुष्ट नहीं होते हैं तो प्रशासन उसी आधार पर अपना निर्णय देगा। फिलहाल यह मामला प्रशासन, राजस्व विभाग और न्यायिक प्रक्रिया के समक्ष विचाराधीन है तथा अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायालय के आदेशों के बाद ही सामने आएगा।


Raftar Today
Raftar Today

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button